अभिचार-नाशक मन्त्र
मन्त्रः- “काली-काली, महा-काली । ब्रह्मा की बेटी, इन्द्र की साली । दोनों हाथ बजावे ताली । हङ्किनी – डङ्किनी को भस्म करे । अल्लाह-बिसमिल्लाह को भस्म करे । नौ नाथ, चौरासी सिद्धों को भस्म करे । नौ नारसिंह, सोलह सींडुओं को भस्म करे । बावन वीर, चौंसठ योगिनी को भस्म करे । अस्सी मसान, नब्बे भैरों को भस्म करे । लगे लगाए को भस्म करे । भेजे-भेजाए को भस्म करे । चले काली का खण्डा, दुष्ट राक्षस को करे तबाह । जादू जन्त्र – मन्त्र – तन्त्र फूंक कर करे स्वाह ।। चले मन्त्र, फुरे वाचा । देखूं काली कलकत्तेवाली, तेरे इल्म चोट का तमाशा ।।”

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विधि – पहले नित्य धूप-दीप आदि से माँ काली की पूजा करे । पूजनोपरान्त उक्त मन्त्र का १००० ‘जप’ करे । जब मन्त्र सिद्ध हो जाए, तब पर-कृत यन्त्र मन्त्र तन्त्र को दूर करने के लिए जल, गण्डा, लौग, इलायची, विभूति अभिमन्त्रित करके पीड़ा-ग्रस्त व्यक्ति को दें । लाम होगा ।

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