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एक चमत्कारी प्रयोग
यह प्रयोग सिद्ध साधक द्वारा बताया हुआ है । प्रयोग तो चमत्कारी है ही, मन्त्र का स्वरूप भी विचित्र है । मन्त्र व उसके प्रयोग की विधि इस प्रकार है- –
vadicjagat
मन्त्रः- Content is available only for registered users. Please login or register विधिः- एक नई कब्र व एक पुरानी कब्र की थोड़ी-थोड़ी मिट्टी दोनो हाथों की मुट्ठियों में अलग-अलग लेकर बन्द कर लो । मन्त्र को ३३३ बार जप कर अलग-अलग दो थैलियों में दोनों मुट्ठियो की मिट्टी डाल दो । इन्हीं दोनों थैलियों में ३३३-३३३ उडद के साबूत दाने भी डालो । मन्त्र-सख्यां गिनने में त्रुटि सम्भव है । इसलिए उड़द के दानों से ही मन्त्र जप करे ।
यह प्रयोग तब किया जाता है, जब व्यक्ति समस्या-ग्रस्त होकर स्वय कोई निर्णय न ले सके । प्रयोग रात्रि के समय होगा । प्रयोग-कर्ता सोते समय उन दोनों थैलियों को सिरहाने रखे । इस प्रयोग के प्रभाव से समस्या-ग्रस्त व्यक्ति को सही मार्ग- दर्शन स्वप्न अथवा प्रत्यक्ष शक्ति के द्वारा चामत्कारिक ढङ्ग से होगा । कब्र की मिट्टी को अगले दिन कब्रिस्तान मे डाल देना चाहिए । यदि यह प्रयोग एक बार में सफल न हो, तो तीन बार करे ।

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