कण्ठवेल पीड़ा मुक्ति मन्त्र –

विधिः— किसी भी नवरात्रों में प्रतिदिन एक माला जप कर उपरोक्त मंत्र को सिद्ध करलें।
फिर आवश्यकता पड़ने पर रोगी को मोरपंख से झाड़ें । सोमवार से रविवार तक प्रतिदिन सात बार झाड़ देने से कण्ठवेल सूख जाती है और रोगी को पूर्ण लाभ मिलता है ।


मन्त्रः- “ओम नमो कण्ठवेल महावेल तुम दरद दियो अब हिलो चलो तुरतहि जाओ सात लोक सात समुन्दर पार जा के डूबो हमें बचाओ न जाओ तो बहत्तर हजार चमार की नाद में गिरो दुहाई बाबा शंकर की गौरा पार्वती की।”

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