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कामदेव अमोघ शस्त्र

मन्त्रः—

“ॐ नमो भगवते काम-देवाय श्रीं सर्व-जन-प्रियाय सर्व-जन-सम्मोहनाय ज्वल-ज्वल, प्रज्वल-प्रज्वल, हन-हन, वद-वद, तप-तप, सम्मोहय-सम्मोहय, सर्व-जनं मे वशं कुरु-कुरु स्वाहा।”

विधिः- उक्त मन्त्र का २१००० ‘जप’ करने से मन्त्र सिद्ध होता है । कुछ भिन्न मत में ८४००० ‘जप’ करने से मन्त्र सिद्ध होता है । अतः किसी भी एक संख्या को स्वीकृत कर जप कर पहले मन्त्र को सिद्ध करे । साथ ही मन्त्र-सिद्धि की पूर्णता के लिए दशांश ‘हवन-तर्पण-मार्जन-ब्रह्म-भोज’ इत्यादि भी करे । ‘जप’ के समय अनुष्ठान के अन्य सभी नियमों का पालन करे । बाद में नित्य कम-से-कम १ माला जप करे । इससे मन्त्र में चैतन्यता होगी और शुभ परिणाम मिलेंगे ।

Content is available only for registered users. Please login or register उक्त मन्त्र द्वारा साधक का बैरी भी मोहित होता है । यदि साधक शत्रु को लक्ष्य में रख कर नित्य ७ दिनों तक ३००० बार जप करे, तो उसका मोहन अवश्य होता है । साध्य दुष्ट या दुर्जन चाहे कितना भी हो, वह साधक को देखते ही उसके प्रति मान – सम्मान प्रगट करता है । दुष्ट लोग भी इसके द्वारा मोहित हो जाते हैं ।

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