बंगाल के सिद्ध मंत्र प्रयोग
काल विकाल बाण प्रयोग

इस प्रयोग को करते समय देवी घट स्थापन करें, उसमें देवी का आवाहन करें । कार्तिकेय, गणेश, शिव का पूजन भी करें । दिग्-रक्षण प्रयोग स्वयं का एवं अपने स्थान का करें, यदि अन्यत्र जाके प्रयोग कर रहे हैं तो साधक पहले अपने स्थान, परिवार व स्वयं का रक्षा प्रयोग करें, फिर जहां प्रयोग कर रहे हों, उस स्थान का बंधन करें । इसके पश्चात् प्रयोग करें ।
प्रयोग समय धूप, दीप, गुग्गुल या लोबान धूप करें । पीड़ित व्यक्ति को पास बैठाकर उसको इसका पाठ सुनायें व बीच-बीच में इस मन्त्र से जहां “फू” लिखा है उस समय फूंक मारे । इस बाण का प्रयोग किस-किस देवता पर कैसा होता है, वह मन्त्र का प्रभाव दर्शाता है ।

श्रीगणेशाय नमः । श्रीकृष्णाये नमः, श्रीधनवन्तरिये नमः, अनन्त कुमाराय नमः, अरु काल विकाल वान जेही वेला (जिस क्षण) गोहाई बैकुण्ठ आसाली बैकुण्ठत कत वही गेल तात पासे पुर्न्न (पुनः) आही पृथिवी हमीपे (समीपे) मन्त्र परीधो हाई धरे एक आता, हेक दिला आता है हूनिया पासै देवता गने आहिला (वान देवताओं के पास आया) लवरी किला भैल बुली पासे खेदिया (खदेड़ा) आहिल्या भयखाई गोहाई पासे अन्तध्यान भैला (भये) तात पासे देवतागने लोकक न देखी (इस मन्त्र के प्रभाव से देवता लोक में दिखाई नहीं दिये) आन थने सली गैला (अन्य स्थान चले गये) आपुनी आनी आनन्द करीला पासे हवे ओ आसइलै थानते आत गोहाई हाध्य पाती वाक लैला हरगौरीये स्वाहा, मधुहधात्र स्वहा, वेदाये स्वहा, प्रलये स्वहा, वावुए स्वहा, वरुनाये स्वहा, जुगसराये स्वहा, कूर्म रुपाये स्वहा, निजहस्ताये स्वहा, एही बुली जता आरंभिला (इस प्रकार आवाहन से प्रयोग आरम्भ किया) अनेक देवतार भाय गौहाई प्रिथवी देवाना मंत्रे रे बांधी थैला खं किरी फू फू सु सु रा रीं सिं सी थि आरु सं खं जे रं धि रु रु भां हुं लं विं विं फूं यं गं गं सिं हं हूं हूं सिसीय अं आं ता खं रिं रीं कू कू कां सवहा हाख सरीं हूं हूं हूं हं दिसं वं जं हूं के फी री दं नं लिलीया दं दं लं लं गं गं हवि हखां रुपलं तियं क्रै थं नम नं जिसी घु घू हं हं लि ली जमां रां रां एह सलिली परुवा फं फं भुं मूं हीं हीं नां कूं पां नि खं खं सुसुदि अं मसरं वितं वां जूं जं जुवा जुव लिं लीं लां ऐ ऐ लु लु धुनां ह ह ऐ ऐ हां वि वि कं सा सा यं धं धं हं हं हं हं हो हो हुं हुं स स वि वि वि हां रव रवं खीं कालं मिसारदं तूत दू हं ओं धं दि सु रु मुहुं सा सा सान्त कृता नहं नहं स्वहा स्वहा हा तो स्वाहा फू (फूंक मारे) ।
एही मन्त्र उचारीया पृथीवा खान बान्धीला फू (यह मन्त्र उच्चारण कर पृथ्वी क्षेत्र को बांध दिया) पासे पूजाकरी वाक लैला द्रव्यक गुसाईला (फिर पूजा द्रव्य मंगाये) मृग माह जोवा साउल केसा माल भोग फल पिलागुरी मिथै दिला (मालपुआ व अन्य भोग फल चढ़ाये) गंध धुपाये फूल पुष्प हेयम हमस्त आनीला व्रतकरी (गंध धूप फूल पुष्प समस्त लाकर व्रत किया) पूजात वहीला नतुन कला व्रत पीन्धीला आगत पातील पातर व्रत आनि नवीन आखत पातीला गुहाई वहीला तिल कूह औरे सावल दूवरी तुलही दुग्ध हवा को गोपई लैला (आंगन शुद्ध कर पत्ते बिछाये नये अक्षत दूध, दुर्वा तिलकूट्टा तिल चावल तुलसी इत्यादि चढ़ाये) उरहूते दिला आनि आनी स्याम रुपे काय पिला संद्र आदि सरी समस्त के दिला व्रत करी कालर नामे नाम दिला है काल विकाल र पूजा (इस तरह पूजा की, जिसका नाम काल-विकाल रखा) पृथ्वीवित थैला पूजा गोहाईर काल विकाल र पाहे (पास में) सली गैला एके निमीहेकगै (एक क्षण में) जमर भुवनक पाईला (यमराज के भवन में वाण चला गया) वही आसे काल विकाल दरीहन पाईला पासे काल विकाल तुती करी (फिर काल विकाल की स्तुती की) वाक लैला (फिर कहा) हे प्रभु तुमी रामसन्द्र तुमी अन्तरयामी मनुष्यर सेष्ठाक देखाई ले स्वामी कि कारने इतो पूजा करीला आमार मनुष्यक देखाईला ईतो व्यवाहार आदेख करीला गोहाई एखने सली जाओ आपनाक पूजा दिवाक लागे हासढर आस्त्रई आमार पूजा कैलो पूजाक प्रभु आपनार नारी के उसीत नर लोके करे पूजा ताहाक हमीपाओ एही मात काल विकाल तुती अनेक करीला कालविकाल उसीत गोहाई तुष्ट गोहाई वुली वसन हूना हूना काल विकाल पृथीविक सलीजोवा एतीक्षने मोहोर आदेहे एतिक्षने जोवा सली स्वर्ग मत्य पाताल आदि करी तिनिओ भुवन बांधी देवताक थैला बन्दी करी एही वुली गोहाये आदेह करीला तेतिक्षने कालविकाल पृथिवीक सलीगैला पासे देवता गनक भाग भागकरी बान्धी वाक लैला, कोनो देवताक धरी धरी बान्धी थैला बान्धोते बान्धोते तार नाथा किला थाई आंगल देवता गन भगीया पलाई हूं हूंकार सारीजा देवता माया सारी हूवार हूं हूंकार सारीजा लंकार पार नाहीवि आमुकार घरवारी हीमा हंसार (फूः) ।
ऐ ऐ रे देवतागण न पलाई केन एई मते जदि न पलाव कामाक्षा मावर माथ खाव पासे कालविकाल घोर री दिला पृथीवी हईते कंपीवाक लैला कतो एक देवतागने पलाई आन्तरीला कतो देवतागने जाईदार धरी हातो खान भुवन कंपीवाक लैला कतो देवतागने हागर तिरे स ली गैला ।
देखी लेक देवतागने हागर प्रलय हा तो हागरे हरे जय जय मान र र धौ उथील मच्छ मगर बान्धी वाल लागीला हागर पानी गै हमे परय वर वर जल जन्तु मूसरिया खाईला जलर जलमाया भागिया पलाईला पासे ताहार विपती देखीया देवतागन सलीगैला मेरुर हमीपे मेरुगीरी पलाईला गन्द गन्द हूया मेरु आकाहे उराया कतो कतो मेरु गन्द हागर परय वर वर मेरु गिरि भागीया परय तात पासे देवतागन पाताल सलीला पाताल नागगन भागीया पलाईला वासुकी पलाईला पलाईते थाई नाई पातालर वाहूकी कम्पे बहूमती आई खेत्र देवता कम्पे फाटादि पलाई नागगन कतेक पलाई कतो कतो रुधीर वही गैला कतो कतो नागगन मन्द सीगी गैला वाहूकीर ही हां हन खहीया परीला तातपासे देवगन लरी आहील पृथीवीत देखीला अद्भुत अमंगल, व्याधिकम आसे ताहातअ देखीला पृथीवित घोर आहूकाल पासे देखीला तहीत विदृत्य हंसारे घने घने हूं हूंकार घने घने विहत करे वर वर हमुद्र तोमार आमुकार (रोगी का नाम) ही तो मेघर गरजन विदूलीर हंसारे पृथीवित फातीय जाई देवगन भागीया पलाई वर वर विहंगन उजारी परम ताक वाजे लै जाई विख्य वन्धा आदीकरी हमस्ते जहरीला वायु आदीकरी, हमस्ते पलाईला अग्नी जुमाई जल हुकाई यही हम आकाहे उरय कतो कतो यही हवे आकाहा उरीते मापारे कोन कोन थाने गैया मरहपरी वर वर हस्तीगने पाती अमस दान्त निकटाई हींह बाध महीह वाराह आदि करी पृथीवि कंपीया आसे कार थरि नहीं भोरी हाते पासे देवगने सर्ग सली गैला वरभुत हर्गते देखीला आकारवत हून्य पासे हरग खने पासे कंपीधुरी वाक लैला आकाहर तारागन खहीया परीला इन्द्र आदि करी विस्मय माविला देवगन कमाति सलीवे लागीला आस्वहिया देवगन सली ओक बर्म्मार गोचर हेन हूनि बरम्भार निकले सलीगैला पासे देवगन बर्म्माक लुतीवानी करी वाक लैला ।
हे बर्म्मा ! हे विष्णु ! तुमी अधीकारी तिउनिओं लोकोक तुमी आसा रक्षाकरी एखने तोमार स्त्री सृ हव नष्ट भैला थाकीवे नोवारी पासे हवे ओ आहीला प्रलय कालत रुद्रे प्रजा हंहारय हेहीमते तोमार।
सीष्टि होय रक्षा करा बर्म्मा तुमी आयुनी आहीय आमार मृत्यु मिलील आहीया नतुना आमार मृत्यु मिलील आहीया हेन हूनि बर्म्मा देव वुलीला वसन हवे देवगन सलीओ एखन माहादेव रकासे जोवा हीघ्र करीं माहादेव राखी नेक प्रणनीत करी हेन हूनि देवगने केलाहे गैला कैलाह हहीते कंपीया आसीला उमा देवि हम निते माहादेव वही आसे तात पासे देवगन देखी तुती करी लन्त पासे रक्षा करा माहादेव तुमी तैलकर अधीकारी तुमी विन अन्य जने राखीव न पारे हेन महादेव वुलीला वसन काती गनपती हम सलीव एखन एही वुली माहादेव काती गनपती हमे आदेह करीला हवे देवगन सली गैला कालविकालर पूजा पातीला अनेक फल फूल आनि लेकसाई पीथा परमान दिलन्त हजाई घृतर वाती दिले गंध पुष्प धूप दीप और साउल द्रव्य व्रत करी हूल्क वष्ट गावर लैलन्त अनेक प्रकारे नाना द्रव्य दिला काती गनपती पूजात वहीला काल विकाल तुती करी ओ उसर्गा दिलन्त कालविकाले तुष्ट भैला पूजा पाई कालविकाल महारंग भैला देवताक राखी वाक उपाई करीला मंत्रपरी कालविकाल धेनु लैला हाते कालविकाल वान खान एरीदिला आकाहर पथे वान खन जाई पासे निजान करी हवे देवगने त्राहि त्राहि वुली पलाई वाक लैला पासे कालविकालर वान पाताले सली गैला पातालर नागगन बांधी वाक लैला तार पासे आही वान कैलाहे सलीला भूतप्रेत पीसांचगन हमस्तके बांधीय थैला तार पासे वानखान इन्द्रर भवने सलीला हर्गर देवताक बांधीया थैला सन्द्र हूर्य वाउ वरुन आदी करी बान्धीला तार पासे वान खान हागरे सलीला हातो खान हागर खलकि लागीला पासे हागरर माया देवगनक हमस्ते बान्धाली तार पासे वान खान मेरुत सलीला मेरुगिरी जत्य रख्य गनक बान्धी वाक लैला (फूः) पती हमे आदेश करीला तार पासे वान खान हहूरी दिहे गैला हहूरीक सारी देवगनक बान्धीवाक लैला दाईनि दाकिनी जोगिनी देव देविक साई खाईते आदीकरी बान्धी लैला तार कतो खेत्र पलाईला जाई ताक कालविकालर वान बान्धीला सकुपकाई कतो कतो खेत्रगन बोले आई वोपाई ।
ताक बान्धो कालविकालर वान मेराई मेराई कतो कतो खेत्रगन कैत्य जाई तो की करीवो कैत्य लेवो थाई कोन कोन खेत्र बोले ईहान हावर एरन न जाई एही घर खेत्रगने कातवाओ करी लाल मते बान्धी थैला तार पुर करी एईमते थाको परीमई बान्धो हमस्तके एक थाई करी एही मते कालविकालर वान खान सलीया आहीला काल विकाल पासे पिस्ती पाईला लालकरी एक हूं हूंकार हवदे वान आहीलाल वरी पासे कालविकाल बोलन्त हादरी तार पासे कालविकाले बूलीला वसन सलीजुवा वान पृथीवी भुवन हमीदिवो पिथागुरी तोक लागी सला आठ पृथीवित जत पवा हवाको खाईवा सली जोवा एतीक्षने हूनि वान खान उलाह करीला हवे देवताक खाओ वुली आनन्दकरीला पासे काल विकाले मन्त्रक परीला देवताक थाने थाने बन्दी करी थैला (फूः) क्ष सि सी अं थं मुं भुं हूं हूं आलं कं कं सु सु रि वितं तं हैला हूं खालं को पेतोव सि सी ऐ कि कि ऐं द स्त्रा दासरु हूतं दू दू प्रेतं हूं किलं ससक्र हधवं खं खं प काय रि री धरं ओं रां तोरा गुओ अं ली सं सं राव मारो आ स सं लिं सं वहं वहं के के ओं ओं हूरीत्य मदकं आहोद विहाद देहर परसय बम्मार जत्यय हीधरी विमय रुद्रय हरय प्रलय करय प्रहार स्वहा स्वहा (फूः) ।
दखीनक मारो तईया वान दखीनक देवताक बंधी धरीआन, पसीमक मारो कालविकाल वान पसीमर देवताक बान्धी धरी आन, मारो वान उत्तरे जाई जमर भुवन देवता धरी धरी खाओ जजावन तई पूर्वे सलीजा पूर्व दिहर देव हव आपूनी धरी धरीखा मारो वान ऐहाने सलीज ऐहानर देवता धरी धरीखा, नैरीते मारोवान हीघ्र सलीयाजा नैरीतर देवताक धरी धरी आन आग्नीये जावान तई अग्नीर देवताक धरी धरीखा वायुपे मारो वान कालविकालर वान वायुर देवताक करो खान खान अर्द्धे मारो कालविकालर वान अर्द्धे देवताक करो खान खान आकाहे मारो कालविकालर वान आकाह देव करो खान खान पाताले मारो काल विकालर वान पातालर देवताक करो खान खान मारो वान कैलाहे जा कैलाहर देवताक धरी धरीखा जा वान हर्गे सलीजा हर्गर देवताक काती काती खा मारो वान देवतार गाते होमाई जा दह देवतार गात हौमाईगै मारीलो कालविकालर वान कोनो कोनो देवतार नाही के परीत्रान पासे वान खान वायु वेगे सलीगैला खेत्र देवताक बान्धी वाक लैला ।
प्रथमते बान्धी वाक लैला खत्रर वान खेत्रर वान बान्धी करीला निजनि आरु क्षेत्रवान बान्धी करीला निजनि आरु क्षेत्रवान बान्धी करीला खान सं देवता खेत्रक बान्धो साई देव खेत्रक बान्धो अगाई देव खेत्रक बान्धो वगरा देव खेत्रक बांधो राजदेव खेत्रक बांधो पराई देव खेत्रक बांधो जुनि देव खेत्रक बांधो वर देउ खेत्रक बांधो हरुदेव खेत्रक बांधो हेंगादेव खेत्रक बांधो सन्दादेव खेत्रक बांधो सुजीदेव खेत्रक बांधो धुख्यदेव खेत्रक बांधो धुलीदेव खेत्रक बांधो मायादेव खेत्रक बांधो सुलीदेव खेत्रक बांधो वोन्दादेव खेत्रक बांधो सन्दादेव खेत्रक बांधो सोवदेव खेत्रक बांधो वेतमेलादेव खेत्रक बांधो सलनादेव खेत्रक बांधो तेपिओदेव खेत्रक बांधो नमोवादेव खेत्रक बांधो कहूवादेव खेत्रक बांधो रजतादेव खेत्रक बांधो दिमादेव खेत्रक बांधो हस्तति दुरुवादेव खेत्रक बांधो ओमादेव खेत्रक बांधो ऐसरदेव खेत्रक बांधो ऐलरदेव खेत्रक बांधो औंगादेव खेत्रक बांधो औं जुतीदेव खेत्रक बांधो ऐकिजादेव खेत्रक बांधो उसातदेव खेत्रक बांधो उकालदेव खेत्रक बांधो उलख मेवापा देव खेत्रक बांधो उदादेव खेत्रक बांधो कसोवा देव खेत्रक बांधो उहदेव खेत्रक बांधो ओसर देव खेत्रक बांधो उसा देव खेत्रक बांधो उदूदेव खेत्रक बांधो उत्तमदेव खेत्रक बांधो ।
कंपोवादेव खेत्रक बांधो कहादेव खेत्रक बांधो कलादेव खेत्रक बांधो फूलादेव खेत्रक बांधो कसारीदेव खेत्रक बांधो कमारीदेव खेत्रक बांधो मुरारीदेव खेत्रक बांधो मासुवाईदेव खेत्रक बांधो कटा देव खेत्रक बांधो कसोवा देव खेत्रक बांधो कमला देव खेत्रक बांधो धरा देव खेत्रक बांधो धुमति देव खेत्रक बांधो घने घने पानीखुवा देव खेत्रक बांधो पहुवा देव खेत्रक बांधो घमुवा देव खेत्रक बांधो खहा देव खेत्रक बांधो घटमतीया देव खेत्रक बांधो कोवोवा देव खेत्रक बांधो गोरखोवा देव खेत्रक बांधो गोधा देव खेत्रक बांधो गोजोरा देव खेत्रक बांधो गोवर पेलोवा देव खेत्रक बांधो गाव गाव देव खेत्रक बांधो गुछोवा देव खेत्रक बांधो गुरीया देव खेत्रक बांधो गहीन देव खेत्रक बांधो गरखिया देव खेत्रक बांधो गपोवा देव खेत्रक बांधो खामोसा देव खेत्रक बांधो खुन्दामरा देव खेत्रक बांधो खटमतीया देव खेत्रक बांधो खहूवा देव खेत्रक बांधो खतिया देव खेत्रक बांधो जाती देव खेत्रक बांधो जहरा देव खेत्रक बांधो राजा देव खेत्रक बांधो जलजतीया देव खेत्रक बांधो सराई देव खेत्रक बांधो जम देव खेत्रक बांधो जालोवा देव खेत्रक बांधो जजा देव खेत्रक बांधो जुम जुमी करा देव खेत्रक बांधो नतुवा देव खेत्रक बांधो लतुवा देव खेत्रक बांधो वासनि देव खेत्रक बांधो नमता देव खेत्रक बांधो नामलोवा देव खेत्रक बांधो निवोसाया देव खेत्रक बांधो निमता देव खेत्रक बांधो भंगा देव खेत्रक बांधो निमाती देव खेत्रक बांधो नदीयाल देव खेत्रक बांधो नामगोवा देव खेत्रक बांधो मदाही देव खेत्रक बांधो मस्ता देव खेत्रक बांधो महीलीया देव (फूः) ।
खेत्रक बांधो मलमली देव खेत्रक बांधो मिलीका देव खेत्रक बांधो मकरा देव खेत्रक बांधो मरकूसी देव खेत्रक बांधो माया देव खेत्रक बांधो नमता देव खेत्रक बांधो वेंगरा देव खेत्रक बांधो पोरा देव खेत्रक बांधो फें फें फें पसादिया देव खेत्रक बांधो पलरीया देव खेत्रक बांधो परुवा देव खेत्रक बांधो मलुवा देव खेत्रक बांधो परुवा देव खेत्रक बांधो कम्पा देव खेत्रक बांधो परी देव खेत्रक बांधो घेनकरा देव खेत्रक बांधो पसादिया देव खेत्रक बांधो परुवा देव खेत्रक बांधो यमा देव खेत्रक बांधो पलया देव खेत्रक बांधो जिलवा देव खेत्रक बांधो पिपरा देव खेत्रक बांधो करी देव खेत्रक बांधो फतफतीया देव खेत्रक बांधो कता देव खेत्रक बांधो केसा देव खेत्रक बांधो कदूली देव खेत्रक बांधो केसुवा देव खेत्रक बांधो फिताही देव खेत्रक बांधो फेरेका देव खेत्रक बांधो फेसा देव खेत्रक बांधो कला देव खेत्रक बांधो फूर फूतिया देव खेत्रक बांधो हाहीनि देव खेत्रक बांधो हाहा देव खेत्रक बांधो हूतहूतिया देव खेत्रक बांधो हेसा देव खेत्रक बांधो हामीया देव खेत्रक बांधो हासीया देव खेत्रक बांधो हलिया देव खेत्रक बांधो हातबोवा देव खेत्रक बांधो हालवेवा देव खेत्रक बांधो हाई देव खेत्रक बांधो ।
हूकीया देव खेत्रक बांधो हना देव खेत्रक बांधो हरीपाल देव खेत्रक बांधो हेकेतिया देव खेत्रक बांधो हाहूमीया देव खेत्रक बांधो धोलवोवा देव खेत्रक बांधो हारहरी देव खेत्रक बांधो हूमहूमीया देव खेत्रक बांधो हालोवा देव खेत्रक बांधो हवय देव खेत्रक बांधो ‘हर वेटा हर रुगीयार गावर मत हतर एरीया जा पर मोर वसन लरसर कर देवीर माथा खान खाह महादेवर जन्तत पाओ मलस बर्म्मार सक्रत परीमर देवीर हूनत घर हूद्रसन सक्रत परीमर’ (फूः)
(हे प्रेत ! रोगी के शरीर को नुकसान मत पहुंचा अन्य स्थान पर जा यदि मेरा वचन नहीं माने तो देवी का माथा खावे महादेव के अस्त्र व ब्रह्मास्त्र की मार पड़े देवी के सुदर्शन चक्र का तुझ पर प्रहार होवे)
‘सतजनी गरभावती वधकर हूं हूं हूं कार सारीजा लंकार पार हूं हूं उं प्रजर फूं कां हूं हूं श्री गुरुर पाओ हूं हूंकार सारी जा लंकार पार नाहीवि आमुकार घरवारी हीमा हंसार’ (फूः)
(यदि मेरा वचन नहीं माने तो सात गर्भवती स्त्री की हत्या का पाप लगे, गुरु का आदेश है, हे प्रेत ! तू लंका के पार चला जा मैं अमुक रोगी के घर परिवार व सीमा का बंधन करता हूं । प्रयोग की शक्ति के अनुसार गर्भवती स्त्री के घर में प्रयोग नहीं करें अथवा प्रयोग समय गर्भवती स्त्री प्रयोग के सामने नहीं आवे । गर्भवती स्त्री व परिवार का रक्षाकर्म पहले करे फिर प्रयोग करे।)
‘जदी आकुताई ओसर सापी काल विकालर वाने पलाम काती हर वरे हर अमुकारगाव रंद एरीया पर’ (फूः)
खेत्रर माया भाती दिया जाईवि नाहीवि तई ओसर सापी घरर खानी हानी अती अद्भुत होनर मारली रुपर रुवा हीरा मुकतार खेर तमाल काह पितलर कापी कामी घरखानी हाजी मई आसो साई देवतार माया भागीया पलाई ।
” अरे अरे यख्य जाती जानो जनम जाती तई नाथा कीवि रोगीर घरे एक राती कालविकालर कथा हूनिले भागीया पलाईवि भागीन पलाई थकी रई कालविकाल तोक खावगै” ।
जैते तई कालविकालर कथा तात तात नाथा कीवि रई बेटा कालविकालर हूं हूंकार जिपी ने जाई आसोक मनुष्य देवतार लागे भय, रामर हूं हूंकार जिपी ने जाई हकलो देवता भगीया पलाई मोर कालविकालर वान जिपी ने जाई “तृदह कूटि देवता (तैंतीस करोड़ देवता)” भागीया पलाई कालविकालर वान जिपी ने जाई दैत्य दानव पलाई ।
घर बांधो दूवार बांधो सोताल बांधो बांधु लोहार हेंगेंरा पदूली बांधो वारी बांधो जपना बांधो वाट बांधो नागला बांधो जां बांधो मारली बांधो बांधो आखलर बांधो सुरु मारक बांधो वापरेक बांधू गोहालीर गोरु रुवा बांधो मारली बांधो बेरा (कुआ) बांधो साल बांधो कामी बांधो गाठा बांधो बांधो घरर खेर घरर सारी कोना बांधो बांधो सोतालर धुलीसारी मारीलु सारी देवतार माया पलाईतो काति नाहावि देवता ओसर सापी आकाहे बांधो पाताले बांधो पूर्वे बांधो पहीमे बांधो उतरे बांधो दखीने बांधो अर्द्धे बांधो उर्द्धे बांधो बान्धीलो दह दिह बांधीलो, देवता आवे करीवि किह तृदह कूटि देवता तुमी माखी बांधीलो देवता थाई हाख़ी हैवा बहूमति आई श्री हंकरक (शंकर को) नमस्कार करो हीतागोहानि को (सीता सती को) नमस्कार करो श्रीराम को नमस्कार करो सन्द्र हाखी (चन्द्र साक्षी) हूर्य हाखी हाखी हैवा बहूमति आई बांधीला देवता नेकान्दीवि तई मोर मुख लैसाई “तई थाक धरनित परी मई” ।
आहो गुरु हेवा करी बांधीलो देवता दहनला आदीकरी मारीलो श्री लख्यर साती दीलो देवता तोक अजर गाथी हारे मगजुवे धरीवि आती एह सन्द्र पराकहे सन्द्रक बांधो दहनारी आदी करी हारे हारे बांधो साले साले बांधो नारीये मगजुवे बांधो दहनारि बांधो सैध्यखन दूवार बांधो लोमे लोमे बांधो हारे मगजुवे बांधो ते जे मोहे धरीवि आती देवता पलाई वाक न पाई लेक गाथी ‘मकरा जालत करीली बन्दी’ । मरीलो वान देवताक पोरो हीतो देवताई नामकरी काकुति करे गाव भैला तार सेंसा पोरा सक्षु भैला जेन तार हालदिय हात भरी लरीते सरीते न पारी हीता हीदत परीथाक कि खाओ कि खाओ खाओ व ओ वाते मारो घरवुली हीतो काकुती करय एरीदिया वाय गुरु खाओ गुसी जावो नामारीवा वाय गुरु न करी वाहास्ती एरीलो होई हांक वुलीलो होवानी हले हले एही वुली देवतागने एरी गुसी गैला ‘अमुकार हरिर (अमुक रोगी के शरीर का) पानी जेन भैला पृथीवि गंगा क बांधो अहीनिकुमार क बांधो माया प्रेत क बांधो मांखे बांधो मध्य बांधो पूर्वे बांधो सन्द्रहूर्य दखिने बांधो जम कुबेर क उत्तरे बांधो जमर दूवार पसीमें बांधो गुलै कुबेर क अर्द्धे बांधो उर्द्धे बांधो वायू क बांधो अग्नीत्र बांधो एहाने बांधो नैरीते बांधो, बांधो परवत हाल आकाहे बांधो पाताले बांधो, बांधो आथ (आठ) कोना दिह बांध आथ अपेसुरी आताले बांधो पाताले बांधो, बांधो सौद्ध ताल हर्गे बांधो मध्य बांधो, बांधो दहो दिह सौ कूना बान्धी करीली बन्दी माया पलाई वार ‘ना पालाउ हन्धी जदी काल विकालर वाम क्रोधे जली जाई’ ।
बर्म्मा विष्णु आदी करी एरन न जाई हरमाया हर पाताते हर मारीलो माया एरीया पर अरे अरे माया तोर जानो जनम जाती मोहोर कथा हूनिले तई नाथाकीवि एक राती कोन माया तई हू न कान पाती तई काह माया क बांधो धुगुवा मायाक बांधो ।
(आगे सब देवता, जीव-जन्तु की माया को बाँधने का वर्णन है)
साग माया क बांधो उतर माया क बांधो, हरन माया क बांधो, पुरन माया क बांधो, पिराली माया क बांधो, लाओ माया क बांधो, कामोरा माया क बांधो, सन्द्र माया क बांधो, हञर्य माया क बांधो, इन्द्र माया क बांधो, अपेस्वरी माया क बांधो, वायू माया क बांधो, वरुन माया क बांधो, कुबेर माया क बांधो, अग्नि माया क बांधो, ब्रम्म माया क बांधो, पानीया माया क बांधो, धिपिनी माया क बांधो, धेपि माया क बांधो, दाह माया क बांधो, दह माया क बांधो, दहखान माया क बांधो, जुपी माया क बांधो, धलीमाया क बांधो, उरुवा माया क बांधो, पाद माया क बांधो, कतिका माया क बांधो, वाहन माया क बांधो, दहन माया क बांधो, धोना माया क बांधो, पलरीया माया क बांधो, पतेवलि माया क बांधो, विलधरीया माया क बांधो, सेक सेकिया माया क बांधो, भेलेंगा माया क बांधो, खारोके माया क बांधो, ककुरा माया क बांधो, कपतिया माया क बांधो, बांधो हकति माया क बांधो, रं माया क बांधो, केतुवा माया क बांधो ।
नतं खेत्र माया क बांधो, अकल हरीया खेत्र माया क बांधो, हाहन हलीया माया क बांधो, मीमुल माया क बांधो, गाहरी माया क बांधो, जल माया क बांधो, गाहार माया क बांधो, जम माया क बांधो, हूर्ज माया क बांधो, मांह माया क बांधो, हागर माया क बांधो, हर्ग माया क बांधो, मेघ माया क बांधो, विख माया क बांधो, कपनि माया क बांधो, परवत माया क बांधो, साली माया क बांधो, जल माया क बांधो, सिलनि माया क बांधो, फेंसा माया क बांधो, कूकूर माया क बांधो, धनु माया क बांधो, ढोप माया क बांधो, फूरनि माया क बांधो, श्री री माया क बांधो, आर्ख माया क बांधो, हाखी माया क बांधो, गोहानी माया क बांधो, खर्ग माया क बांधो, सुली माया क बांधो, मनुष्य माया क बांधो, अकाम सुरीया माया क बांधो, मृग माया क बांधो, फूरा माया क बांधो, काजली माया क बांधो, विंही माया क बांधो, अहारी माया क बांधो, दाह माया क बांधो, कामरी माया क बांधो, हाहीनि माया क बांधो, दाहिनि माया क बांधो, हागर माया क बांधो, कूकूरा माया क बांधो, भूतनि माया क बांधो, डाकिनी माया क बांधो, शाकिनी माया क बांधो, श्रीगुवा माया क बांधो, हालधी माया क बांधो, पानी खोवा माया क बांधो, मुडूवा माया क बांधो, साग माया क बांधो, निगनी माया क बांधो, पृथीविर माया क बांधो, जेथी माया क बांधो, नाहापिया माया क बांधो, नति माया क बांधो, ससहानी माया क बांधो, गुजुवा माया क बांधो, भोवोकि माया क बांधो, गान्धी माया क बांधो, जख्य माया क बांधो, गरभ माया क बांधो, विता माया क बांधो, जोख माया क बांधो, लाथी माया क बांधो ।
धोरा माया क बांधो, कपोवा माया क बांधो, कलह माया क बांधो, गरु माया क बांधो, पृथीविर माया क बांधो, महमाया क बांधो, विसनि माया क बांधो, साक्षू माया क बांधो, कास माया क बांधो, प्रेत माया क बांधो, भूत माया क बांधो, ब्रह्म-राक्षस माया क बांधो, जिन्द माया क बांधो, वेताल माया क बांधो, पीर माया क बांधो, पैगम्बर माया क बांधो, मसान माया क बांधो, कब्र माया क बांधो, परी माया क बांधो, शैतान माया क बांधो, जादू माया क बांधो, मूठ माया क बांधो, पुतल माया क बांधो, जोगिनी माया क बांधो, भैरों माया क बांधो, काली माया क बांधो, चोर माया क बांधो, अघोर माया क बांधो, मंत्र माया क बांधो, तंत्र माया क बांधो, यंत्र माया क बांधो, शाबर माया क बांधो, सिद्ध माया क बांधो, कुग्यान माया क बांधो, नाथ माया क बांधो, गुरु माया क बांधो, शबद माया क बांधो, ब्रह्म माया क बांधो ।
घीत माया क बांधो, रकानी माया क बांधो, रोपनिया माया क बांधो, रुगीया माया क बांधो, चौरासीवाय व्याधि माया क बांधो, घमु माया क बांधो, भालुक माया क बांधो, हीं हा माया क बांधो, बान्धीलो सौखस्ती देवतार माया न करीवि उजनी भाती भात्री मारीलो वान देवतागनक मानी लुमर देवतागन हानीलो हर होमर गीरे पीन्थीया हर होमाई धाकीला देवताके धाई परी पलाई देवता भागी भागी जाई मारीलो वान मनत माहा रागी मारीलो कालविकालर वान देवतार भितर होमाई होमाई ‘पर जदी माया लरसर कर कामाक्षा देवी र माथा खाह्व महादेवर जन्ता सीं हूं हूंकार सारीजा लंकार पार नाहाईवि रुगीयार घरवारी हीमा हंसार’ (फूः) ।
मारोवान आकाहे साई देवता हव भागायी पलाई देवतार ठाई ‘कालविकालर वाने एरन ने जाई मेरु गीरी उलति परे ते ओं कालविकालर गाथी न लरे हातखन हागर जलदी उलति वही तवेहे कालविकालर गाथी न लरे हात खान हागर जल्दी उलति वही तेवे हे काल विकालर गाथी लोराई हातदीन हात राती भूमी कम्प जाई ।’
तेवेह कालविकालर गाथी नोमा को लाई जलकरतिर मेले जेवे कालविकालर वानर गाथी ने मेले जेवे वाजाम्प करती ओपरे वनाई तेवे वानर गाथी विसारी न पाई तेवे कोनो वैदवे मेलीव ने वारी ‘जदी लरसर गाथी खुलीया जाय हात खान हागर खलक लगाई’
कालविकालर गाथी जाई देवता हवे ताहार मांह सींगी कालविकालर वान जाई धरे पासे तार घर गाथी सीगीया परे मार वापेर माथा कातिया सलवान सलवान त्रीदह कोटि देवतार गावे हीघ्रकरी सल हीघ्र वेगेवान पृथीवि ना रहे जेवे देवतागन सैदधा पोरा भैल पृथीवित परी केंकाई वाक लीला सक्षु आदी पासे विवर्न भैला मुण्ड सीगी गौला माया पलाई वे लैला तृदह कोटि देवतार कालविकालर वाने माया नाथा कीला केतु मंत्र क हूनि दरे पलाईला तृदह कुति देवतार वान लागे वानर कथा हूनि देवता भागे पृथिवी मेरु मण्डल लार तृदह कोटि देवतार गात जरे जरीहीवे मारो वान देव हव पलाईला आन्तरी वराहवान मारो पलाई दूरे धुलीवान मारो पलाई दूरे कालविकाल वान मारो सक्षु मोनि साई अरुवान मारो जदी प्रान मरी जाई जदि प्रानत आहा वोर त्रतिक्षने भागी पलाओ हर्तर मई वान उसारन करो तृदह रीदयत मारीलो वर खंकरी रन्द भन्द वान हानी लो जाई अवे बेटा तई थाक दान्त निकटाई जवे अन्तरी न जावो नई वान्दीर भरी साल खाव तई वारनि कोव खाई दान्त कामरदू कि करीते पारे तई वापेरर हकति घने घने काम्पे खेकताई पोरावान मारो दह नारीत लाग एकवान मारो तेज मांस मगजुत लाग मारी लो वान न करीवि उजनि भाति मई पलाओ तोक मुण्ड काति तई कर धर कर मई मारो तोर गालत धर काल विकालर वान हानी करीवो साई भयत देवतागन कंपीया पलाई तारे हृदयत मारो वान आं थां करी थाकीला देवता निसल परी देवतार गावत हानो काल विकालर वान पाओ थां करो हवदे मेदिनि दीला फात कालविकालर वान जत दूरे जाई देवता आदी मन्दर आदि परीजाई ।
वर देवता सेंसा पोरा भैला लोरीव सरीव नोवारी ही तो पृथीवित परीवैला रीदयत हानीलो वान वर खं कारी थाकिला देवत धरे धरे परीय निही निलो कालविकालर वान पलाई देवतागन आपुनार स्ठान संसले मारीलो वान देवतार थाई देखी वेता भागीया पलाई आकाहर देवता भागीया पालईया कालविकालर वान खेदिया गैला अरुवान मारो प्रान जा ओक मरी अरु वान मारो हुं हूंकार करी देवतागन भागीया पलाई लवरे आगत कत कतो हारे जाई हीतो उलती पासका नासाई कतो देवताई पलाई धरामुरी खाई कतो कतो देवताई बोले त्राही त्राही हरि हरि एही वुली देवतागन थाने थाने रुगी से रोगा पूर्वा अत भैला हूं हूंकार सारीजा लंकार पार नाहाईवि अमुकार घरवारी हीमा हंसार (फूः)
आं आं सं सं छूं छूं छूं छूं लं लं हं सविओ हर्ग वि वि आगर हं हं टं टं हं हं सं सं अं अं ऐं ऐं पोप खर्ग खाओ गु गु (फूः) ।
कालविकालर वाने मंत्रे रे करी वो हमापत रुगीर घरत नाथा किवि एक राती जदी आही उसररापी कालविकाल वान मारीलो दाती कैर परा आहीस जानो जन्म जाती कोन कोन सामन भैली उतपती मनुष्यर गाओत आहीलो कोन देवता जाती अरे सामान बांधो तोक थाक परींार वापरे हकलो आसे गोट खाई निमता सामोनक बांधो मय सामोनक बांधो सकुमेला सामोनक बांधो हालोवा सामोनक बांधो उतिया सामोनक बांधो रंगा सामोनक बांधो कुकुरखोवा सामोनक बांधो सागधर सामोनक बांधो उकिया सामोनक बांधो खोरा सामोनक बांधो राओदिय सामोनक बांधो एहूतिया सामोनक बांधो मिहूका सामोनक बांधो लरधरासा सामोनक बांधो सक्षुमेला सामोनक बांधो मिली सामोनक बांधो हरीया सामोनक बांधो वोजोर सामोनक बांधो कम्पा सामोनक बांधो परिदीया सामोनक बांधो नतुवा सामोनक बांधो ह हां सामोनक बांधो भरा सामोनक बांधो लुकूवा सामोनक बांधो भेह धरा सामोनक बांधो मदहीसा सामोनक बांधो पानीखोवा सामोनक बांधो तेजखोवा सामोनक बांधो हगुरा सामोनक बांधो घुटुवा सामोनक बांधो भेलेंगा सामोनक बांधो लुकी सामोनक बांधो पुजाखोवा सामोनक बांधो कलीया सामोनक बांधो भोमोरा सामोनक बांधो क्रक्ररा सामोनक बांधो केकेवा सामोनक बांधो ।
केकोवा सामोनक बांधो नेतसोवा सामोनक बांधो खरीफला सामोनक बांधो फालेगी सामोनक बांधो तामोल खुवा सामोनक बांधो क्रफुवा सामोनक बांधो खरीस सामोनक बांधो वात सोवा सामोनक बांधो नंगला सामोनक बांधो लोभ भंगा सामोनक बांधो भंग खोवा सामोनक बांधो एडमरा सामोनक बांधो रान्दनि सामोनक बांधो तरनि सामोनक बांधो केकेरा सामोनक बांधो सक्षुरंगा सामोनक बांधो गगरी सामोनक बांधो बान्धु सामोनक सक्षु पकाई वान र साटत प्रान सरी जाई केने के थाकीया केले आई वो पाई पासे काल विकाल सक्षु मेली साई तानकरी वान पासे मारी वाक लैला सामोनर नावो पासे सेंसापोरा भैला कतो वेली सामीने पासे मने गुनि साईला कैर परा आहीली तई मोक लोग पाईला एहीमते सामीने पासे आल हीवे लैला वलट प्रतापे हवि कण्डीवाक लैला नीज मुर्ती धरी धरी हीतो करी वाक लैला नामारीव वा गुरुवाय न करीवा हस्वी हर्वदाये थाकी वो तोमार आज्ञा पाली हेन हूनि काल विकालर भैला कूवा एक मनक करी ताक निलाधरी हवेहा मोनक दिला एक एक कथा करी सामोनक साई वुलीला वसन (फूः) ।
हवे ओ मालीया हाजी ओं हाजीलेक घरखान आती भयंकर देखीते हून्दर खेतीपाती आदीकरी हमस्ते करी दीला अनके जतने पासे हाजी लाग्रहीक हाजीला काल विकाले ग्रहि जेन भैला खेति करी वाक हवा के आदे हीला लरा बुरा आदीकरी हमस्ते लरीला कोर धरी हरवाई करीला धान दाई आनी पासे मराल बान्धीला पासे सामोक हाते भात करन्धाईला कतो कतो सामोनक धानक वलाईला कतो कतो सामोने गोवर पलाईला अरु कतो ससामोनक लपार धोवाईला अरु कतो सामोनक पानी अनवाई ला कतो कतो सामोनक गाधु उव लैला कतो कतो सामोनक गरखीया लैला अरु कतो सामोनक लगुवा लैला कतो सामोनक दोला भारी लैला आरु कतो सामोनक सुवा पेलो आईला एहीमते सामोनक वर दूखदीला पासे सामोने अनेक तुती करी वाक लैला ।
पासे काल विकाले हाध्य पातीला हवा के आदेह करीला एक ग्रीहक हजाईला औसरत एक पुखुरी खनाईला तात वही कालविकाले पूजा क पातीला पिथा परमान फूल आखै गुरी कराई आनी लेक हारी हारी करी हालधीया वस्त्र आनिला सरीखन रंगा बंगा नोमर आसनत पहीला ध्यानकरी पात पत्र आनीला आखन पातीवा दूर्वा तुलसी आनिलेक साई व्रतकरी पुजात वहीला घृतर वाती लगाई एक हत पुजार माल आनी थैला ।
आगत पूजा भांगी दिला पासे रतिर मध्यत हात दिला पूजा करीला दिन राती पूजा हहहाने हाध्य करीला एहीमते पूजा जितो वैक्ष्य दिव पारे तो तोई नाथा कीवि तार घरे मनुष्यार हाध्य ईतो कोने करी वाक पारे धनि निधनि हव करी साई साई पूरी वितई पूजा ना पाई अनाहार भैलि परीवि एक जने मोर नथा हूनि पुताई उथी दि दिखलवर सामोनर पुजा जतो नरे करे तार धरे सामोनथा कीवि आसी तार आज्ञा पाली ।
थाक जितो कोने करी पारे तार वापेरह कति एहि वुली कालविकाल आदेह करीला आपन आपन थाने सली गैला ।
काल विकालर पूजा पृथीवित रैला खुं खुं लुं लुं नामाति ऐ ऐ थाकीला वृं वृं रान्धीली नागली खं खं या ये ओं ओं हूं हूं सुं सुं रुं रुं ऐं ऐं हीं हीं असला ईं ईं रं रं ऐं ऐं तु तु कां नो नो मि रं ऐ ऐ सपना अं अं आना सं रं ऐं ऐं कादनि तिति सरारीं ऐ ऐ वालय तं तं रातोल ऐ ऐ परा हूं हूं कामिनी ओफोन्दोवा ओं ओं दलति ऐ ऐ कपीली वीं विं पतालि ऐ ऐ खाईति खीं खीं मदाही ऐ ऐ वल ली घों घों सलनि ऐं ऐं नासनि हों हों आही सील ऐ ऐ सापनि दूं दूं जं जं वेगते ऐ ऐ उजनि नं नं धरीवि ऐ ऐ कान्दनि मों मों देखीवि ऐ ऐ जुतली गं गं फं हाधनि (फूः) ऐ ऐ कान वनति कं फं भूलते ऐ ऐ पिविक पं पं वताही ऐ ऐ उमनि हीं हीं कापरी ऐ ऐ हमनि लुं लुं पाननि ऐ ऐ माती ली धुं धुं धामनि ऐ ऐ गोतिसी तुं तुं जासी तोई ऐ ऐ रातिते मुं मुं भीराली ऐ ऐ गोतोते खुं खुं उथीली ऐ ऐ वायी ही जुं जुं आसीली ऐ ऐ धोवाली ओं ओं पुजाइति ऐ ऐ दलनि हूं हूं खाली ही ऐ ऐ जापरी नं नं नोमाली ऐ ऐ थाकिली वुं वुं राधीली ऐ ऐ नगली खुं खुं जुतली ऐ ऐ वेतिया मीं मीं धरीली ऐ ऐ वितली दं दं मारीली ऐ ऐ सजति कूं कूं परीलि ऐ ऐ किसाई थं थं फूकी ली ऐ ऐ हीद्धेरे ये नं कुतुली ऐ ऐ सलनि सुं सुं तलते ऐ ऐ आसीली रीं रीं कामुरी ऐ ऐ आंगुली दूं दूं एवाही ऐ ऐ नोवार जीं जीं हारीली ऐ ऐ उरीवि पां पां सोलत ऐ ऐ सारी तिं तिं माहगोतकराई ऐ ऐ देखी ली हीं हीं सक्राति ऐं ऐं फतिकी हूं हूं तोहते ऐ ऐ युकूर कं कं हातरे ऐ ऐ जुइते घुं घुं परीवि ऐ ऐ तेज खाई ति गं गं गाई लिस ऐ से दवाई सूं सूं हापति ऐ ऐ नागोनि विं विं मायाते ऐ ऐ सायाने हूं हूं थानादि ऐ ऐ मद्रक कीं कीं धराली ऐं ऐं वन्दीते रुं रं दीधली ऐ ऐ लुकाली कूं कूं आपति ऐ ऐ मसारी तं तं हमान ऐ ऐ नासनि वं वं अमान ऐ ऐ खुसली रां रां एकले ऐ ऐ सावी तोई खं खं महीलिया ऐ ऐ जेवुरी तं तं बांधते ऐ ऐ परीली तं तं मार्तपिता करीवी वर्न मून्डी धरी बांधीला हाहन हालीत भग धरी वं वं हूं हूं काको ओं ओं जालपाती धरीलो तोक रु रु औ लो उली सी सी हाट बार प्रनाम करीला सेगे साई धरीली तई हाटे बांधो तोक ईस्वर क हंपाकरी हां हां मुकीते सीरी एक मारी गाही गैल गेही आरुवान मारो मई प्रान जाओ कमरी कू कू ई ई लृ लृ आरुवान मारो मई कर आंगी भांगी तितिसी समका दमका कतो वान हह तई वेटा सार हीया लुं लुं एरीया पला वेटा रुगीयारगाओ खीगी आगया मी मी तोर जन्म कथा हून हूना दूहं मी मी आय आय आस्तरी जाती आव सार वां मो मो भाल मन्द न वा ।
सी ली सीद्र तई न पाईली ही खं कू कू खू वाई वो तोक वानी गुलैनक थाक पृथीवित परी हूं हूं अंपाली लो मोहय साल खुवाम तोक कितं खी खी मद खाई ली हूकति खाली हू हं तत वन्दी खीनिये को वाम तोक दलं लृं लृ हारी मताये खं के खा मतोक टू खां निनिले लाथी खाई वाक आहीली तुईलं मम मम हये के लाग तोई रीक पि पी मारीली वान आकाहक साई परीलवान पृथीवित गिरी खाई गुलैगन बान्धीलो थाई थाई गुलैहवर गात सेंसा पोरा भैला माती वे नोवारी हीते करे घर फर वानर साटत प्रान सारी जाई गुलैगनर गावत वानर हंधान वान फूति रुधिर भैला चक्षु काना भैला काने नुहूनय मुखे गद गदवानी गुलैगन थाक पृथीवित परी हूं हूंकार सारीजा वेटा घर गार हूं हूकार सारी जावी लंकार पार नाहाईवि रुगीर घरवारी हीमा हंसार (फूः) ।
जेवे आह तई उसर सापी कामाक्षा देवीर माथा खावी जदी बेटा लरसर कर माहादेउर जन्ताफार ब्रम्मार सक्रत परीमन आरु एक हत गरभावती तीरीक वधकर श्रीराम र हूद्रसन सक्रत परीमर ।
दुर्गा मावे आसे खेरी पाति ईहाफ सार हजेवे तात परीमर तेवे पासे काल विकाल सक्षू पकाई हुलैगने बोले आई वो पाई आह आह गुलैगन न करीवि उजनि भाती बान्धीलो गुलैक दह प्रकीति
सेंगा गुलैक बांधो वोवोरा गुलैक बांधो साग गुलैक बांधो मलोवा गुलैक बांधो हाहन गुलैक बांधो अकल हरीया गुलैक बांधो तेजखोवा गुलैक बांधो गोस मारीधरा गुलैक बांधो विर गुलैक बांधो हगुरा गुलैक बांधो वगरा गुलैक बांधो जल गुलैक बांधो थल गुलैक बांधो पोरा गुलैक बांधो वेसर गुलैक बांधो दलीय गुलैक बांधो कला गुलैक बांधो पेटुवा गुलैक बांधो अकरा गुलैक बांधो सेंगा गुलैक बांधो हारखोवा गुलैक बांधो व पतवा गुलैक बांधो फुरनि गुलैक बांधो पुका गुलैक बांधो सुतीया गुलैक बांधो खोरा गुलैक बांधो पिंगली गुलैक बांधो जतिया गुलैक बांधो बांधीलो गुलैक थाकीवि परी वान र साटत वुलीला हरी हरी वान हानी करीलो नीजनि नोमर गोरे गोरे हारे मग जुवे वीन्थी विन्धी हे माई कला वेंगा दूपो थाकीला परी कालविकाल देखी प्रान उरी जाई प्रथीवित परी फूरे थाई थाई आकाहे मारीलो वान सलीन्त एखन त्रीदह देवताई वुलीला वसन सली गैला वान हागर र तिरे देखीया मस्यमगर तर तरी तोलय जोग धरी हन्या हीये आसे तपस्याई धीयान भागी हन्याहीये सक्षू मेली साईला वानर जालत तार जन्ता सीगी गैला ‘वान र जालत हागर हू ही जाई वर जल जन्तु अन्तरी पलाई’ ।
जल र जल माया भागीया पलाई जल नागिनी भागीया गैला थल नागिनी पलाई गैला पेतकरा नागिनी पलाई गैला विलाही नागिनी पलाई गैला हतरा नागिनी पलाई गैला पलाई नागिनी पलाई गैला रांगली नागिनी पलाई गैला माया नागिनी पलाई गैला सिकरा नागिनी पलाई गैला मकरा नागिनी कहीवा नागिनी पलाई गैला कहोवा नागिनी पलाई गैला विहोवा नागिनी पलाई गैला सान्दनि नागिनी पलाई गैला तुहमरी नागिनी पलाई गैला केकनी नागिनी पलाई गैला केकनी नागिनी पलाई गैला तेजखाति नागिनी पलाई गैला हारखाति नागिनी पलाई गैला हालधि नागिनी पलाई गैला दिखरा नागिनी पलाई गैला नागिनी पलाईते नाई थाई गरुन्द ‘वान मारी हवा के खाईला कतो कतो नाग हवे पलाई देखो दिख नाग मागिनी हवे भस्म भैला’ ।
कतो वेली काल विकाल आलु सीवे लैला भूत प्रेत पिसांचर गावत वान मारी वाक लैला भूत प्रेत पिसांचर हवे धर फराईला नामारीवा गुरु वाय सरनत धरो एही वुलीयी सांच कांदे दिर्धरावो आरु रुगीयार धरत आमार नाही पान कालर हात एराओ एहीतो भाल एही वुली पीसांच आल हीवे लैला हकलो पीसांचे माया करी थाई थाई भैला भन्द लोका लुकी कुलुज्ञाकी खन्दल खन्दल भेति पेति पलाई पिसांच आपोनार थान एरी इन्द्र हवर वायु हर इन्द हरर वायु हर हवे मन्दीरे कव सब आदी करी अत्र नाना मत कतो मारई कतो खावई भूत प्रेत पीसांच परीथाक परवा माया क बांधो भूत प्रेत माया क बांधो डाकिनी शाकिनी माया क बांधो जिंद माया क बांधो शैतान माया क बांधो पीर-पैगम्बर माया क बांधो मसान माया क बांधो ब्रह्मराक्षस यख्य माया क बांधो तंत्र मंत्र यंत्र माया क बांधो शाबर माया क बांधो नाथ माया क बांधो भैरव माया क बांधो योगिनी माया क बांधो देवीकालिका माया क बांधो दुष्ट माया क बांधो चोर माया क बांधो पियरा माया क बांधो साग माया क बांधो गु माया क बांधो घोरा माया क बांधो हस्ती माया क बांधो भआलुक माया क बांधो हींघ माया क बांधो कूकूर माया क बांधो वराह माया क बांधो घों माया क बांधो वायु माया क बांधो वरुन माया क बांधो पिस्तु माया क बांधो मेरु माया क बांधो उद माया क बांधो हर्प माया क बांधो जल माया क बांधो वातुल माया क बांधो कूली माया क बांधो जा थी माया क बांधो बांधिलो माया क न करीवि लरसर उन्न कूती माया क बांधो जरपुर करी आकाहे बांधो पाताले बांधो मध्य बांधो दहोदिह पूर्वे पसीमे बांधो उतरे दखीने बांधो अर्द्धे उर्द्धे बांधो नैरीते ऐसाने बांधो वायुवे अग्नीये बांधो, बांधो सौ दिख मेराई मारोवान काल विकालर व करीवि आल जाल तोर हरि मग जुवे मारो एर भूत प्रेत पिसाच माने वाने फूती वेक गैया हरि माखे साले विन्धिया हो माल हात बांधो पाव बांधो सक्षु कर्न्न बांधो दह नारी बांधो सैधू खान दुवार बांधो एह सन्दर पराकेह सन्द्र लै बांधो हर्व गाओ बांधो नकरीवि उजनि भाती जैते मारो तेते धरीवि हर लुकी हर गरभ र भीतरे न घर फर कर सयाली वुली एरीया पर ।
जदी लरसर कर मेरुर मुरत दीपर आं खं खं ही ही नं नं कू र अ ओ हों ओ तो तो ई ई नूं नूं म्यकू (फूः) हूं हूंकार वर्ज फूंकार हूं हूं करी वर्ज फूंकार श्रीगुरु पाओ ‘हीद्ध गुरुर प्रहदि प्रान निन्द रक्षा करीवा’
सात्रेहे स्वभाई गुरु महेश्वराई पृथीवित दीला भरी पृथीवि खान फाती आहीला हातर हात आली वान र वात आली बांधो जरपुरकरी हूं हूंकार सारी जावी लंका र पार नाहाहीवि आमुकार (रोगी का नाम) हीमा हंसार (फूः) ।
आद्य गुरु क नमस्कार करो देवी र सरनत धरो श्रीराम क नमस्कार करो सन्द्र हारखी हूर्य हाखी हाखी है वा तुमी बहूमति आई बांधीलो भूत प्रेत पिसांचगन क पाई गस गसाई नमो पारवती अन्माई हर गौरीर ‘हुनिओ’ काहिनि अरे अरे सानओ तोर कहो उतपति मंगलवार पाती ली खेर पूनीया उपजील तैरपरा हूं हूंकार मारो दानवगन आली का दानव ज्यजीला आही घर धर आ ही मारी हूनि कालविकाले उलाह करीला कोप करी सामन एरीलोर दिला दानव र माजत परीला गीरीखाई पलाई दानव पास क नाराई पासे वान खान अगनि मर्ति धरी तिखन मूर्ति भैला दानवक धाई खेदी गैला गजी गजी वान पासे आनक भेतिला दानव खेदिया पासे मोन हूया रैला पासे वान एवहे दृष्टे साई तिखन मूर्ति धरी लेक सक्षु पकाई दानव क बांधो थाई थाई दानवगन वान र साट त सेंचा पोरा भैला आही वेनी वारी पृथीवित परीला वान हानो दानव क असंक्षात हात भरी नाही लरे नि स्वाहा ।
नाही नाही के घात दानव र गावत वान मारो जाके जाक ‘विद्युत हंसाचार वान परीला’ निधात जुरी जाके जाके परे ‘जेन भाद्र माहर विष्ठी जेन सौ दिहे परे वान’ पृथीवि नाही आते वान र कथा हूनि पृथीवि फाते वानर जालत दहो दीह पोरे दानवगन घर फर करे बांधो दानव घने घने परेवान विद्युत हंधाने गरजीया वान परे निरन्तर दहो दिह वानर परीला हरो वर तिमीर करो जेन हूर्य रं प्रकारख वानर जालत सक्षुन मोलय ।
अरे अरे दानव कतनो हहतई जाइते न परीवि वेटा परीविनिस्वपथीव होवा गोहाई जन्टा मेली वाक लैला तिनि कोना पृथीवि कंपीवाक लैला वाम जन्टा सीगी सींगी गैला माटीत परी दैत्य दानव भैला गोहाई वोलन्ट मई कि कार्य करो एतेदैत्य दानव कि मते मारो पासे काल विकाल खेदी लाग पाईला क्रोध करी वान पासे मारी वाक लैला दैत्य दानव भगीया पलाईला केंकोवा दानव क बांधो वलीया दानव क बांधो थेंकता दानव क बांधो घर भगा दानव क बांधो हंका दानव क बांधो ऊपर सकोवा दानव क बांधो नदीसाल दानव क बांधो ही हवा दानव क बांधो निसजा दानव क बांधो हांहीनि दानव क बांधो हाखीनि दानव क बांधो नवपाल दानव क बांधो व्रर्जकूटट दानव क बांधो ईहीरी दानव क बांधो हीजता दानव क बांधो आन्तकराली दानव क बांधो हाहन हलीया दानव क बांधो देओदिया दानव क बांधो सान्धला दानव क बांधो कामोवा दानव क बांधो न करीवि उजनिभाति बांधो दानव दीख जाती का लीका सन्दीका देवि भाजनी आई दह वायु ए परय दख वर गात मारई आनी दानव र वान आनो तानी मारो वान लातकार फरी, वान र प्रतापे हूनित वही जाई उधी व नोवारी पासे केंकाई केंकाई दानव परीया रेला देत्यक बांधी वाक भैला आहकाह पताज जुरी मारीलो वान दैत्य दानव नहहे वानर तान री मारो हूंकार ‘सारी दैत्य र गात वान मारो’ मारी दैत्यर गाव सेचा पोरा भैला दैत्यक बांधी पांवर तलै थैला दैत्य र हयाखसन बांधी वाक लैला वली र हभाक बांधी वाक लैला ‘वान र साटत दैत्य र माथा माथा सीगी गैला’ हवे दैत्य कान्दी वाक लैला देखी काल विकालर क्रोध जभी गैला पुनर जाई वान मारी वाक लैला प्रवर जाई वान खान मारो तान करी थाकील दैत्य गन पृथवीत परी वान परी दैत्यर गाव गैला गेली हात भरी सपाई आसीला ताक दिलाये ली दैत्य हव बांध भैला दैत्यर प्रान गली गैला केनेके दैत्यर कहो आदी कथा हूनि थाक उतपती कथा एक मनकरी मई कही जनम जाति ‘रोगी र घर नाथा कीवि एक राति’ नाहाई वितई उसर सापी जेवे आह तई रोगीर गावक काल विकाल बांधीव तोक ।
मोर मुख साई तई न करीवि रा ओ ‘जेवे दैत्य लरसर कर बर्म्मार सक्रत परीमर गंगार तिरत एक सत बम्म सारी वधकर जदी का वाक्य लरसर कर माहादेवर जन्तार धर मोर हाक गुरुर दाक रोगी र गाव र हन्ते आन्तर है थाक’ (फूः फूः फूः)
।।इति काल विकाल सम्पूर्णम्।।
विशेषः-
इस प्रयोग का अनुष्ठान करने पर एक पण्डित रुद्री-कार्तिक व गणेश के जप करे, एक विद्वान दुर्गा पाठ करे । पश्चात् प्रधान आचार्य इस स्तोत्र के ३-४ पाठ नित्य कर बाद में शान्ति पाठ, रक्षाकवच पुनः करे ।

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