गुरु-दर्शन का मन्त्र

मन्त्रः- “ह्रीं हुँ गुरो ! प्रसीद ह्रीं ॐ ।”  विधि : जब कभी मङ्गलवार को अमावास्या हो, तब ‘प्रयोग’ करे । रात्रि को अकेले श्मशान जाए और वहाँ गुरु के चरणो का ध्यान करे । उक्त मन्त्र का १० हजार बार जप करे । मन्त्र सिद्ध होने पर ध्यान में गुरु के साक्षात् दर्शन होंगे । श्मशान जब जाए, तब ‘आत्म-सुरक्षा-कवच’ अथवा ‘हीं-सार’ का पाठ करके जाए ।

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