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त्रि-विध-सिद्धि-प्रद मन्त्र

मन्त्रः-
“ॐ ह्रीं श्रीं ठं ठं ठं नमो भगवते मम सर्व-कार्याणि, साधय-साधय, मां रक्ष-रक्ष, शीघ्रं मां धनिनं कुरु-कुरु हुं फट्, श्रियं देहि, प्रज्ञां देहि, ममापत्तिं निवारय-निवारय स्वाहा ।”

विधिः-
किसी स्थापित या पार्थिव शिव-लिंग के ऊपर उक्त मन्त्र का ७ बार जप कर ७ त्रि-दल बिल्व-पत्र चढ़ाएँ । जब तक कार्य-सिद्धि न हो, तब तक यह क्रिया प्रतिदिन करें । बाद में मन्त्र का १०८ बार जप करता रहे । जप मन्दिर में करें, तो अच्छा अन्यथा घर में भी कर सकते हैं ।
इस मन्त्र का निरन्तर जप करते रहने से यथेष्ट धन-प्राप्ति, सर्व-कार्य-सिद्धि और विपत्ति-नाश होता है । सभी कार्य श्रद्धा से करें ।

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