नव-नाथ का मन्त्र
मन्त्रः-
“ॐ आदेश, गुरू जी को आदेश । ओङ्कार – रूपी आदि-नाथ आकाश-स्वरूपी । सन्तोषनाथ विष्णु खण्डा खड्‌ग-स्वरूपी । गज-वेली कन्थडीनाथ गणेश जी हस्ति-स्वरूपी । अचला अचम्भेनाथ शेषनाग अचल – स्वरूपी । सिद्ध चौरङ्गीनाथ पूर्ण भगत चन्द्रमा – स्वरूपी । माया-रूपी मच्छेन्द्रनाथ । घटे-बड़े पिण्ड गुरू गोरखनाथ । इतना नौ नाथ मन्त्र-जाप सम्पूर्ण भया । गुरू जी, नाथ जी ! आदेश, आदेश ।”

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विधि – उक्त मन्त्र का प्रति-दिन एक माला जप करे । कम-से कम दस हजार जप करने पर मन्त्र जागृत हो जाएगा । फिर किसी पीड़ित व्यक्ति को विभूति, धागा, लौंग, इलायची अभिमन्त्रित करके देने से तान्त्रिक बाधा की शान्ति होती है ।

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