पीलिया झाड़ने का मन्त्र

विधिः –श्री हनुमान जी की मूर्ति के आगे नित्य एक हजार मन्त्रों का जप कर इक्कीस दिनों तक इक्कीस हजार बार जपने से मन्त्र सिद्ध हो जाता है।
साधना पूर्ण होने के बाद पीलिया ग्रस्त रोगी को सामने बैठाकर काँसे की कटोरी में तेल डाल कर उसके सिर के ऊपर रखें और तेल को कुश से हिलाते हुए इक्कीस बार मन्त्र बोलें। ऐसा करने पर यदि कटोरी का तेल पीला हो जाए तो समझना चाहिए कि मन्त्र सिद्ध हो गया है।
इसी विधि को तीन दिन करते रहने से पीलिया का रोग मुक्त हो जाता है। Content is available only for registered users. Please login or register


मन्त्रः- “ओम नमो वीखेताल असराल नारसिंह देव तुषादि पीलिया कूं भिदाती कौरे झौरे पीलिया रहे न नेक निशान जो कहीं रह जाए तो हनुमन्त की आन मेरी भक्ति गुरू की शक्ति फुरो मन्त्र ईश्वरोवाचा।”

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