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पीड़ा-निवारक मन्त्र
मन्त्रः- “कहाँ से आया गुरु, कहाँ से आया चेला? कहाँ से आया मुहम्मद-पीर ? स्वर्ग से आया गुरु, पाताल से आया चेला, मक्का-मदीना से आया मुहम्मद-पीर । साथ आए शङ्कर भोले, क्षण में जाए पीड़ । चले मन्त्र, ईश्वर महा- देव का वाचा फुरे ।”

vaficjagat
विधि – किसी अच्छे मुहूर्त से उक्त ‘मन्त्र’ का नित्य १०८ माला ‘जप’ करना प्रारम्भ करे । ‘मन्त्र’ सिद्ध होने पर सभी प्रकार की पीड़ा में विभूति से पीड़ा-स्थान को मन्त्र पढ़कर झाड़े ।

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