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भुतादि-दोष-निवारण प्रयोग
मन्त्रः-
“नमो आदेश गुरु को । सात भवानी कालिका । बार वर्ष कुमार । एक मार्ग परमेश्वरी, चौदह भुवन द्वार । दो पाँख निर्मली, तेरह देवी-देवा । अष्ट-भुजा परमेश्वरी, ग्यारह रुद्र-सेवा, सोल कला सम्पूर्णा । तीन नयन भरपूर । दश-नाम, दश अवतार, पाँच देव रक्षा करें । नव-नाथा चौरासी सिद्ध, षट्-दर्शन पाइए, पन्द्रह विधि जाण । चार वेद वखाणिए, काली करे कल्याण ।

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विधिः- उपर्युक्त मन्त्र गुरु-गम्य है । सिद्ध-रात्रि, दारुण रात्रि अथवा काल – रात्रि में सिद्ध करने से भूतादि दोष का निवारण होता है ।

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