August 24, 2015 | aspundir | Leave a comment शनि साढ़े-साती निवारण १॰ किसी छोटे मिट्टी के बर्तन में या मोटा मजबूत कपड़े में २५० ग्राम तम्बाकू (बनाकर या बना हुआ खरीद कर) तथा ५०० ग्राम तेल डालकर उस बर्तन या कपड़े में नीचे एक छोटा-सा छेद करें तथा उसको शनिवार के दिन पीपल के पेड़ पर बाँध दें । फिर ५ सप्ताह तक प्रति शनिवार उसमें ५०० ग्राम तेल डालें । २॰ जिस पेड़ पर शहद का छत्ता लगा हो उस पेड़ के नीचे हर शनिवार के दिन तेल का चिराग जलायें । कच्चे सूत को शहद के छत्ते के समीप से जड़ तक बाँधें । सात शनिवार तक करने के बाद उस छत्ते को तोड़ कर उससे जो शहद निकले उसका प्रतिदिन सेवन करें । बारह राशियों पर साढ़े-साती मेष राशि की साढ़े-सातीः- जौ का सवा पाँच किलो आटा पिसवायें और उस आटे से रोजाना सवा सौ ग्राम आटा चीटियों के बिल पर चढ़ायें । यह क्रिया करने के प्रथम तथा आखिरी दिन चीटियों के बिल पर तेल का दीपक जलायें । वृष राशि की साढ़े-सातीः- पूर्णमासी के दिन सवा ५ किलो चावल का आटा बनवायें, प्रतिदिन उस आटे में से सवा सौ ग्राम गाय के दूध के साथ गाय को खिलायें । हर रोज पीपल के पत्ते या पीपल पर किसी भी चीज से अपना नाम लिखें । आखिरी दिन पीपल पर घी की ज्योत लगाके मीठा प्रसाद चढ़ायें । मिथुन राशि की साढ़े-सातीः- गाय का सींग अपने घर रखो, प्रतिदिन उस सींग को अपने माथे से लगायें । सवा महीने तक प्रतिदिन गाय को बाजरा, चौलाई तथा मीठा मिलाकर खिलायें । कर्क राशि की साढ़े-सातीः- हर रविवार के दिन कन्याओं (छः वर्ष तक की) को हलवा पूरी से भोजन करायें तथा उन्हें सवा रुपया भेंट करें । किसी कन्या की शादी हो रही हो तो उसमें कन्यादान करें, बारातियों के लिए बन रहे खाने में यथा-शक्ति धन का योगदान करें । सिंह राशि की साढ़े-सातीः- भूखे-गरीब, गरीब-कन्याओं को भोजन-कपड़े दें । प्रत्येक मंगलवार भूखे को रोटी-कपड़ा दें । पीपल पर तेल की ज्योत जलायें । कन्या राशि की साढ़े-सातीः- जो मनुष्य पागल की स्थिति में हो, जिसको सांसारिक विषयों का ज्ञान न हो, उसे अपने हाथों से खाना खिलायें और अपने हाथों से नहलायें, नये कपड़े पहनायें । यह कार्य करने के बाद किसी अनजान जगह पर शनिवार के दिन तेल का चिराग जलाकर हल्दी की दो गाँठ रखकर आ जायें । यह कार्य पाँच शनिवार करना है । तुला राशि की साढ़े-सातीः- रविवार के दिन सवा किलो सरसों का तेल लेकर पीपल की पाँच बार प्रदक्षिणा करें फिर उसी दिन उस तेल से हलवा, पूरी तथा सब्जी बनायें तथा बारह वर्ष के कम-से-कम दो लड़कों को भोजन करायें । वृश्चिक राशि की साढ़े-सातीः- सोमवार के दिन खीर बनाकर कुछ खीर लेकर उसमें गुलाब के पाँच फूल मिलाकर शिवलिंग पर चढ़ायें । फिर उन फूलों को शिवजी के आशीर्वाद-स्वरुप वापस उठाकर ले आयें तथा शेष बची खीर में उन फूलों को तोड़कर मिला दें । साठ वर्ष से अधिक आयु के कम-से-कम पाँच बूढ़ों को वह खीर खिलायें । धनु राशि की साढ़े-सातीः- सोमवार के दिन अपनी मेहनत की कमाई से नये कपड़े खरीद कर अपने माता-पिता को नहला-कर पहनायें । उनसे अपनी पिछली गलतियों के लिये माफी माँगे । घर में ज्योत जलायें । उसके बाद आने वाले अन्य चार सोमवार नये कपड़े आवश्यक नहीं है लेकिन शेष क्रिया करनी है । अगर किसी के माता-पिता न हो, तो दूसरे किसी दोस्त आदि के माता-पिता की सेवा कर सकते हैं । मकर राशि की साढ़े-सातीः- रविवार की रात्रि में किसी छोटे बच्चों की स्कूल के सामने सरसों के तेल में भिगोकर पाँच हल्दी की गाँठ किसी भारी वस्तु के नीचे दबा कर रखें । फिर सोमवार से अगले सोमवार तक स्कूल में काले चने उबालकर ले जाकर बाँट दें । अगर स्कूल में नहीं कर सको तो कहीं बच्चों का समूह हो उन्हें बांट सकते हैं । उक्त क्रिया प्रत्येक रविवार व सोमवार को करनी है । कुम्भ राशि की साढ़े-सातीः- सोमवार से अगले सोमवार तक प्रातःकाल शिवलिंग पर घी की ज्योत लगाकर हाथ में गंगाजल लेकर २१ प्रदक्षिणा करें तथा अन्तिम प्रदक्षिणा में गंगाजल शिवलिंग पर चढ़ादें । मीन राशि की साढ़े-सातीः- सतनजा बनाकर २१ दिन लगातार चलते दरिया में रोज एक मुट्ठी डालें । प्रतिदिन नदी के किनारे एक तेल का दिया जलाकर एक मुट्ठी सतनजा चढ़ावें । Please follow and like us: Related Discover more from Vadicjagat Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe