अर्श-रोग का निवारण
मन्त्र:- “ॐ काका कता कोरी कर्वा । ॐ करता से होय परसना । दशह्रस प्रकटे खूनी बादी बवासीर न होय । मन्त्र जान के न बतावे द्रादश बह्म-हत्या का पाप होय । लाख जप करे, तो उसके वश में न होय । शदद सांचा, पिण्ड काचा । वो हनुमान का मन्त्र सांचा । फुरो मन्त्र, ईश्वरी वाचा ।”

vadicjagat
रात्रि को रखे हुए जल को उक्त मन्त्र से अभिमन्त्रित कर शौच- समय गुदा का प्रक्षालन करे, तो बवासीर नष्ट हो जाती है ।

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