श्रीमद्भागवत-पाठके विभिन्न प्रयोग
भागवत-महिमा
श्लोकार्द्धं श्लोकपादं वा नित्यं भागवतं पठेत् ।
यः पुमान् सोऽपि संसारान्मुच्यते किमुताखिलात् ॥
आधा श्लोक या चौथाई श्लोक का भी नित्य जो मनुष्य पाठ करता है, उसकी भी संसार से मुक्ति हो जाती है; फिर सम्पूर्ण पाठ करनेवाले की तो बात ही क्या है ।


एषा बुद्धिमतां बुद्धिर्यद् भागवतमादरात् ।
नित्यं पठेद् यथाशक्ति यतः स्यात् संसृतिक्षयः ॥
बुद्धिमानों की बुद्धिमत्ता यही है कि संसार-भय-नाशक श्रीमद्भागवत का आदरपूर्वक यथाशक्ति पाठ करे ।
अशक्तो नित्य पठने मासे वर्षेऽपि वैकदा ।
पालयन् नियमान् भक्त्या श्रीमद्भागवतं पठेत् ॥
यदि नित्य पाठ न कर सकता हो तो महीने या वर्ष में एक बार नियमपूर्वक भक्ति-सहित भागवत का पाठ अवश्य करना चाहिये ।
एकाहे नैव शक्तस्तु द्व्यहेनाथ त्र्यहेण वा ।
पंचभिर्दिवसैः षड्भिः सप्तभिर्वा पठेत् पुमान् ॥
दशाहेनाथ पक्षेण मासेन ऋतुनापि वा ।
पठेद् भागवतं यस्तु भुक्तिं मुक्तिं स विन्दते ॥
जो एक दिन में पाठ न कर सकता हो वह दो, तीन, पाँच, छः, सात, दस, पंद्रह, तीस या साठ दिन में श्रीमद्भागवत का पाठ करे । इससे भोग एवं मोक्ष दोनों की प्राप्ति होती है ।
एषोऽप्यत्युत्तमः पक्षः सप्ताहो बहुसम्मतः ।
श्रीवासुदेवप्रीत्यर्थं पठतः पुंस आदरात् ॥
सर्वे पक्षाः सन्ति तुल्या विशेषो नास्ति कश्चन ।
विशेषोऽस्ति सकामानां कामनाफलभेदतः ॥
बहुत-से ऋषियों ने सप्ताह-पारायण का भी उत्तम पक्ष माना है । केवल भगवान् की प्रीति के लिये सम्पूर्ण पक्ष बराबर हैं । कोई न्यूनाधिक नहीं हैं । फल चाहने वालों के लिये फलभेद से पारायणभेद कहा गया है ।

(१) निष्काम परायण भगवत्पप्रीत्यर्थ
पाठकर्ता ब्राह्मण १ या ५, पारायण-संख्या १०० या १०८

दिन विश्रामस्थल-स्कन्ध अध्याय  योग अध्याय
1 3 20 49
2 5 23 67
3 7 15* 37
4 9 24* 48
5 10 12 12
6 10 82 70
7 12 13* 52

(२) सप्ताहपारायण (सात दिन का)
निष्काम पारायण भगवत्प्रीत्यर्थ

दिन विश्रामस्थल-स्कन्ध अध्याय  योग अध्याय
1 3 20 49
2 5 23 67
3 7 15* 67
4 9 24* 48
5 10 42 42
6 10 90* 48
7 12 13* 44

(३)  सप्ताहपारायण (सात दिन का)
मोक्षप्राप्ति के लिये

दिन विश्रामस्थल-स्कन्ध अध्याय  योग अध्याय
1 3 18 47
2 5 8 54
3 8 7 59
4 10 3 44
5 10 53 50
6 11 9 46
7 12 13* 35

(४) आरम्भ किये हुए कार्य में विघ्ननाश के लिये
पाठकर्ता ब्राह्मण ९, पारायण-संख्या १४०
विशेष नियम –
प्रतिदिन चतुर्थ स्कन्ध के उन्नीसवें अध्याय (पृथुविजय) का पाठ, पाठ के आरम्भ एवं समाप्ति में करना चाहिये।

दिन विश्रामस्थल-स्कन्ध अध्याय  योग अध्याय
1 3 19 49
2 5 6 51
3 7 10 49
4 9 24 53
5 10 49 49
6 10 90 41
7 12 13 44

(५) सप्ताहपारायण (सात दिनका)
विघ्ननाश के लिये

दिन विश्रामस्थल-स्कन्ध अध्याय  योग अध्याय
1 3 19 49
2 5 16 61
3 7 10 39
4 9 24 53
5 10 49 49
6 10 90 41
7 12 13 44

(६) सप्ताहपारायण (सात दिनका)
धनप्राप्ति के लिये

दिन विश्रामस्थल-स्कन्ध अध्याय  योग अध्याय
1 4 9 71
2 6 13 61
3 9 7 52
4 10 34 51
5 10 73 39
6 10 90 17
7 12 13 44

(७) सप्ताहपारायण के प्रयोग (सात दिन के)
बान्धवपीडानिवृत्ति और संकटनाश के लिये
पाठकर्ता ब्राह्मण ४, पारायण संख्या १९६
विशेष नियम –
प्रतिदिन के आरम्भ एवं समाप्ति में षष्ठ स्कन्ध की देवस्तुति (अ॰ ९, श्लो॰ ३१-४५) का पाठ करना चाहिये ।

दिन विश्रामस्थल-स्कन्ध अध्याय  योग अध्याय
1 2 10 29
2 4 31 64
3 6 19 45
4 8 24 39
5 10 49 73
6 11 31 72
7 12 13 13

(८) कैद से छुड़ाने के लिये
पाठकर्ता ब्राह्मण ७, पारायण संख्या १४३
विशेष नियम –
प्रतिदिन के आरम्भ एवं समाप्ति में दशम स्कन्ध के१०।२९; १९।९; २५।१३; २७।१९; ४९।११ और ७०।२५ — इन ६ श्लोकों का पाठ करना चाहिये ।

दिन विश्रामस्थल-स्कन्ध अध्याय  योग अध्याय
1 2 10 29
2 4 31 64
3 6 19 45
4 8 24 39
5 10 49 73
6 11 31 72
7 12 13 13

(९) शत्रु पराजय के लिये
पाठकर्ता ब्राह्मण ६, पारायण संख्या १९४
विशेष नियम –
प्रतिदिन के आरम्भ एवं समाप्ति में अष्टम स्कन्ध के ‘यज्ञेश यज्ञपुरुष’ (अ॰ १४, श्लो॰ ८) आदि ३ श्लोकों का पाठ करना चाहिये ।

दिन विश्रामस्थल-स्कन्ध अध्याय  योग अध्याय
1 3 19 48
2 5 15 60
3 7 15 45
4 10 12 60
5 10 84 72
6 11 31 37
7 12 13 13

(१०) रोगमुक्ति के लिये
पाठकर्ता ब्राह्मण ३, पारायण संख्या १५७
विशेष नियम –
प्रतिदिन प्रत्येक अध्याय के आरम्भ में पञ्चम स्कन्ध के नारसिंग मन्त्र (अ॰ १८, श्लो॰ ८) का पाठ करना चाहिये ।

दिन विश्रामस्थल-स्कन्ध अध्याय  योग अध्याय
1 3 20 49
2 5 6 50
3 6 19 39
4 9 20 59
5 1 35 39
6 10 85 50
7 12 13 49

(११) पुत्र और स्त्रीप्राप्ति के लिये
पाठकर्ता ब्राह्मण ५, पारायण संख्या १४५
विशेष नियम –
प्रतिदिन प्रत्येक अध्याय के आरम्भ एवं अन्त में पञ्चम स्कन्ध के काममन्त्र (अ॰ १८, श्लो॰ १८) का पाठ करना चाहिये ।

दिन विश्रामस्थल-स्कन्ध अध्याय  योग अध्याय
1 3 24 53
2 5 3 43
3 7 8 50
4 10 4 59
5 10 55 51
6 11 6 41
7 12 13 38

(१२) निष्कण्टक राज्य के लिये
पाठकर्ता ब्राह्मण १०, पारायण संख्या १९८
विशेष नियम –
प्रतिदिन पाठ के आरम्भ एवं समाप्ति में चतुर्थ स्कन्ध की ध्रुवस्तुति (अ॰ ९) का पाठ करना चाहिये ।

दिन विश्रामस्थल-स्कन्ध अध्याय  योग अध्याय
1 4 9 71
2 6 13 61
3 9 7 52
4 10 34 51
5 10 73 39
6 10 90 17
7 12 13 44

(१३) एकाहपारायण (एक दिन का)
हरिप्रेमप्राप्ति

दिन

विश्रामस्थल-स्कन्ध

अध्याय

 योग अध्याय

1

12

13

335

(१४) द्व्यहपारायण (दो दिन का)
पराभक्ति-प्राप्ति के लिये

दिन

विश्रामस्थल-स्कन्ध

अध्याय

 योग अध्याय

1

9

13

190

2 12 13 145

(१५) द्व्यहपारायण (दो दिन का)
योग-सिद्धि के लिये

दिन

विश्रामस्थल-स्कन्ध

अध्याय

 योग अध्याय

1

7

15

153

2 12 13 182

(१६) द्व्यहपारायण (दो दिन का)
चित्तनिवृत्ति के लिये

दिन

विश्रामस्थल-स्कन्ध

अध्याय

 योग अध्याय

1

8

16

169

2 12 13 166

(१७) त्र्यहपारायण (तीन दिन का)
मोक्षप्राप्ति के लिये

दिन

विश्रामस्थल-स्कन्ध

अध्याय

 योग अध्याय

1

5

8

101

2 10 12 112
3 12 13 122

(१८) त्र्यहपारायण (तीन दिन का)
ऐश्वर्य-प्राप्ति, संसार-बन्धन-मुक्ति के लिये

दिन

विश्रामस्थल-स्कन्ध

अध्याय

 योग अध्याय

1

7

15

153

2 10 90 138
3 12 13 44

(१९) चतुरहपारायण (चार दिन का)
संकट-निवारण के लिये

दिन

विश्रामस्थल-स्कन्ध

अध्याय

 योग अध्याय

1

4

18

80

2 6 19 58
3 10 51 114
4 12 13 83

(२०) चतुरहपारायण (चार दिन का)
सब प्रकार की कामनाओं की सिद्धि के लिये

दिन

विश्रामस्थल-स्कन्ध

अध्याय

 योग अध्याय

1

4 18 80
2 8 7 80
3 10 52 93
4 12 13 82

(२१) चतुरहपारायण (चार दिन का)
पापनाश के लिये

दिन

विश्रामस्थल-स्कन्ध

अध्याय

 योग अध्याय

1

4 26 88
2 8 19 84
3 10 53 82
4 12 13 81

(२२) चतुरहपारायण (चार दिन का)
सद्धर्म की प्राप्ति के लिये

दिन

विश्रामस्थल-स्कन्ध

अध्याय

 योग अध्याय

1

4 19 81
2 8 14 86
3 10 51 85
4 12 13 83

(२३) पञ्चाहपारायण (पाँच दिन का)

दिन विश्रामस्थल-स्कन्ध अध्याय  योग अध्याय
1 4 4 66
2 6 15 68
3 9 21 64
4 10 64 67
5 12 13 70

(२४) पञ्चाहपारायण (पाँच दिन का)
सकल कामना प्राप्ति के लिये
पाठकर्ता ब्राह्मण ९, पारायण संख्या २४२

दिन विश्रामस्थल-स्कन्ध अध्याय  योग अध्याय
1 4 7 69
2 6 19 69
3 9 24 63
4 10 69 69
5 12 13 65

(२५) षडहपारायण (छः दिन का)
धनप्राप्ति के लिये

दिन

विश्रामस्थल-स्कन्ध

अध्याय

 योग अध्याय

1

4 9 71
2 6 13 61
3 9 7 52
4 10 34 51
5 10 90 56
6 12 13 44

(२६) षडहपारायण (छः दिन का)
धनलाभ, कृत्यानाश, उत्पात-शान्ति के लिये
पाठकर्ता ब्राह्मण ४, पारायण संख्या १४४

दिन विश्रामस्थल-स्कन्ध अध्याय  योग अध्याय
1 3 32 61
2 5 14 46
3 8 24 70
4 10 49 73
5 11 29 70
6 12 13 15

(२७) अष्टाहपारायण (आठ दिन का)
दरिद्रता नष्ट करने के लिये

दिन विश्रामस्थल-स्कन्ध अध्याय  योग अध्याय
1 3 15 44
2 4 21 39
3 6 7 43
4 8 21 48
5 10 23 50
6 10 51 28
7 11 3 42
8 12 13 41

(२८) अष्टाहपारायण (आठ दिन का)
रोग से छुटकारा पाने के लिये

दिन विश्रामस्थल-स्कन्ध अध्याय  योग अध्याय
1 3 20 49
2 5 6 50
3 6 19 39
4 9 20 59
5 10 35 39
6 10 85 50
7 11 6 11
8 12 13 38

(२९) अष्टाहपारायण (आठ दिन का)
भयनिवृत्ति के लिये

दिन विश्रामस्थल-स्कन्ध अध्याय  योग अध्याय
1 3 9 38
2 4 16 40
3 6 1 42
4 8 10 43
5 10 1 39
6 10 42 41
7 10 90 48
8 12 13 44

(३०) अष्टाहपारायण (आठ दिन का)
अकाल मृत्यु से बचने के लिये

दिन विश्रामस्थल-स्कन्ध अध्याय  योग अध्याय
1 3 8 37
2 4 8 33
3 5 24 47
4 8 9 45
5 10 10 49
6 10 56 46
7 11 9 43
8 12 13 35

(३१) नवाहपारायण (नौ दिन का)
सुयश-प्राप्ति के लिये

दिन विश्रामस्थल-स्कन्ध अध्याय  योग अध्याय
1 3 10 39
2 4 2 25
3 5 20 49
4 7 12 37
5 9 8 35
6 10 20 36
7 10 60 40
8 11 8 38
9 12 13 36

(३२) नवाहपारायण (नौ दिन का)
कन्या-प्राप्ति के लिये

दिन विश्रामस्थल-स्कन्ध अध्याय  योग अध्याय
1 3 6 35
2 4 11 38
3 5 16 36
4 7 11 40
5 9 6 34
6 10 21 39
7 10 58 37
8 11 9 41
9 12 13 35

(३३) दशाहपारायण (दस दिन का)
ज्ञान-प्राप्ति के लिये

दिन विश्रामस्थल-स्कन्ध अध्याय  योग अध्याय
1 3 6 35
2 4 7 34
3 5 9 33
4 6 19 36
5 8 24 39
6 10 11 35
7 10 45 34
8 10 79 34
9 11 23 34
10 12 13 21

(३४) एकादशाहपारायण (ग्यारह दिन का)
मनोकामना की सिद्धि के लिये

दिन विश्रामस्थल-स्कन्ध अध्याय  योग अध्याय
1 1 18 18
2 3 22 33
3 4 21 32
4 5 21 31
5 7 8 32
6 9 3 34
7 10 11 32
8 10 48 37
9 10 81 33
10 11 23 32
11 12 13 21

(३५) द्वादशाहपारायण (बारह दिन का)
शान्ति के लिये

दिन विश्रामस्थल-स्कन्ध अध्याय  योग अध्याय
1 2 3 22
2 3 22 29
3 4 16 27
4 5 9 24
5 6 18 35
6 8 17 33
7 9 21 28
8 10 23 26
9 10 48 25
10 10 80 32
11 11 25 35
12 12 13 19

(३६) त्रयोदशाहपारायण (तेरह दिन का)
ऋण से छुटकारा पाने के लिये

दिन विश्रामस्थल-स्कन्ध अध्याय  योग अध्याय
1 2 2 21
2 3 20 28
3 4 13 26
4 5 5 23
5 6 13 34
6 8 11 32
7 9 14 27
8 10 15 25
9 10 39 24
10 10 70 31
11 11 14 34
12 12 1 18
13 12 13 12

(३७) चतुर्दशाहपारायण (चौदह दिन का)
सब प्रकार की आपत्तियों से छुटकारा पाने के लिये

दिन विश्रामस्थल-स्कन्ध अध्याय  योग अध्याय
1 2 6 25
2 3 20 24
3 4 12 25
4 5 5 24
5 6 2 23
6 7 9 26
7 8 18 24
8 9 16 22
9 10 18 26
10 10 41 23
11 10 67 26
12 11 2 25
13 11 23 21
14 12 13 21

(३८) पक्षपारायण (पन्द्रह दिन का)
पक्ष, मास और ऋतुपारायण प्रतिपद् तिथि से ही प्रारम्भ किया जाय — यह नियम नहीं है । केवल दिन—संख्या का नियम है ।

दिन विश्रामस्थल-स्कन्ध अध्याय  योग अध्याय
1 2 4 23
2 3 19 25
3 4 22 36
4 5 16 25
5 6 13 23
6 8 2 23
7 8 24 22
8 9 23 23
9 10 24 25
10 10 48 24
11 10 68 20
12 10 89 21
13 11 6 7
14 12 5 30
15 12 13 8

(३९) पञ्चदशाहपारायण (पन्द्रह दिन का)
सब प्रकार की कामना की सिद्धि के लिये

दिन विश्रामस्थल-स्कन्ध अध्याय  योग अध्याय
1 2 2 21
2 3 15 23
3 4 4 22
4 4 27 23
5 5 18 22
6 6 15 23
7 8 5 24
8 9 6 25
9 10 4 22
10 10 26 22
11 10 49 23
12 10 70 21
13 11 2 22
14 11 25 23
15 12 13 19

(४०) षोडशाहपारायण (सोलह दिन का)
बाधाओं की शान्ति के लिये

दिन विश्रामस्थल-स्कन्ध अध्याय  योग अध्याय
1 1 18 18
2 3 13 24
3 3 29 16
4 4 19 23
5 5 5 17
6 6 5 26
7 7 8 22
8 8 18 25
9 9 14 20
10 10 17 27
11 10 38 21
12 10 52 14
13 10 81 29
14 11 10 19
15 12 1 22
16 12 13 12

(४१) सप्तदशाहपारायण (सत्रह दिन का)
आनन्दवृद्धि के लिये

दिन विश्रामस्थल-स्कन्ध अध्याय  योग अध्याय
1 2 4 23
2 3 11 17
3 3 26 15
4 4 15 22
5 4 31 16
6 5 25 25
7 7 1 21
8 8 10 24
9 9 5 19
10 10 7 26
11 10 27 20
12 10 40 13
13 10 68 28
14 10 86 18
15 11 17 21
16 12 2 16
17 12 13 11

(४२) अष्टादशाहपारायण (अठारह दिन का)
भगवान् की प्राप्ति के लिये

दिन विश्रामस्थल-स्कन्ध अध्याय  योग अध्याय
1 1 16 16
2 3 8 21
3 3 21 13
4 4 8 20
5 4 23 15
6 5 13 21
7 6 1 14
8 7 2 20
9 8 6 19
10 9 4 22
11 9 24 20
12 10 18 18
13 10 40 22
14 10 59 19
15 10 73 14
16 11 7 24
17 11 25 18
18 12 13 19

(४३) ऊनविंशत्यहपारायण (उन्नीस दिन का)
विजयप्राप्ति के लिये

दिन विश्रामस्थल-स्कन्ध अध्याय  योग अध्याय
1 1 15 15
2 3 5 19
3 3 17 12
4 4 4 20
5 4 23 19
6 5 6 14
7 5 26 20
8 6 13 13
9 7 13 19
10 8 16 18
11 9 13 21
12 10 8 19
13 10 25 17
14 10 46 21
15 10 64 18
16 10 77 13
17 11 10 23
18 11 28 18
19 12 13 16

(४४) विंशाहपारायण (बीस दिन का)
इष्टसिद्धि के लिये

दिन विश्रामस्थल-स्कन्ध अध्याय  योग अध्याय
1 1 13 13
2 3 3 19
3 3 14 11
4 3 32 18
5 4 11 12
6 5 1 21
7 5 18 17
8 6 12 20
9 7 8 15
10 8 15 22
11 9 7 16
12 9 16 9
13 10 16 24
14 10 30 14
15 10 40 10
16 10 63 23
17 10 88 25
18 11 6 8
19 12 2 27
20 12 13 11

(४५) एकविंशत्यहपारायण (इक्कीस दिन का)
सब प्रकार के उपद्रवों की शान्ति के लिये

दिन विश्रामस्थल-स्कन्ध अध्याय  योग अध्याय
1 1 12 12
2 3 1 18
3 3 11 10
4 3 28 17
5 4 6 11
6 4 26 20
7 5 11 16
8 6 4 19
9 6 18 14
10 8 5 21
11 8 20 15
12 9 4 8
13 10 13 23
14 10 16 13
15 10 25 9
16 10 47 22
17 10 71 24
18 11 2 21
19 11 27 25
20 12 3 7
21 12 13 10

(४६) द्वाविंशत्यहपारायण (बाईस दिन का)
ज्ञानप्राप्ति के लिये

दिन विश्रामस्थल-स्कन्ध अध्याय  योग अध्याय
1 1 11 11
2 2 9 17
3 3 9 10
4 3 25 16
5 4 10 18
6 4 18 8
7 5 3 16
8 5 16 13
9 6 9 19
10 7 4 14
11 8 10 21
12 8 22 12
13 9 18 20
14 10 1 7
15 10 24 23
16 10 33 9
17 10 54 21
18 10 78 24
19 11 8 20
20 11 17 9
21 12 2 16
22 12 13 11

(४७) त्रयोविंशत्यहपारायण (तेईस दिन का)
पापनाश के लिये

दिन विश्रामस्थल-स्कन्ध अध्याय  योग अध्याय
1 1 10 10
2 2 7 16
3 3 5 8
4 3 20 15
5 3 29 9
6 4 14 18
7 4 28 14
8 5 14 17
9 5 25 11
10 6 18 19
11 7 12 13
12 8 6 9
13 9 3 21
14 9 14 11
15 9 21 7
16 10 17 20
17 10 39 22
18 10 59 19
19 10 81 23
20 10 89 8
21 11 9 10
22 11 24 15
23 12 13 20

(४८) चतुर्विंशत्यहपारायण (चौबीस दिन का)
साम्राज्य की प्राप्ति के लिये

दिन विश्रामस्थल-स्कन्ध अध्याय  योग अध्याय
1 1 11 11
2 2 9 17
3 3 18 19
4 3 32 14
5 4 8 9
6 4 15 7
7 4 26 11
8 5 13 18
9 6 8 21
10 7 8 19
11 8 3 10
12 8 23 20
13 9 7 8
14 10 5 22
15 10 13 8
16 10 23 10
17 10 39 16
18 10 59 20
19 10 76 17
20 10 84 8
21 11 8 14
22 11 20 12
23 12 4 15
24 12 13 9

(४९) पञ्चविंशत्यहपारायण (पच्चीस दिन का)
सब प्रकार की बाधाओं की शान्ति के लिये

दिन विश्रामस्थल-स्कन्ध अध्याय  योग अध्याय
1 1 8 8
2 1 19 11
3 3 4 14
4 3 11 7
5 3 24 13
6 4 10 19
7 4 25 15
8 5 11 17
9 5 20 9
10 6 2 8
11 6 13 11
12 7 13 19
13 8 9 11
14 8 18 9
15 9 9 15
16 9 16 7
17 10 4 12
18 10 22 18
19 10 37 15
20 10 54 17
21 10 62 8
22 10 75 13
23 11 3 18
24 11 20 17
25 12 13 24

(५०) षड्विंशत्यहपारायण (छब्बीस दिन का)
त्रिलोकी के मंगल के लिये

दिन विश्रामस्थल-स्कन्ध अध्याय  योग अध्याय
1 1 15 15
2 2 7 11
3 3 13 16
4 3 25 12
5 3 32 7
6 4 12 13
7 5 1 20
8 5 12 11
9 5 25 13
10 6 9 10
11 7 4 14
12 7 13 9
13 8 11 13
14 8 22 11
15 9 16 18
16 10 7 15
17 10 19 12
18 10 35 16
19 10 48 13
20 10 59 11
21 10 72 13
22 10 64 12
23 11 10 16
24 11 21 11
25 12 2 12
26 12 13 11

(५१) सप्तविंशत्यहपारायण (सत्ताईस दिन का)
सबमें एकीभाव की प्राप्ति के लिये

दिन विश्रामस्थल-स्कन्ध अध्याय  योग अध्याय
1 1 18 18
2 2 9 10
3 3 13 14
4 3 20 7
5 3 33 13
6 4 16 16
7 4 28 12
8 5 12 15
9 5 23 11
10 6 6 9
11 6 17 11
12 7 8 10
13 8 5 12
14 8 22 17
15 9 8 10
16 9 24 16
17 10 9 9
18 10 22 13
19 10 38 16
20 10 46 8
21 10 65 19
22 10 80 15
23 10 90 10
24 11 8 8
25 11 23 15
26 12 2 10
27 12 13 11

(५२) अष्टाविंशत्यहपारायण (अट्ठाईस दिन का)
किसीको वश में करने के लिये

दिन विश्रामस्थल-स्कन्ध अध्याय  योग अध्याय
1 1 7 7
2 1 18 11
3 3 1 12
4 3 15 14
5 3 23 8
6 4 3 13
7 4 18 15
8 4 24 6
9 5 6 13
10 5 13 7
11 5 23 10
12 6 16 19
13 7 13 16
14 8 13 15
15 9 4 15
16 9 13 9
17 10 1 12
18 10 15 14
19 10 32 17
20 10 46 14
21 10 54 8
22 10 65 11
23 10 85 20
24 11 8 13
25 11 15 7
26 11 27 12
27 12 4 8
28 12 13 9

(५३)  ऊनत्रिंशदहपारायण (उन्तीस दिन का)
विद्या-प्राप्ति के लिये

दिन विश्रामस्थल-स्कन्ध अध्याय  योग अध्याय
1 1 5 5
2 1 16 11
3 2 10 13
4 3 12 12
5 3 23 11
6 3 30 7
7 4 8 11
8 4 22 14
9 5 1 10
10 5 12 11
11 5 18 6
12 6 6 14
13 6 18 12
14 7 10 11
15 8 8 13
16 8 17 9
17 9 5 12
18 9 16 11
19 10 4 12
20 10 15 11
21 10 28 13
22 10 44 16
23 10 56 12
24 10 66 10
25 10 77 11
26 11 1 14
27 11 14 13
28 11 30 16
29 12 13 14

(५४) मासपारायण (महीनेभर का)

दिन विश्रामस्थल-स्कन्ध अध्याय  योग अध्याय
1 1 11 11
2 1 19 8
3 2 10 10
4 3 12 12
5 3 24 12
6 3 33 9
7 4 12 12
8 4 23 11
9 4 31 8
10 5 14 14
11 5 26 12
12 6 12 12
13 7 5 12
14 7 15 10
15 8 12 12
16 8 24 12
17 9 13 13
18 9 24 11
19 10 11 11
20 10 21 10
21 10 33 12
22 10 45 12
23 10 57 12
24 10 69 12
25 10 79 10
26 10 90 11
27 11 13 13
28 11 26 13
29 12 5 10
30 12 13 8

(५५) मासपारायण (महीनेभर का)
भक्तिप्रद

दिन विश्रामस्थल-स्कन्ध अध्याय  योग अध्याय
1 1 5 5
2 1 16 11
3 2 9 12
4 3 10 11
5 3 23 13
6 4 1 11
7 4 8 7
8 4 22 14
9 5 1 10
10 5 12 11
11 5 21 9
12 6 6 11
13 6 18 12
14 7 10 11
15 8 8 13
16 8 17 9
17 9 5 12
18 9 16 11
19 10 3 11
20 10 15 12
21 10 28 13
22 10 44 16
23 10 56 12
24 10 70 14
25 10 81 11
26 11 1 10
27 11 14 13
28 11 28 14
29 12 7 10
30 12 13 6

(५६) मासपारायण (महीनेभर का)
समस्त कामनाओं की सिद्धि के लिये

दिन विश्रामस्थल-स्कन्ध अध्याय  योग अध्याय
1 1 11 11
2 2 2 10
3 3 2 10
4 3 12 10
5 3 23 11
6 4 9 19
7 4 20 11
8 4 22 12
9 5 1 10
10 5 10 9
11 5 20 10
12 6 9 15
13 6 16 7
14 7 7 10
15 8 1 9
16 8 15 14
17 9 4 13
18 9 10 6
19 10 6 20
20 10 17 11
21 10 30 13
22 10 42 12
23 10 54 12
24 10 65 11
25 10 78 13
26 10 87 9
27 11 9 12
28 11 21 12
29 12 2 12
30 12 13 11

(५६) ऋतुपारायण (दो महीने का)

दिन विश्रामस्थल-स्कन्ध अध्याय  योग अध्याय
1 1 6 6
2 1 11 5
3 1 15 4
4 1 19 4
5 2 6 6
6 2 10 4
7 3 6 6
8 3 11 5
9 3 16 5
10 3 20 4
11 3 24 4
12 3 28 4
13 3 33 5
14 4 7 7
15 4 12 5
16 4 18 6
17 4 24 6
18 4 31 7
19 5 6 6
20 5 11 5
21 5 15 4
22 5 20 5
23 5 26 6
24 6 7 7
25 6 13 6
26 6 19 6
27 7 5 5
28 7 10 5
29 7 15 5
30 8 4 4
31 8 9 5
32 8 14 5
33 8 18 4
34 8 24 6
35 9 5 5
36 9 12 7
37 9 17 5
38 9 24 7
39 10 6 6
40 10 11 5
41 10 17 6
42 10 23 6
43 10 28 5
44 10 33 5
45 10 38 5
46 10 44 6
47 10 49 5
48 10 55 6
49 10 61 6
50 10 68 7
51 10 75 7
52 10 81 6
53 10 88 7
54 11 5 7
55 11 11 6
56 11 18 7
57 11 23 5
58 11 29 6
59 12 5 7
60 12 13 8

ऐसा माना जाता है कि निम्नलिखित स्कन्धों के निम्नलिखित अध्यायों पर विश्राम नहीं करना वाहिये । ऐसा करनेवालों के प्रयोग सिद्ध नहीं होंगे ।

स्कन्ध अध्याय

1

1,8,10,11,16
2 3,8
3 1,7,10,18,20,23
4 1,3,10,17,18
5 5,13
6 6,10
7 1,4,6,1,2,8,10,21
8 1,4,10,15
9 1,9,10,22,29,30,62,76,77
10 10,22,30
11 9
12

 

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