श्रीराम प्रसन्नता का मन्त्र
“अरथ न धरम न काम रुचि
गति न चहउँ निरबान
जनम जनम रति राम पद
यह बरदान न आन ।।”

मन्त्र की प्रयोग विधि और लाभ

ram panchaytanइस मन्त्र को यथाशक्ति अधिक-से-अधिक संख्या में ४० दिन तक जपते रहें और प्रतिदिन प्रभु श्रीराम की प्रतिमा के समक्ष भी सात बार जप अवश्य करें, तो इस मन्त्र के प्रयोग से जन्म-जन्मान्तर तक श्रीराम जी की पूजा का स्मरण रहता है और प्रभु श्रीराम प्रसन्न होते हैं ।

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