हनुमान् ज्योतिष
विधिः- जिज्ञासु को स्नानादि से शुद्ध होकर “ॐ रां रामाय नमः” मन्त्र का ११ बार जप कर “ॐ हनुमते नमः” का जप करना चाहिए । उसके बाद सम्पूर्ण राम दरबार का स्मरण करते हुए प्रश्नावली चक्र पर तर्जनी अंगुली घुमाते एवं मन-ही-मन अपने प्रश्न को दोहराते हुए किसी एक कोष्ठक पर अंगुली रोक लें । जिस अंक पर अंगुली आयी है, उसका फलादेश पढ़ें एवं तदनुसार निर्णय लें ।

क्ष
त्र
ज्ञ अं अः

फलादेश:-
क – आपको व्यापार से प्रचुर लाभ होगा । आपका बहुत अच्छा समय आने वाला है ।
ख – आपका अच्छा समय आने वाला है । व्यापार में लाभ के योग बने हैं ।
ग – आपके लिए परदेश की यात्रा यश और धन में वृद्धि के लिए शुभ रहेगी ।
घ – वर्तमान समय शान्ति से गुजार दें । अच्छा समय आने में अभी तीन माह शेष हैं ।
ङ – फिलहाल परेशानियाँ आपका पीछा नहीं छोड़ने वाली । नौ महीने श्रीराम की पूजा-अर्चना करें ।
च – आप चिन्ता न करें । शीघ्र ही आपको शुभ समाचार मिलेगा । अच्छा समय आने वाला है ।
छ – आपकी मनोकामना पूर्ण होने में भाई-बन्धुओं का सहयोग मिलेगा । निराश न हों ।
ज – आपको किसी भी रुप में स्त्री-पक्ष से आकस्मिक लाभ प्राप्त हो सकता है ।
झ – आप एक माह तक यात्रा न करें तो अच्छा है, क्योंकि इसमें खतरा है ।
ञ – कोई मुकदमा चल रहा है, तो आपकी जीत होगी । सरकार से लाभ मिल सकता है ।
ट – किसी भी प्रकार के वाद, विवाद आदि से दूर ही रहें । समय आपके विपरीत चल रहा है ।
ठ – आपकी मनोकामना शीघ्र पूर्ण होगी । मंगलवार के दिन व्रत रखें एवं हनुमान् जी का पूजन करें ।
ड – आपके सभी संकट शीघ्र दूर होंगे एवं सफलता मिलेगी । विष्णु सहस्रनाम का जप करें ।
ढ – आपके लिए एक वर्ष प्रतिकूल है । सोमवार के दिन व्रत रखें एवं तथाशक्ति दान-पुण्य करें ।
ण – समय विपरीत है । अपने – पराए किसी की बातों में न आएँ । स्व-विवेक से काम लें ।
त – आपका समय अभी खराब है । ऋण न लें और न मुकदमेबाजी में पड़ें । नियमित पूजा-अर्चना करें ।
थ – आपको स्त्री-सुख, किन्तु भाइयों से कष्ट मिलेगा । आप कुछ समय के लिए परदेश चले जाएँ ।
द – आपके लिए स्वदेश में रहना हानिकारक है, अतः परदेश जाकर भाग्य आजमाएँ ।
ध – आपको रामरक्षा-स्तोत्र का पाठ करना चाहिए । सरकार से दण्ड या हानि मिलने की आशंका है ।
न – अस्वस्थता से बचने के लिए हनुमान् बाहुक का पाठ करें एवं हनुमान् जी को चोला चढ़ाएँ ।
प – सुनहरा समय चल रहा है । बिगड़े काम बनेणगे । इस अवसर का पूरा लाभ उठाएँ ।
फ – किसी प्रकार की चिन्ता न करें । धन प्राप्ति के लिए सर्वोत्तम समय आ गया है ।
ब – दूसरों के विवाद में नहीं पड़ें, अन्यथा हानि उठानी पड़ेगी । अपने काम पर ध्यान दें ।
भ – पूर्णिमा के दिन व्रत रखें एवं भगवान् सत्यनारायण की पूजा कराएँ । शीघ्र लाभ मिलेगा ।
म – आपके कार्य में कोई आपकी सहायता करेगा । वह शीघ्र ही आपसे मिलेगा ।
य – आप प्रतिदिन श्रीराम भजन और सुन्दरकाण्ड का पाठ करें । आपके कष्टों का अन्त होगा ।
र – रोग, शत्रु एवं शासक वर्ग से सतर्क रहें । अच्छा समय आने में अभी एक माह शेष है ।
ल – आपका समय अच्छा है । यथेष्ट लाभ मिलने वाला है । सभी लोगों का सहयोग मिलेगा ।
व – आप तीन महीनों तक सावधान रहें । यात्रा न करें । दुर्घटना, चोरी आदि की आशंका है ।
श – आप स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें । शनिवार का व्रत करें एवं शनि की वस्तुओं का दान करें ।
ष – एक सप्ताह बाद आपका समय अच्छा आ रहा है । तब तक धैर्य रखें । शुभ समाचार मिलेंगे ।
स – यदि आप अविवाहित हैं, तो शीघ्र ही विवाह होगा । परिजनों की सहायता से लाभ मिलेगा ।
ह – परिश्रम जारी रखें । चिन्ता छोड़ें । नित्य हनुमान् चालिसा का पाठ करें । मनोकामनाएँ पूर्ण होंगी ।
क्ष – उन्नति का अवसर शीघ्र प्राप्त होगा । निश्चिंत रहें । किसी की बातों में न आएँ ।
त्र – आप जितना परिश्रम करेंगे, उतना ही लाभ मिलेगा । आलस्य करना अहितकर रहेगा ।
ज्ञ – अभी भाग्य साथ है, भविष्य के लिए धन-संचय कर लें । तीन वर्ष पश्वात् समय विपरीत होगा ।
अ – आपका समय अच्छा चल रहा है । जिस काम में हाथ डालेंगे, सफलता मिलेगी ।
आ – आपकी मनोकामनाएँ पूर्ण होने में अभी कुछ दिन और लगेंगे, तब तक धैर्य रखें ।
इ – मंगलवार के दिन हनुमान् जी का व्रत-पूजन करें । इससे आपको आर्थिक लाभ मिलेगा ।
ई – अभी समय खराब चल रहा है । सोमवार के दिन व्रत रखें और ब्राह्मण को भोजन कराएँ ।
उ – आपको अपार व्यावसायिक सफलता मिल सकती है, लेकिन इसके लिए परिश्रम करना पड़ेगा, श्रीसूक्त का पाठ करें ।
ऊ – आप 21 दिन तक ब्रह्मचर्य का पालन एवं हनुमान् जी की पूजा-अर्चना करें, स्वास्थ्य ठीक रहेगा ।
ए – आपको मित्रों से धोखा हो सकता है । इस दिशा में सावधानी रखनी चाहिए ।
ऐ – आपकी शंका निराधार नहीं है, आपको किसी स्त्री से धोखा मिल सकता है, सतर्क रहें ।
ओ – आपके परिजन आपको परेशान कर रहे हैं । आप गजेन्द्र-मोक्ष-स्तोत्र का पाठ करें, लाभ मिलेगा ।
औ – आपको सन्तान सम्बन्धी कष्ट मिलने की आशंका है, गोपाल सहस्रनाम का पाठ करें ।
अं – आप चिन्ता न करें । आपका अच्छा समय आ गया है । प्रत्येक क्षेत्र में सफलता मिलेगी ।
अः – आप महामृत्युञ्जय जप करें और रुद्राभिषेक कराएँ । आपके शत्रु घात लगाए बैठे हैं ।

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