श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -103 February 3, 2026 | aspundir | Leave a comment श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -103 ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ एक सौ तीनवाँ अध्याय भगवान् शिव एवं पार्वती के विवाह की मांगलिक कथा तथा विवाह के अनन्तर भगवान् शिव का काशी- आगमन और पार्वती को मुक्तिक्षेत्र काशी की महिमा बताना श्रीलिङ्गमहापुराणे पूर्वभागे त्र्यधिकशततमोऽध्यायः पार्वतीविवाहवर्णनं सूतजी बोले — [ हे ऋषियो!] इसके बाद ब्रह्मा ने हाथ जोड़कर महादेव महेश्वर… Read More
श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -102 February 3, 2026 | aspundir | Leave a comment श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -102 ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ एक सौ दोवाँ अध्याय पार्वती की तपस्या से प्रसन्न हो भगवान् शिव का ब्राह्मणवेष में आकर उन्हें वरदान देना, हिमालय द्वारा पार्वती स्वयंवर की घोषणा, स्वयंवर में भगवान् शिव का बालरूप में उपस्थित होकर सभी को मोहित करना, पुनः ब्रह्मा की स्तुति से प्रसन्न हो महेश्वर का मनोहर… Read More
श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -101 February 3, 2026 | aspundir | Leave a comment श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -101 ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ एक सौ एकवाँ अध्याय सती का हिमवान् की पुत्री पार्वती के रूप में प्राकट्य, शिव की प्राप्ति के लिये उनका कठोर तप, तारकासुर द्वारा देवताओं को पराजित करना, शिव द्वारा कामदेव का दहन तथा पुनः जीवित करना श्रीलिङ्गमहापुराणे पूर्वभागे एकाधिकशततमोऽध्यायः मदनदाह ऋषिगण बोले — कल्याणमयी अम्बा सती हिमवान्… Read More
श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -100 February 2, 2026 | aspundir | Leave a comment श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -100 ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ सौवाँ अध्याय वीरभद्र द्वारा दक्षयज्ञभंग तथा भगवान् महेश्वर का दक्ष प्रजापति पर अनुग्रह श्रीलिङ्गमहापुराणे पूर्वभागे शततमोऽध्यायः शिवकृद्दक्षयज्ञविध्वंसन ऋषिगण बोले — [ हे सूतजी !] परमेश्वर भगवान् महेश्वर ने दधीच के कहने से विष्णुसहित सबको जीतकर पुनः यज्ञ का सेवन कैसे किया ? ॥ १ ॥ सूतजी बोले —… Read More
श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -099 February 2, 2026 | aspundir | Leave a comment श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -099 ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ निन्यानबेवाँ अध्याय भगवान् शिव के वामभाग से शिवा का प्रादुर्भाव तथा शिवा का दक्षपुत्री सती के रूप में पुनः मेना की कन्या पार्वती के रूप में प्राकट्य श्रीलिङ्गमहापुराणे पूर्वभागे नवनवतितमोऽध्यायः देवीसम्भव ऋषिगण बोले — हे सूतजी ! हे महामते ! आपने देवी की उत्पत्ति के विषय में बताया;… Read More
श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -098 February 2, 2026 | aspundir | Leave a comment श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -098 ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ अट्ठानबेवाँ अध्याय भगवान् विष्णु द्वारा एक सहस्र नामों से भगवान् शिव की स्तुति करना तथा प्रसन्न होकर महेश्वर द्वारा उन्हें सुदर्शनचक्र प्रदान करना श्रीलिङ्गमहापुराणे पूर्वभागे अष्टनवतितमोऽध्यायः सहस्रनामभिः पूजनाद्विष्णुचक्रलाभं ऋषिगण बोले — हे सूतजी! भगवान् विष्णु ने देवदेव महेश्वर से सुदर्शन नामक चक्र कैसे प्राप्त किया; इसे आप बताने… Read More
श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -097 February 2, 2026 | aspundir | Leave a comment श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -097 ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ सत्तानबेवाँ अध्याय जलन्धर-वध की कथा श्रीलिङ्गमहापुराणे पूर्वभागे सप्तनवतितमोऽध्यायः जलन्धरवध ऋषिगण बोले — हे रोमहर्षण! हे सुव्रत ! सिर पर जटा धारण करने वाले तथा भग के नेत्रों का हरण करने वाले भगवान् शिव ने इन्द्र के समान पराक्रमी जलन्धर का वध कैसे किया; हम लोगोंको यह बताने की… Read More
श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -096 February 2, 2026 | aspundir | Leave a comment श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -096 ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ छानबेवाँ अध्याय भगवान् महेश्वर द्वारा वीरभद्र का आवाहन और नृसिंह के तेज को शमन करने के लिये भेजना, वीरभद्र तथा नृसिंह का संवाद, भगवान् शिव का शरभावतार धारण नृसिंह तेज को शान्त करना एवं नृसिंह द्वारा शिव स्तुति श्रीलिङ्गमहापुराणे पूर्वभागे षण्णवतितमोऽध्यायः शरभप्रादुर्भाव ऋषिगण बोले — [ हे सूतजी!]… Read More
श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -095 January 31, 2026 | aspundir | Leave a comment श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -095 ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ पंचानबेवाँ अध्याय नृसिंहावतार के सन्दर्भ में भक्त प्रह्लाद की कथा, हिरण्यकशिपु का वध, भगवान् नृसिंह के उग्ररूप को देखकर देवताओं का भयभीत होकर भगवान् महेश्वर की स्तुति करना, महेश्वर के शरभावतार का प्राकट्य श्रीलिङ्गमहापुराणे पूर्वभागे पञ्चनवतितमोऽध्यायः नृसिंहलीलावर्णनं ऋषिगण बोले — [हे सूतजी ! ] यह सुना गया है… Read More
श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -094 January 31, 2026 | aspundir | Leave a comment श्रीलिङ्गमहापुराण -[पूर्वभाग] -094 ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ चौरानबेवाँ अध्याय भगवान् के वाराहावतार की कथा, हिरण्याक्ष का वध तथा देवताओं द्वारा भगवान् वाराह की स्तुति श्रीलिङ्गमहापुराणे पूर्वभागे चतुर्नवतितमोऽध्यायः वराहप्रादुर्भाव ऋषिगण बोले — हे सूतजी ! [ भगवान्] विष्णु के द्वारा इस [ अन्धक] – का पिता महाभयंकर दैत्य हिरण्याक्ष कैसे मारा गया, विष्णु ने वाराह का… Read More