श्री भैरव मन्त्र श्री भैरव मन्त्र “ॐ गुरुजी काला भैरुँ कपिला केश, काना मदरा, भगवाँ भेस। मार-मार काली-पुत्र। बारह कोस की मार, भूताँ हात कलेजी खूँहा गेडिया। जहाँ जाऊँ भैरुँ साथ। बारह कोस की रिद्धि ल्यावो। चौबीस कोस की सिद्धि ल्यावो। सूती होय, तो जगाय ल्यावो। बैठा होय, तो उठाय ल्यावो। अनन्त केसर की भारी ल्यावो। गौरा-पार्वती की… Read More
प्रदोष व्रत प्रत्येक चन्द्र मास की त्रयोदशी तिथि के दिन प्रदोष व्रत रखने का विधान है। सूर्यास्त के बाद के 2 घण्टे 24 मिनट का समय प्रदोष काल के नाम से जाना जाता है। स्थान परिवर्तन के अनुसार यह बदलता रहता है। सामान्यत: सूर्यास्त से लेकर रात्रि आरम्भ तक के मध्य की अवधि को प्रदोष काल में… Read More
सुख-समृद्धि दायक टोटके 1॰ यदि परिश्रम के पश्चात् भी कारोबार ठप्प हो, या धन आकर खर्च हो जाता हो तो यह टोटका काम में लें। किसी गुरू पुष्य योग और शुभ चन्द्रमा के दिन प्रात: हरे रंग के कपड़े की छोटी थैली तैयार करें। श्री गणेश के चित्र अथवा मूर्ति के आगे “संकटनाशन गणेश स्तोत्र´´ के 11 पाठ… Read More
श्री शिव-शत-नाम श्री शिव-शत-नाम ।। पूर्व-पीठिका ।। ।। श्री देव्युवाच ।। देव-देव महादेव ! संसारार्णवतारक ! शिव-लिंगार्चनं देव ! कृपया कथय प्रभो ! ।। श्री शंकर उवाच ।। श्रृणु देवि ! प्रवक्ष्यामि, यन्मत्त्वं परि-पृच्छसि । मम नाम-शतं चैव, कलौ पुण्य-फल-प्रदम् ।। यस्य स्मरण-मात्रेण, संसारान्मुच्यते नरः ।। अति गुह्यं महा-पुण्यं, यव स्नेहात् प्रकाशितं । गोपनीयं प्रयत्नेन, न प्रकाश्यं… Read More
विपत्तिनाश, सम्पदा-प्राप्ति, साधन-सिद्धि विपत्तिनाश, सम्पदा-प्राप्ति, साधन-सिद्धि (१) श्रीहनुमानजी का अनुष्ठान “ॐ नमो भगवते पञ्चवदनाय महाभीमपराक्रमाय सकलशत्रुसंहारणाय स्वाहा। ॐ नमो भगवते पञ्चवदनाय महाबलप्रचण्डाय सकलब्रह्माण्डनायकाय सकलभूत-प्रेत-पिशाच-शाकिनी-डाकिनी-यक्षिणी-पूतना-महामारी-सकलविघ्ननिवारणाय स्वाहा। ॐ आञ्जनेयाय विद्महे महाबलाय धीमहि तन्नो हनुमान् प्रचोदयात् (गायत्री) ॐ नमो हनुमते महाबलप्रचण्डाय महाभीम पराक्रमाय गजक्रान्तदिङ्मण्डलयशोवितानधवलीकृतमहाचलपराक्रमाय पञ्चवदनाय नृसिंहाय वज्रदेहाय ज्वलदग्नितनूरुहाय रुद्रावताराय महाभीमाय, मम मनोरथपरकायसिद्धिं देहि देहि स्वाहा। ॐ नमो भगवते पञ्चवदनाय महाभीमपराक्रमाय सकलसिद्धिदाय… Read More
सर्वापत्ति-निवारक हनुमान-स्तुति सर्वापत्ति-निवारक हनुमान-स्तुति ॐ सीता-राम जानत हों, सीता-राम मानत हों। सीता-राम पूजत, जपत सीता-राम हों। सीता-राम सों बसै प्राण, ध्यान धरत सीता-राम अभिराम हों। सीता-राम तेरे मन की कल्प-तरु, सीता-राम सों सनेह, सीता-राम को गुलाम हों। शिखा वज्र, नयन वज्र, तेरो मुख-दन्त वज्र, छाती-भुज पिंग-वज्र। लाल-लाल दन्त हैं, काया लाल, ग्रीवा लाल, वसन लंगुर लाल, असन-अधर… Read More
हनुमान जी को प्रसन्न करने के उपाय हनुमान जी को प्रसन्न करने के उपाय श्रावण महीने में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व है। हनुमानजी भी भगवान शिव के ही अवतार हैं। मान्यता के अनुसार, श्रावण में आने वाले मंगलवार को यदि हनुमानजी को प्रसन्न करने के कुछ आसान उपाय किए जाएं तो भक्तों की मनोकामना पूरी हो सकती है। हनुमानजी… Read More
अक्षय-धन-प्राप्ति मन्त्र अक्षय-धन-प्राप्ति मन्त्र प्रार्थना हे मां लक्ष्मी, शरण हम तुम्हारी। पूरण करो अब माता कामना हमारी।। धन की अधिष्ठात्री, जीवन-सुख-दात्री। सुनो-सुनो अम्बे सत्-गुरु की पुकार। शम्भु की पुकार, मां कामाक्षा की पुकार।। तुम्हें विष्णु की आन, अब मत करो मान। आशा लगाकर अम देते हैं दीप-दान।। मन्त्र- विधि- ‘दीपावली’ की सन्ध्या को पाँच मिट्टी के दीपकों… Read More
गोवर्धन पर्वत धारण करने पर नीचे की भुमि जलमग्न क्यों नहीं हुई? गोवर्धन पर्वत धारण करने पर नीचे की भुमि जलमग्न क्यों नहीं हुई? एक समय शिवजी ने पार्वती जी के सामने सन्तों की बड़ी महिमा गाई। सन्तों की महिमा सुनकर पार्वती जी की श्रद्धा उमड़ी और उसी दिन उन्होंने श्री अगस्त्य मुनि को भोजन का निमन्त्रण दे डाला तथा शिवजी को बाद में इस बाबत बतलाया… Read More
ऋण-परिहारक प्रदोष व्रत ऋण-परिहारक प्रदोष व्रत ‘प्रदोष व्रत’ के दिन प्रातः स्नानादि के भगवान् शंकर का यथाशक्ति पञ्चोपचार या षोडशोपचार से पूजन करें। फिर निम्नलिखित ‘विनियोग’ आदि कर निर्दिष्ट मन्त्र का यथा-शक्ति २१ या ११ माला जप करे। संभव न हो, तो एक ही माला या केवल ११ बार जप करे। जितना अधिक जप होगा, उतना ही प्रभावी… Read More