भगवत्स्तुति नमोऽस्म्यहं त्वाखिलहेतुहेतुं नारायणं पूरुषमाद्यमव्ययम् । यन्नाभिजाताद‌रविन्दकोशाद् ब्रह्मऽऽविरासीद् यत एष लोक: ।। भूस्तोयमग्रि: पवन: खमादिर्महानजादिर्मन इन्द्रियाणि । सर्वेन्द्रियार्था विबुधाश्च सर्वे ये हेतवस्ते जगतोऽङ्गभूता: ।। यानि यानीह रूपाणि क्रीडनार्थ बिभर्षि हि । तैरामृष्टशुचो लोका मुदा गायन्ति ते यश: ।। नम: कारणमत्स्याय प्रलयाब्धिचराय च । हयशीर्ष्णे नमस्तुभ्यं मधुकैटभमृत्यवे । । अकूपाराय बृहते नमो मन्दरधारिणे । क्षित्युद्धारविहाराय नम:… Read More


|| श्री महालक्ष्मी सहस्रनाम स्तोत्रम् || श्रीः पद्मा प्रकृतिः सत्त्वा शान्ता चिच्छक्तिरव्यया | केवला निष्कला शुद्धा व्यापिनी व्योमविग्रहा || १|| व्योमपद्मकृताधारा परा व्योमामृतोद्भवा | निर्व्योमा व्योममध्यस्था पञ्चव्योमपदाश्रिता || २||… Read More


ब्रह्मास्त्र महा विद्या श्रीबगला स्तोत्र विनियोगः- ॐ अस्य श्रीब्रह्मास्त्र-महा-विद्या-श्रीबगला-मुखी स्तोत्रस्य श्रीनारद ऋषिः, अनुष्टुप छन्दः, श्री बगला-मुखी देवता, ‘ह्ल्रीं’ बीजं, ‘स्वाहा’ शक्तिः, ‘बगला-मुखि’ कीलकं, मम सन्निहिता-नामसन्निहितानां विरोधिनां दुष्टानां वाङ्मुख-गतीनां स्तम्भनार्थं श्रीमहा-माया-बगला मुखी-वर-प्रसाद सिद्धयर्थं पाठे विनियोगः ।… Read More


बगलामुखी कवचम् (रुद्रयामले) ।। श्री भैरवी उवाच ।। श्रुत्वा च बगलापूजां स्तोत्रं चापि महेश्वर । इदानीं श्रोतुमिच्छामि कवचं वद मे प्रभो ।। १ ।। वैरिनाशकरं दिव्यं सर्वाऽशुभविनाशनम् । शुभदं स्मरणात् पुण्यं त्राहि मां दुःखनाशन ।। २ ।।… Read More


श्री ब्रह्मास्त्र बगला वज्र कवचम् ।। श्री ब्रह्मोवाच ।। विश्वेश दक्षिणामूर्ते निगमागमवित् प्रभो । मह्यं पुरा त्वया दत्ता विद्या ब्रह्मास्त्रसंज्ञिता ।। १ तस्य मे कवचं बूहि येनाहं सिद्धिमाप्नुयात् । भवामि वज्रकवचं ब्रह्मास्त्रन्यासमात्रतः ।। २… Read More


बगलामुखी ब्रह्मास्त्र कवचम् इस कवच में प्रयुक्त मंत्र के जप एवं सम्पुटित दुर्गा पाठ कराने पर शत्रुनाश, प्रेतदोषशमन, आर्थिक उन्नति आदि के सफल प्रयोग किये जा सकते हैं । षट्त्रिंशतात्मक (३६ अक्षर) मंत्र के विकल्प में इस मंत्र में मंत्रोच्चारण या ध्यान समय त्रुटि की सम्भावना भी नहीं रहती है ।… Read More


श्री बगला यंत्रराज रक्षा स्तोत्रम् इस स्तोत्र में बगला मंत्र ऋषि नारद, छंद पंक्ति, देवता पीताम्बरा, ह्लीं बीजं, स्वाहा शक्ति, सं कीलक, शत्रु-विनाशक विनियोग कहा गया है तथा इस स्तोत्र के पाठ से यंत्रार्चन का फल प्राप्त होता है ।… Read More


श्री बगला प्रत्यंगिरा कवचम् ।। श्री शिव उवाच ।। अधुनाऽहं प्रवक्ष्यामि बगलायाः सुदुर्लभम् । यस्य पठन मात्रेण पवनोपि स्थिरायते ।। प्रत्यंगिरां तां देवेशि श्रृणुष्व कमलानने । यस्य स्मरण मात्रेण शत्रवो विलयं गताः ।।… Read More


श्रीबगला पञ्जर स्तोत्र (यह स्तोत्र शेवागम-सारोक्त है । इसी स्तोत्र के उपयोग से मथुरा (उ॰प्र॰) के प्रख्यात स्व॰ विष्णु भट्ट अथर्ववेदी ने विपुल यशार्जन किया था) इस स्तोत्र के सहस्र (एक हजार) पाठ सिद्धि-प्राप्ति के लिए पहले करने चाहिए । फिर सौ पाठ अनुष्ठान कार्य-सिद्धि के लिए करना चाहिए । नित्य कर्म करके स्व-शरीर-रक्षार्थ इस… Read More