श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-एकादशः स्कन्धः-अध्याय-09 May 29, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-एकादशः स्कन्धः-अध्याय-09 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ उत्तरार्ध-एकादशः स्कन्धः-नवमोऽध्यायः नौवाँ अध्याय भस्म-धारण ( शिरोव्रत ) सशिरोव्रतं त्रिपुण्डधारणवर्णनम् श्रीनारायण बोले — जो द्विजातिगण शिरोव्रत (मस्तक पर भस्म धारण करने के नियम ) — का पालन करते हैं, उन्हीं को अज्ञान को नष्ट करने वाली पराविद्या के विषय में बताना… Read More
श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-एकादशः स्कन्धः-अध्याय-08 May 29, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-एकादशः स्कन्धः-अध्याय-08 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ उत्तरार्ध-एकादशः स्कन्धः-अष्टमोऽध्यायः आठवाँ अध्याय भूतशुद्धि भूतशुद्धिवर्णनम् श्रीनारायण बोले — हे महामुने ! अब भूत-शुद्धि का प्रकार बता रहा हूँ। सर्वप्रथम मूलाधार से उठकर सुषुम्ना मार्ग पर होती हुई ब्रह्मरन्ध्र तक देवी परदेवता कुण्डलिनी के पहुँचने की भावना करे । तत्पश्चात् साधक… Read More
श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-एकादशः स्कन्धः-अध्याय-07 May 29, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-एकादशः स्कन्धः-अध्याय-07 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ उत्तरार्ध-एकादशः स्कन्धः-सप्तमोऽध्यायः सातवाँ अध्याय विभिन्न प्रकार के रुद्राक्ष और उनके अधिदेवता रुद्राक्षमाहात्म्यवर्णनम् श्रीनारायण बोले — हे नारद! इस प्रकार गिरिशायी भगवान् शिव ने षडानन को रुद्राक्ष के विषय में बताया और इस रुद्राक्षमहिमा को जानकर वे भी कृतार्थ हो गये। इस… Read More
श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-एकादशः स्कन्धः-अध्याय-06 May 29, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-एकादशः स्कन्धः-अध्याय-06 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ उत्तरार्ध-एकादशः स्कन्धः-षष्ठोऽध्यायः छठा अध्याय रुद्राक्षधारण की महिमा के सन्दर्भ में गुणनिधि का उपाख्यान रुद्राक्षमाहात्म्ये गुणनिधिमोक्षवर्णनम् ईश्वर बोले — हे महासेन ! कुश-ग्रन्थि, पुत्रजीव (जियापोती) आदि से निर्मित तथा अन्य वस्तु से बनी हुई मालाओं में से कोई एक भी रुद्राक्ष-माला की… Read More
श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-एकादशः स्कन्धः-अध्याय-05 May 29, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-एकादशः स्कन्धः-अध्याय-05 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ उत्तरार्ध-एकादशः स्कन्धः-पञ्चमोऽध्यायः पाँचवाँ अध्याय जपमाला का स्वरूप तथा रुद्राक्ष धारण का विधान रुद्राक्षजपमालाविधानवर्णनम् ईश्वर बोले — हे षडानन ! अब मैं जपमाला का लक्षण बताऊँगा, उसे सुनो। रुद्राक्ष के मुख को ब्रह्मा तथा बिन्दु (ऊपरी भाग ) – को रुद्र कहा… Read More
श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-एकादशः स्कन्धः-अध्याय-04 May 29, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-एकादशः स्कन्धः-अध्याय-04 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ उत्तरार्ध-एकादशः स्कन्धः-चतुर्थोऽध्यायः चौथा अध्याय रुद्राक्ष की उत्पत्ति तथा उसके विभिन्न स्वरूपों का वर्णन रुद्राक्षमाहात्म्यवर्णनम् नारदजी बोले — हे अनघ ! इस प्रकार का यह आपका महान् अनुग्रह है जो आपने रुद्राक्ष के विषय में बताया; यह महान् लोगों के लिये पूज्य… Read More
श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-एकादशः स्कन्धः-अध्याय-03 May 29, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-एकादशः स्कन्धः-अध्याय-03 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ उत्तरार्ध-एकादशः स्कन्धः-तृतीयोऽध्यायः तीसरा अध्याय सदाचार-वर्णन और रुद्राक्ष धारण का माहात्म्य रुद्राक्षमाहात्म्यवर्णनम् श्रीनारायण बोले — (शुद्ध, स्मार्त, पौराणिक, वैदिक, तान्त्रिक तथा श्रौत — यह छः प्रकार का श्रुति- प्रतिपादित आचमन कहा गया है । मल-मूत्रादि के विसर्जन के पश्चात् शुद्धि के लिये… Read More
श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-एकादशः स्कन्धः-अध्याय-02 May 29, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-एकादशः स्कन्धः-अध्याय-02 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ उत्तरार्ध-एकादशः स्कन्धः-द्वितीयोऽध्यायः दूसरा अध्याय शौचाचार का वर्णन शौचविधिवर्णनम् श्रीनारायण बोले — [ हे नारद!] छहों अंगों सहित अधीत किये गये वेद भी आचारविहीन व्यक्ति को पवित्र नहीं कर सकते। पढ़े गये छन्द (वेद) ऐसे आचारहीन प्राणी को उसी भाँति मृत्युकाल में… Read More
श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-एकादशः स्कन्धः-अध्याय-01 May 29, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-एकादशः स्कन्धः-अध्याय-01 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ उत्तरार्ध-एकादशः स्कन्धः-प्रथमोऽध्यायः पहला अध्याय भगवान् नारायण का नारदजी से देवी को प्रसन्न करने वाले सदाचार का वर्णन मनुकृतं देवीस्तवनम् नारद बोले — हे भगवन्! हे भूतभव्येश ! हे नारायण ! हे सनातन ! आपने भगवती के परम विस्मयकारक एवं श्रेष्ठ चरित्र… Read More
श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-दशम स्कन्धः-अध्याय-13 May 28, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-दशम स्कन्धः-अध्याय-13 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ उत्तरार्ध-दशम स्कन्धः-त्रयोदशोऽध्यायः तेरहवाँ अध्याय मनुपुत्रों की तपस्या, भगवती का उन्हें मन्वन्तराधिपति होने का वरदान देना, दैत्यराज अरुण की तपस्या और ब्रह्माजी का वरदान, देवताओं द्वारा भगवती की स्तुति और भगवती का भ्रामरी के रूप में अवतार लेकर अरुण का वध करना… Read More