श्री बगला यंत्रराज रक्षा स्तोत्रम् इस स्तोत्र में बगला मंत्र ऋषि नारद, छंद पंक्ति, देवता पीताम्बरा, ह्लीं बीजं, स्वाहा शक्ति, सं कीलक, शत्रु-विनाशक विनियोग कहा गया है तथा इस स्तोत्र के पाठ से यंत्रार्चन का फल प्राप्त होता है ।… Read More


वास्तु टिप्स यदि भूमि कछुए के पीठ के समान मध्य से ऊँची हो, तो ऐसे भूखण्ड पर निवास करने से धन-समृद्धि की प्राप्ति होती है । घर में काँटेदार एवं दूध वाले वृक्षों का रोपण नहीं करना चाहिए । चम्पा, चमेली, अनार, केला, हरसिंगार के वृक्ष शुभ माने जाते हैं । वृक्ष की छाया भवन… Read More


श्री बगला प्रत्यंगिरा कवचम् ।। श्री शिव उवाच ।। अधुनाऽहं प्रवक्ष्यामि बगलायाः सुदुर्लभम् । यस्य पठन मात्रेण पवनोपि स्थिरायते ।। प्रत्यंगिरां तां देवेशि श्रृणुष्व कमलानने । यस्य स्मरण मात्रेण शत्रवो विलयं गताः ।।… Read More


श्रीबगला पञ्जर स्तोत्र (यह स्तोत्र शेवागम-सारोक्त है । इसी स्तोत्र के उपयोग से मथुरा (उ॰प्र॰) के प्रख्यात स्व॰ विष्णु भट्ट अथर्ववेदी ने विपुल यशार्जन किया था) इस स्तोत्र के सहस्र (एक हजार) पाठ सिद्धि-प्राप्ति के लिए पहले करने चाहिए । फिर सौ पाठ अनुष्ठान कार्य-सिद्धि के लिए करना चाहिए । नित्य कर्म करके स्व-शरीर-रक्षार्थ इस… Read More


श्रीबगलामुखी हृदय स्तोत्रम् विनियोगः- ॐ अस्य श्रीबगला-मुखी हृदयमालामन्त्रस्य श्रीनारद ऋषिः, अनुष्टुप छन्दः, श्री बगला-मुखी देवता, ‘ह्लीं’ बीजं, ‘क्लीं’ शक्तिः, ‘ऐं’ कीलकं, श्रीबगला-मुखी-वर-प्रसाद सिद्धयर्थे जपे विनियोगः । ऋष्यादि-न्यासः- श्रीनारद ऋषये नमः शिरसि, अनुष्टुप छन्दसे नमः मुखे, श्री बगला-मुखी देवतायै नमः हृदि, ‘ह्लीं’ बीजाय नमः गुह्ये, ‘क्लीं’ शक्त्यै नमः नाभौ, ‘ऐं’ कीलकाय नमः पादयोः, श्रीबगला-मुखी-वर-प्रसाद सिद्धयर्थे जपे… Read More


श्री बगला हृदय स्तोत्रम् ।। श्रीदेव्युवाच ।। इदानीं खलु मे देव ! बगला-हृदयं प्रभो ! कथयस्व महा-देव ! यद्यहं तव वल्लभा ।। १… Read More


श्रीबगला कीलक-स्तोत्रम् ह्लीं ह्लीं ह्लींकार-वाणे, रिपुदल-दलने, घोर-गम्भीर-नादे ! ज्रीं ह्रीं ह्रींकार-रुपे, मुनि-गण-नमिते, सिद्धिदे, शुभ्र-देहे ! भ्रों भ्रों भ्रोंकार-नादे, निखिल-रिपु-घटा-त्रोटने, लग्न-चित्ते ! मातर्मातर्नमस्ते सकल-भय-हरे ! नौमि पीताम्बरे ! त्वाम् ।। १… Read More


पीताम्बरा बगलामुखी खड्ग मालामन्त्र यह स्तोत्र शत्रुनाश एवं कृत्यानाश, परविद्या छेदन करने वाला एवं रक्षा कार्य हेतु प्रभावी है । साधारण साधकों को कुछ समय आवेश व आर्थिक दबाव रहता है, अतः पूजा उपरान्त नमस्तस्यादि शांति स्तोत्र पढ़ने चाहिये ।… Read More


ग्रह आदि बाधा, रोग-निवारक प्रयोग बगलामुखी मन्त्र प्रयोग संकल्पः- ॐ अद्यैतस्य…………………….अमुक-मासे अमुक-पक्षे अमुक वासरे अमुक-गोत्रोत्पन्नो अमुक-शर्माऽहं (वर्माऽहं, गुप्तोऽहं वा) मम स्व-शरीरस्य (मम अमुक-यजमानस्य शरीरस्य वा) सम्पूर्ण-रोग-समूह-वात्तिक-पैत्तिक-श्लैष्मिक-द्वन्द्वज-नाना-रोगा-दुष्ट-रोगा-जन्मज-पातकज-नाना-ग्रहोपग्रह-प्रयोग-ग्रह-प्रवेश-ग्रह-प्रयोग-ग्रहादि-शान्त्यर्थे सर्व-ग्रहोच्चाटनार्थे श्रीबगलामुखी-देवता-मन्त्रस्य अयुत-जप-तद्-दशांश-होम-तर्पण-मार्जनाय संकल्पमहं करिष्ये ।… Read More


श्रीबगला-प्रातः-स्मरण प्रातः स्मरामि मधु-पूर्ण-सुधा-समुद्रम्, तन्मध्य-दिव्य-मणिद्वीप-मनोहरं च । कल्पाटवीममित-रत्न-विभूष-कोटम्, श्रीमण्डपं विशद-शोभि हृदि स्फुरन्तम् ।। १… Read More