श्रीगणेशपुराण-उपासना-खण्ड-अध्याय-88 श्रीगणेशपुराण-उपासना-खण्ड-अध्याय-88 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ अठासीवाँ अध्याय कामदेव के दग्ध किये जाने पर कामपत्नी रति द्वारा भगवान् शिव की प्रार्थना, प्रसन्न होकर शिव द्वारा उसे अनेक वरदानों की प्राप्ति तथा कामदेव के सदेह होने का वरदान दिया जाना, कामदेव द्वारा गणेशजी के एकाक्षर मन्त्र का अनुष्ठान तथा गणेशजी की आराधना अथः अष्टाशीतितमोऽध्यायः नारदस्योपदेशानुसारं शेषेन कृतं… Read More
श्रीगणेशपुराण-उपासना-खण्ड-अध्याय-87 श्रीगणेशपुराण-उपासना-खण्ड-अध्याय-87 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ सतासीवाँ अध्याय वरदचतुर्थीव्रत का विधान, शिवजी के उपदेश से स्कन्द द्वारा वरदचतुर्थीव्रत का प्रत्यक्ष अनुष्ठान, कार्तिकेय को लक्ष्यविनायक गणेशजी के दिव्य स्वरूप का दर्शन और अनेक वरदानों की प्राप्ति, कार्तिकेय द्वारा लक्ष्यविनायक गणेश की प्रतिमा की स्थापना और तारकासुर का वध अथः सप्ताशीतितमोऽध्यायः एलापुरक्षेत्रे स्कन्देन तपः, लक्षविनायकप्रभुना वरदानम् तारकासुर वधः… Read More
श्रीगणेशपुराण-उपासना-खण्ड-अध्याय-86 श्रीगणेशपुराण-उपासना-खण्ड-अध्याय-86 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ छियासीवाँ अध्याय ब्रह्मा तथा बृहस्पति द्वारा स्कन्द का नामकरण, देवताओं द्वारा स्कन्द का ‘सेनापति’ पद पर अभिषेक, स्कन्द का वरदचतुर्थी के माहात्म्य के विषय में शिवजी से प्रश्न करना अथः षडशीतितमोऽध्यायः स्कन्दोपाख्याने शङ्करेण स्कन्दाय गणेशव्रतकथनम् ब्रह्माजी बोले — उस प्रकार के बालक को देखकर देवी पार्वती के स्तनों से दूध… Read More
श्रीगणेशपुराण-उपासना-खण्ड-अध्याय-85 श्रीगणेशपुराण-उपासना-खण्ड-अध्याय-85 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ पचासीवाँ अध्याय भगवान् शिव-पार्वती का क्रीडा-विहार, देवताओं की प्रार्थना पर अग्निदेव का भिक्षुकरूप में उनके समीप जाकर भिक्षा की याचना करना, माता पार्वती का भिक्षा के रूप में उन्हें शिवतेज प्रदान करना, अग्निदेव द्वारा उस तेज को गंगा में प्रवाहित करना, छः कृत्तिकाओं द्वारा शिवतेज का धारण और षण्मुख का… Read More
श्रीगणेशपुराण-उपासना-खण्ड-अध्याय-84 श्रीगणेशपुराण-उपासना-खण्ड-अध्याय-84 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ चौरासीवाँ अध्याय कामदेव द्वारा समाधिस्थ भगवान् शंकर को विचलित करना, उनकी नेत्राग्नि से काम का दग्ध होना, पार्वती द्वारा शंकर की स्तुति तथा शिव-पार्वती का कैलासगमन अथः चतुरशीतितमोऽध्यायः शङ्करस्य समीपं कामदेवस्य भस्मीभवनम् ब्रह्माजी बोले — ऐसा कहकर कामदेव देवताओं के कार्य को सफल बनाने के लिये निकल पड़े और उन्होंने… Read More
श्रीगणेशपुराण-उपासना-खण्ड-अध्याय-83 श्रीगणेशपुराण-उपासना-खण्ड-अध्याय-83 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ तिरासीवाँ अध्याय तारकासुर का आख्यान, ब्रह्माजी से वरप्राप्त तारकासुर का अत्याचार, देवों द्वारा भगवान् शिव की स्तुति, भगवती उमा का प्रकट होकर तारकासुर के वध का उपाय बताना, देवताओं द्वारा कामदेव का आवाहन, कामदेव का शिव को विचलित करने के लिये प्रस्थान अथः त्र्यशीतितमोऽध्यायः तारकासुरोत्पत्तिः मुनि बोले — हे लोकेश… Read More
श्रीगणेशपुराण-उपासना-खण्ड-अध्याय-82 श्रीगणेशपुराण-उपासना-खण्ड-अध्याय-82 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ बयासीवाँ अध्याय परशुरामजी द्वारा पूछे जाने पर माता रेणुका द्वारा उन्हें कार्तवीर्य-विजय का उपाय बतलाना, परशुराम द्वारा महादेवजी की आराधना से उन्हें गणेशजी के षडक्षरमन्त्र का उपदेश प्राप्त होना, मन्त्रजप से गणेशजी का उन्हें दर्शन देना, गणेशजी का उन्हें अपना परशु प्रदान करना और परशुराम नाम की प्रसिद्धि, परशुराम द्वारा… Read More
श्रीगणेशपुराण-उपासना-खण्ड-अध्याय-81 श्रीगणेशपुराण-उपासना-खण्ड-अध्याय-81 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ इक्यासीवाँ अध्याय परशुराम का माता-पिता का दाह-संस्कार करके महर्षि दत्तात्रेयजी को आमन्त्रित करने उनके आश्रम पर जाना और अपने आगमन का प्रयोजन बताना, तदनन्तर दोनों का वापस आश्रम पर आना, दत्तात्रेयजी के निर्देशानुसार परशुराम द्वारा त्रयोदशाहपर्यन्त अपने माता-पिता का और्ध्वदैहिक संस्कार सम्पन्न करना और पिता-माता की सद्गति अथः एकाशीतितमोऽध्यायः रामोपाख्याने… Read More
श्रीगणेशपुराण-उपासना-खण्ड-अध्याय-80 श्रीगणेशपुराण-उपासना-खण्ड-अध्याय-80 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ अस्सीवाँ अध्याय माता रेणुका के स्मरण करने पर परशुराम का आगमन, माता द्वारा सारा वृत्तान्त जानकर परशुराम का दुखी होना और माता द्वारा प्राप्त इक्कीस बार पृथ्वी को क्षत्रियविहीन बनाने की आज्ञा को स्वीकार करना, परशुराम द्वारा माता-पिता का और्ध्वदैहिक संस्कार करना अथः अशीतितमोऽध्यायः रामोपाख्याने और्ध्वदैहिकसंस्कारोपदेश ब्रह्माजी बोले — राजा… Read More
श्रीगणेशपुराण-उपासना-खण्ड-अध्याय-79 श्रीगणेशपुराण-उपासना-खण्ड-अध्याय-79 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ उन्यासीवाँ अध्याय जमदग्नि द्वारा कामधेनु को देने से मना करने पर कार्तवीर्य का क्रुद्ध होकर अपने सैनिकों को युद्ध का आदेश देना, इधर कामधेनु द्वारा अनेक वीरों का प्रादुर्भाव और उनके द्वारा कार्तवीर्य की सेना का पराभव, क्रुद्ध कार्तवीर्य द्वारा महर्षि जमदग्नि का वध, रेणुका का कार्तवीर्य को शाप देना… Read More