कार्य की सफलता के लिए कार्य की सफलता के लिए मन्त्र :- “सूर शिरोमनि साहसी, सुमति समीर-कुमार ! अगम सुगम सब काम करु, कर-तल सिद्धि बिचार ।।”… Read More
यात्रा के गन्तव्य स्थान में सुविधा के लिए यात्रा के गन्तव्य स्थान में सुविधा के लिए मन्ल :- “गच्छ गौतम ! शीघ्रं त्वं, ग्रामेषु नगरेषु च । असनं वसनं चैव, ताम्बूलं तत्र कल्पय ।।”… Read More
यात्रा की सफलता के लिए यात्रा की सफलता के लिए मन्त्र :- “राम लखन कौशिक सहित, सुमिर करहु पयान । लच्छि लाभ लै जगत यश, मङ्गल सगुन प्रमान ।।… Read More
विघ्नों का निवारण विघ्नों का निवारण मन्त्रः- “ॐ नमो आदेश । गुरु जी को आदेश । पहिला गण गणपती । चौदा विद्यांचा सारथी । जती सती कैलास- पती । बल भीम मारुती । आले विघ्न निवारी । साईं गोरखनाथ की द्वाही । गुरू की शक्ति – मेरी भक्ति । चले मन्त्र, ईश्वरी वाचा । पिण्ड कच्चा, गुरू गोरखनाथ… Read More
धन-धान्य की समृद्धि के लिए धन-धान्य की समृद्धि के लिए मन्त्रः- “ॐ ह्रीं श्रीं श्रीं श्रीं श्रीं श्रीं श्रीं श्रीं लक्ष्मी, मम गृहे धन पुरे । चिन्ता दूरे दूरे स्वाहा ।”… Read More
पागल कुत्ते का विष-निवारण पागल कुत्ते का विष-निवारण मन्त्रः- “ॐ कामरू देश, कामाक्षा देवी । जहाँ बसै इस्मायल जोगी । इस्मायल जोगी का झामरा कुत्ता । सोना डाढ़, रूपा का कुण्डा । बन्दर नाचे, रीछ बजावे । सीता बैठी, औषध बांटे । कूकर का विष भाजे । शब्द सांचा, पिण्ड कांचा । फुरो मन्त्र, ईश्वरी वाचा ।”… Read More
चोर-भय का निवारण चोर-भय का निवारण मन्त्रः- “ॐ करालिनी स्वाहा । ॐ कपालिनी स्वाहा । ह्रीं ह्रीं ह्रीं ह्रीं चोर बन्ध ठं ठं ठं ।”… Read More
सर्प-भय का निवारण किसान बन्धुओं के लिए मन्त्र सर्प-भय का निवारण मन्त्रः- “मुनि-राज आस्तक नमः ।” विधि – घर मे सर्प हो और उससे भय हो, तो या सर्प के कभी- कभी दिखाई देने से डर लग रहा हो, तो अथवा खेत में सर्प भय अधिक हो, तो या रात्रि में घर से खेत तक जाने के मार्ग… Read More
गाय की चोरी होने पर किसान बन्धुओं के लिए मन्त्र गाय की चोरी होने पर मन्त्रः- “ॐ नमो आदेश । गुरु जी को आदेश । गुरू की क्रिया भण्डारी । धनञ्जय देवेन्द्रनाथ उतारी । बाबा हमदे । गाय गुरु के परि सुखे । नदी को चलवे तीर । गाय गोरख की । बखरी मच्छिन्द्र की । भय से राजा बारसव… Read More
छत्तीसगढ़ के अनुभूत शाबर मन्त्र छत्तीसगढ़ के अनुभूत शाबर मन्त्र प्रस्तुत शाबर मन्त्र अनुभूत हैं और अल्प मात्रा में जपने पर ही सिद्ध हो जाते हैं । इन मन्त्रों को सिद्ध करने के लिए नव-रात्रि, दीपा-वली, होली, ग्रहण, अमावस्या आदि पर्व उपयुक्त माने गए हैं । इन मन्त्रों को सिद्ध करने के पहले ‘गुरु – सर्वार्थ साधन मन्त्र’ और ‘शरीर-… Read More