वशीकरण का अनूठा प्रयोग वशीकरण का अनूठा प्रयोग मन्त्रः- “जति हनुमन्ता, जाय मरघट । पिण्ड का कोन है शोर, छत्तीमय बन पड़े । जेही दश मोहुँ, तेही दश मोहुँ । गुरु की शक्ति, मेरी भक्ति । फुरो मन्त्र, ईश्वरो वाचा ।” विधिः- शनिवार के दिन हनुमान जी का विधि-वत् पूजन करें । ‘सुखडी’ का नैवेद्य चढ़ाएं । ‘सुखड़ी’ गेहूँ… Read More
व्यवसाय वृद्धि-कारक प्रयोग व्यवसाय वृद्धि-कारक प्रयोग १॰ दुकान में लोबान की धूप लगानी चाहिए। २॰ शनिवार के दिन दुकान के मुख्य द्वार पर बेदाग नींबू एवं सात मिर्चें लटकानी चाहिए। ३॰ नागदमन के पौधे की जड़ लाकर इसे दुकान के बाहर लगा देना चाहिए। इससे बंधी दुकान खुल जाती है। ४॰ दुकान के गल्ले में शुभ मुहूर्त में… Read More
लाङ्गूलास्त्र शत्रुञ्जय हनुमत् स्तोत्र लाङ्गूलास्त्र शत्रुञ्जय हनुमत् स्तोत्र ॐ हनुमन्तमहावीर वायुतुल्यपराक्रमम् । मम कार्यार्थमागच्छ प्रणमाणि मुहुर्मुहुः ।। विनियोगः- ॐ अस्य श्रीहनुमच्छत्रुञ्जयस्तोत्रमालामन्त्रस्य श्रीरामचन्द्र ऋषिः, नानाच्छन्दांसि श्री महावीरो हनुमान् देवता मारुतात्मज इति ह्सौं बीजम्, अञ्जनीसूनुरिति ह्फ्रें शक्तिः, ॐ हा हा हा इति कीलकम् श्री राम-भक्ति इति ह्वां प्राणः, श्रीराम-लक्ष्मणानन्दकर इति ह्वां ह्वीं ह्वूं जीव, ममाऽरातिपराजय-निमित्त-शत्रुञ्जय-स्तोत्र-मन्त्र-जपे विनियोगः ।… Read More
विघ्न-विनाशक गणेश मन्त्र विघ्न-विनाशक गणेश मन्त्र “जो सुमिरत सिधि होइ गननायक करिबर बदन । करउ अनुग्रह सोई बुद्धिरासी सुभ गुन सदन ।।” मन्त्र की प्रयोग विधि और लाभ… Read More
संकट नाशन मन्त्र संकट नाशन मन्त्र मन्त्रः- “दीन दयाल बिरिदु सम्भारी । हरहु नाथ मम संकट भारी ।।” मन्त्र की प्रयोग विधि और लाभ… Read More
श्रीराम प्रसन्नता का मन्त्र श्रीराम प्रसन्नता का मन्त्र “अरथ न धरम न काम रुचि गति न चहउँ निरबान जनम जनम रति राम पद यह बरदान न आन ।।” मन्त्र की प्रयोग विधि और लाभ… Read More
विविध टोटके टोटके 1. जन्मकुंडली में यदि ग्यारहवें घर में शनि हो, तो मुख्य द्वार की चौखट बनाने से पहले उसके नीचे चन्दन दबा दें, सुख-समृद्धि से घर सुशोभित रहेगा। 2. भवन निर्माण से पहले भूखंड पर पांच ब्राह्मणों को भोजन करना बहुत शुभ होता है। इससे घर में धन, ऐश्वर्य व सुखों का वास होता है।… Read More
सिद्ध बीसा-यन्त्र प्रयोग विधि सिद्ध बीसा-यन्त्र प्रयोग विधि “बीसा-यन्त्र” अष्ट-गन्ध (सफेद चन्दन, रक्त चन्दन, अगर काष्ठ, कपूर, केसर, शुद्ध कस्तूरी, कुष्ठ, गोरोचन) से तैयार मसी (स्याही) से लिखा जाता है। यन्त्र लिखने के लिए शुभ (गुरु-पुष्य या रविपुष्य) योग में विधिवत तैयार अनार की कलम से भोजपत्र या रेशमी वस्त्र पर लिखें। बीसा यन्त्र लिखने के बाद बची स्याही… Read More
देवी कवच देवी कवच विनियोग – ॐ अस्य श्रीदेव्या: कवचस्य ब्रह्मा ऋषि:, अनुष्टुप् छन्द:, ख्फ्रें चामुण्डाख्या महा-लक्ष्मी: देवता, ह्रीं ह्रसौं ह्स्क्लीं ह्रीं ह्रसौं अंग-न्यस्ता देव्य: शक्तय:, ऐं ह्स्रीं ह्रक्लीं श्रीं ह्वर्युं क्ष्म्रौं स्फ्रें बीजानि, श्रीमहालक्ष्मी-प्रीतये सर्व रक्षार्थे च पाठे विनियोग:।… Read More
श्रीनायिका कवचम् श्रीनायिका कवचम् ।। श्री उन्मत्त-भैरव उवाच ।। श्रृणु कल्याणि ! मद्-वाक्यं, कवचं देव-दुर्लभं । यक्षिणी-नायिकानां तु, संक्षेपात् सिद्धि-दायकं ।। हे कल्याणि ! देवताओं को दुर्लभ, संक्षेप (शीघ्र) में सिद्धि देने वाले, यक्षिणी आदि नायिकाओं के कवच को सुनो –… Read More