विषैले जन्तुओं का विष-निवारण January 6, 2016 | aspundir | Leave a comment प्रचलित शाबर मन्त्र विषैले जन्तुओं का विष-निवारण (क) “एरई हाविल हासी बहु-सर रहीम ।।” विधि – पीतल की थाली की पेन्दी पर उक्त मन्त्र एक पंक्ति मे पूरा लिखे । इसी तरह दूसरी और तीसरी पंक्ति में भी लिखे ।… Read More
बाई-पीड़ा (वात-दर्द) निवारण मन्त्र January 6, 2016 | aspundir | Leave a comment बाई-पीड़ा (वात-दर्द) निवारण मन्त्र मन्त्रः- “बाई झारो पोरे – पोरे । बाई झारो जङ्ग से । बाई चले-हट ।”… Read More
चोर (चमक) दर्द-निवारण मन्त्र January 6, 2016 | aspundir | Leave a comment चोर (चमक) दर्द-निवारण मन्त्र मन्त्रः- “राम चले धनुष साजे, सीता जी झारे केश । लछु-मन चलते चोर धरे, ठाँवें परे विशेष ।। दुहाई गौरी-पार्वती की ।।”… Read More
कटे-जले घाव की चिकित्सा January 6, 2016 | aspundir | Leave a comment कटे-जले घाव की चिकित्सा मन्त्रः- “राम लछुमन बोउ भाइ । काटा घाव फूँका जाइ ।। नाहीं घाव, नाहीं पूज । सिद्ध गुरू उस्तादे पाँव ।। काँवरू- काँवरू कामाक्षा-कामाक्षा आज्ञा हाड़ी जीते ।।”… Read More
दिशा, स्थान बाँधने का मन्त्र January 5, 2016 | aspundir | Leave a comment दिशा, स्थान बाँधने का मन्त्र मन्त्र :- “काला गुरू, धर धतूर तै । जान बास – बसेरु, अमली खेरु । वन देउता आकासे लाग, दशो दिशा दशो देउता । मोरे गुरू, तोर गुरू । मै जानो शपथ साँची । कहु राख धरू मार, बन्धान पर ओर – छोर । मोर देउता, गौरा पार्वती, महादेव की… Read More
स्थान बाँधने का मन्त्र January 5, 2016 | aspundir | Leave a comment स्थान बाँधने का मन्त्र मन्त्र :- “उतरे पाँव परन्ते जी, सुमिरन सुग्रीव लाभा होय । चौगुना सान्से परे न जीव, धरती करो बिछौना । तम्बू तनू आकाश, सूर्य – चन्द्रमा दीपक-सुख, सोमै हरी के दास । पाँच पुतरी के रखवार, भाग-भाग रे दुष्ट ! हनुमन्त बिराजे आय । जहाँ बजी हनु- मन्त की ताली, तहाँ… Read More
आत्म-बल, स्व-शरीर-रक्षा का अनुभूत गणेश मन्त्र January 5, 2016 | aspundir | Leave a comment सिद्ध शाबर मन्त्र-कल्पतरु आत्म-बल, स्व-शरीर-रक्षा का अनुभूत मन्त्र मन्त्र :- “ॐ गुरू जी गनेपाइयाँ, रिद्धि-सिद्धि आइयाँ । रिद्धि-सिद्धि भरै भण्डार, कमी कछू की नाहीं । पीर-पैगम्बर औलिया- सबको राह बताई । हाथा तो हनुमन्त बसे, भैरो बसे कपाल । दो नैनन बिच, नाहर सिंह, मोह लीन संसार । बिन्द्रा लाव, सिन्दूर का सोहै माँग लिलार… Read More
आत्म-बल, स्व-शरीर-रक्षा का अनुभूत मन्त्र January 5, 2016 | aspundir | Leave a comment सिद्ध शाबर मन्त्र-कल्पतरु आत्म-बल, स्व-शरीर-रक्षा का अनुभूत मन्त्र मन्त्र :- (१) “ॐ गुरू जी काल-भैरव ! काली लट हाथ, फरसी साथ, नगरी करहुँ प्रवेश । नगरी की करो बकरी । राजा को करो बिलाई । जो कोई मेरा जोग भङ्ग करै, बाबा कृष्णनाथ की दुहाई ।”… Read More
भैरव जी का शाबर मन्त्र January 4, 2016 | aspundir | Leave a comment भैरव जी का शाबर मन्त्र मन्त्रः- “भैरों उचके, भैरों कूदे । भैरों सोर (शोर) मचावै । मेरा कहना ना करे, तो कालिका को (का) पूत न कहावै । शब्द साँचा, फुरो मन्त्र, ईश्वरी वाचा ।”… Read More
काली के प्रत्यक्ष दर्शन का मन्त्र January 4, 2016 | aspundir | Leave a comment काली के प्रत्यक्ष दर्शन का मन्त्र मन्त्रः- “काली-काली, महा-काली । इन्द्र की बेटी, ब्रह्मा की साली । हरी गोट, पीरी सारी । माँयके को (का) बाँध, सासरे (ससुराल) को (का) बाँध । औघट को (का) बाँध, गैल ( गली) को ( का) बाँध । बार-बार (बाल-बाल) में से, सोत-सोत (स्रोत-स्रोत) में से, बत्तीसउ दाँत में… Read More