ग्रह पीड़ा निवारक टोटके August 5, 2015 | aspundir | Leave a comment ग्रह पीड़ा निवारक टोटके- सूर्य १॰ सूर्य को बली बनाने के लिए व्यक्ति को प्रातःकाल सूर्योदय के समय उठकर लाल पूष्प वाले पौधों एवं वृक्षों को जल से सींचना चाहिए। २॰ रात्रि में ताँबे के पात्र में जल भरकर सिरहाने रख दें तथा दूसरे दिन प्रातःकाल उसे पीना चाहिए। ३॰ ताँबे का कड़ा दाहिने हाथ… Read More
हस्तरेखा और आर्थिक सम्पन्नता August 5, 2015 | aspundir | Leave a comment हस्तरेखा और आर्थिक सम्पन्नता ॰ यदि अंगुलियों कर पर्व लम्बे हो तो जातक धनी होने के साथ-साथ दीर्घायु भी प्राप्त करता है। ॰ यदि कनिष्ठा अँगुली का नाखुन अनामिका अँगुलू के द्वितीय पर्व से आगे निकलकर तीसरे पर्व तक जाये तो जातक को कभी भी धन का अभाव नहीं होता। ॰ यदि कनिष्ठा एवं अनामिका… Read More
पान वशीकरण August 5, 2015 | aspundir | Leave a comment पान वशीकरण १॰ “कामरु देश कामाख्या देवी, तहाँ बसे इस्माइल जोगी। इस्माइल जोगी ने दीना बीड़ा। पहला बीड़ा आती-जाती, दूजा बीड़ा दिखावे छाती, तीजा बीड़ा अंग लिपटाय। फुरो मन्त्र, ईश्वरो वाचा। दुहाई गुरु गोरखनाथ की।” विधिः- दीपावली की रात्रि में १४४ बार जपने से उक्त मन्त्र सिद्ध हो जाता है। जप के समय दीपक जलाएँ,… Read More
वस्त्र धारण तथा भविष्य August 5, 2015 | aspundir | Leave a comment वस्त्र धारण तथा भविष्य सामान्यतः वस्त्र सुन्दर एवं आकर्षक दिखने एवं अपने व्यक्तित्व को प्रभावशाली दिखाने हेतु धारण किए जाते हैं। रंग, आकृति एवं स्वरुप की दृष्टि से प्रत्येक व्यक्ति की पसन्द भिन्न-भिन्न हो सकती है। ज्योतिष शास्त्र मेम क्रमशः देव, मनुष्य एवं राक्षस गण होते हैं। इसके अतिरिक्त वास्तु शास्त्र में आठ दिशाओं तथा… Read More
मोहनी शाबर मन्त्र August 4, 2015 | aspundir | Leave a comment मोहनी शाबर मन्त्र (१) “फूलर से फूल बसे अदूल फूल में, नरसिंह बसे वाही फूल, फूल कचनार छोड़ह, तिरिया माय-बाप कै, चल हमरा संग। दोहाय महत मानी कै।” विधिः- अदूल (गुड़हल) फूल की कली पर बारह बार उक्त मन्त्र पढ़ें। जिस पर फेकेंगे, वह वशीभूत होगा। (२) “मोहन-मोहन क्या करे ? मोहन मेरा नाम। भीत… Read More
मांगलिक दोष निवारक टिप्स August 4, 2015 | aspundir | Leave a comment मांगलिक दोष निवारक टिप्स १॰ प्रत्येक मंगलवार को वट वृक्ष की जड़ पर मीठा दूध चढ़ाए। बाद में उस दूध की भीगी मिट्टी से स्वयं के तिलक करें। २॰ पक्षियों को मीठा डालें। ३॰ मंगल दोष से युक्त कन्या को पाँच साल तक मंगला गौरी व्रत करना शुभफलकारक रहता है। ४॰ मंगल दोष को नष्ट… Read More
गण्डा देने का मन्त्र August 4, 2015 | aspundir | Leave a comment गण्डा देने का मन्त्र “बन्ध तो बन्ध, मौला मुर्त्तजा अली का बन्ध, कीड़े और मकोड़े का बन्ध, ताप और तिजारी का बन्ध, जड़ी और बुखार का बन्ध, नजर और गुजर का बन्ध, दीठ और मूठ का बन्ध, कीए और कराए का बन्ध, भेजे और भीजाएका बन्ध, पैरों और हाथन का बन्ध, बन्ध तो बन्ध, मौला… Read More
ध्यान का महत्त्व August 4, 2015 | aspundir | Leave a comment ध्यान का महत्त्व आप सभी ने प्रायः देखा होगा की मन्त्र जप करने से पूर्व शास्त्रों में विनियोग, न्यास, ध्यान आदि का वर्णन होता है। इनका क्या प्रयोजन है? ध्यान- स्थूल ध्यान द्वारा सूक्ष्म का बोध होता है। ‘कुलार्णव तन्त्र’ में स्पष्ट कहा गया है कि -‘जिस प्रकार गायों के सारे शरीर में व्याप्त दूध… Read More
प्राणेश्वर श्रीकृष्ण August 4, 2015 | aspundir | Leave a comment प्राणेश्वर श्रीकृष्ण मंत्र- “ॐ ऐं श्रीं क्लीं प्राण-वल्लभाय सौः सौभाग्यदाय श्रीकृष्णाय स्वाहा।” (22) विनियोगः- ॐ अस्य श्रीप्राणेश्वर-श्रीकृष्ण-मंन्त्रस्य भगवान् श्रीवेदव्यास ऋषिः, गायत्री छंदः, श्रीकृष्ण-परमात्मा देवता, क्लीं बीजं, श्रीं शक्तिः, ऐं कीलकं, ॐ व्यापकः, मम समस्त-क्लेश-परिहार्थं, चतुर्वर्ग-प्राप्तये, सौभाग्य-वृद्धयर्थं च जपे विनियोगः। ऋष्यादि-न्यासः- श्रीवेदव्यास ऋषये नमः शिरसि, गायत्री छंदसे नमः मुखे, श्रीकृष्ण-परमात्मा देवतायै नमः हृदि, क्लीं बीजाय नमः… Read More
सीता स्वयंवर में अयोध्या नरेश को आमंत्रण क्यों नहीं? August 2, 2015 | aspundir | Leave a comment सीता स्वयंवर में अयोध्या नरेश को आमंत्रण क्यों नहीं? राजा जनक के शासनकाल में एक व्यक्ति का विवाह हुआ। जब वह पहली बार सज-सँवरकर ससुराल के लिए चला, तो रास्ते में चलते-चलते एक जगह उसको दलदल मिला, जिसमें एक गाय फँसी हुई थी, जो लगभग मरने के कगार पर थी। उसने विचार किया कि गाय… Read More