बगलामुखी ब्रह्मास्त्र कवचम् इस कवच में प्रयुक्त मंत्र के जप एवं सम्पुटित दुर्गा पाठ कराने पर शत्रुनाश, प्रेतदोषशमन, आर्थिक उन्नति आदि के सफल प्रयोग किये जा सकते हैं । षट्त्रिंशतात्मक (३६ अक्षर) मंत्र के विकल्प में इस मंत्र में मंत्रोच्चारण या ध्यान समय त्रुटि की सम्भावना भी नहीं रहती है ।… Read More


श्री बगला यंत्रराज रक्षा स्तोत्रम् इस स्तोत्र में बगला मंत्र ऋषि नारद, छंद पंक्ति, देवता पीताम्बरा, ह्लीं बीजं, स्वाहा शक्ति, सं कीलक, शत्रु-विनाशक विनियोग कहा गया है तथा इस स्तोत्र के पाठ से यंत्रार्चन का फल प्राप्त होता है ।… Read More


पीताम्बरा बगलामुखी खड्ग मालामन्त्र यह स्तोत्र शत्रुनाश एवं कृत्यानाश, परविद्या छेदन करने वाला एवं रक्षा कार्य हेतु प्रभावी है । साधारण साधकों को कुछ समय आवेश व आर्थिक दबाव रहता है, अतः पूजा उपरान्त नमस्तस्यादि शांति स्तोत्र पढ़ने चाहिये ।… Read More


ग्रह आदि बाधा, रोग-निवारक प्रयोग बगलामुखी मन्त्र प्रयोग संकल्पः- ॐ अद्यैतस्य…………………….अमुक-मासे अमुक-पक्षे अमुक वासरे अमुक-गोत्रोत्पन्नो अमुक-शर्माऽहं (वर्माऽहं, गुप्तोऽहं वा) मम स्व-शरीरस्य (मम अमुक-यजमानस्य शरीरस्य वा) सम्पूर्ण-रोग-समूह-वात्तिक-पैत्तिक-श्लैष्मिक-द्वन्द्वज-नाना-रोगा-दुष्ट-रोगा-जन्मज-पातकज-नाना-ग्रहोपग्रह-प्रयोग-ग्रह-प्रवेश-ग्रह-प्रयोग-ग्रहादि-शान्त्यर्थे सर्व-ग्रहोच्चाटनार्थे श्रीबगलामुखी-देवता-मन्त्रस्य अयुत-जप-तद्-दशांश-होम-तर्पण-मार्जनाय संकल्पमहं करिष्ये ।… Read More


आकर्षण – वशीकरण शाबर मन्त्र १॰ मन्त्र – “बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम” विधिः- मुँह में दूध भरकर उक्त मन्त्र ७८६ बार पढ़ें । फिर वह दूध उगलकर किसी पदार्थ में मिलाकर जिस स्त्री को खिला-पिला दिया जाए, वह आजीवन वश में रहेगी ।… Read More


एरण्ड वृक्ष से वशीकरण का शाबर मन्त्र मन्त्रः- “ॐ नमो काल भैरवी-काली रात, काला आया आधी रात । चलै तो कतार बाँधूँ, तूँ बावन वीर । पर-नारी सो राखै शीर, छाती धरि के वाको लाओ । सोती होय जगा के लाओ । बैठी होय, उठा के लाओ । शब्द साँचा, पिण्ड काँचा । फुँके मन्त्र,… Read More


सर्व-जन-वशीकरण शाबर मन्त्र मन्त्रः- “जय हनुमन्ता, तेज चलन्ता, शहर-गाँव-मरघट में रमता । भैरव साथ उमा को नमता, मेरे वश में अमुक कु लावता । नमु हनुमन्त बजरंग बल-वीरा, ध्यान धरुँ – हिरदय में धीरा ।”… Read More


संकट से रक्षा का शाबर मन्त्र मन्त्रः- “हनुमान हठीला लौंग की काट, बजरंग का टीला ! लावो सुपारी । सवा सौ मन का भोगरा, उठाए बड़ा पहलवान । आस कीलूँ – पास कीलूँ, कीलूँ अपनी काया । जागता मसान कीलूँ, बैठूँ जिसकी छाया । जो मुझ पर चोट-चपट करें, तू उस पर बगरंग ! सिला… Read More


हवन से वशीकरण का शाबर मन्त्र मन्त्रः- “ॐ गणपति वीर बसै मसान, जो मैं माँगो (मंगौ) सो तुम आनु (आन)। पाँच लडुवा सिर सिन्दूर, त्रिभुवन माँगे चम्पे के फूल । अष्ट कुलि नाग मोहु, जो नारी (नौ सौ नाड़ी) बहुत्तरि कोठा मोहु । सभा माहे इन्द्र की बेटी मोहुँ । आवती-आवती स्त्री मोहुँ, जात-जाता पुरुष… Read More


लोक कल्याण-कारक शाबर मन्त्र १॰ अरिष्ट-शान्ति अथवा अरिष्ट-नाशक मन्त्रः- क॰ “ह्रीं हीं ह्रीं” ख॰ “ह्रीं हों ह्रीं” ग॰ “ॐ ह्रीं फ्रीं ख्रीं” घ॰ “ॐ ह्रीं थ्रीं फ्रीं ह्रीं” विधिः- उक्त मन्त्रों में से किसी भी एक मन्त्र को सिद्ध करें । ४० दिन तक प्रतिदिन १ माला जप करने से मन्त्र सिद्ध होता है ।… Read More