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अर्श (बवासीर) नाशक शाबर मन्त्र
“ॐ नमो आदेश गुरु को ।
खुरासान सूं आया वीर, छप्पन सूर संग में तीर ।
सीस कटै और खून न आवै, टपका एक पड़न नहिं पावै ।।
खूनी बादी कैसी होय, करो दूर पीड़ा कम होय ।
शब्द साँचा पिण्ड काँचा, फुरो मन्त्र ईश्वरो वाचा ।।”

विधिः- धूप और कपूर जलाकर 10,000 बार पाठ करने से उक्त मन्त्र सिद्ध होगा । फिर रोगी को बिठाकर १-१ बार मन्त्र पढ़ते हुए चाकू से भूमि पर लकीरें खींचता जाए । इस प्रकार ३१ बार मन्त्र पढ़ते हुए ३१ लकीर खींचे । बवासीर के मस्से कट जाएँगे और खून नहीं निकलेगा ।

One comment on “अर्श (बवासीर) नाशक शाबर मन्त्र

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