नैत्र – रोग का शमन
मन्त्र:- “ॐ नमो वन बिनाई बानरी, जहाँ हनुवन्त आंखि पीड़ा कषावरि । गिहिया थनै लाइ चरिउ जाई भस्मन्तन । गुरु की शक्ति, मेरी भक्ति । फुरो मन्त्र, ईश्वरी वाचा ।”

vadicjagat

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नैत्र पर हाथ फिराते हुए उक्त मन्त्र को सात बार फूंके ।

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