अपराजिता – पूजा अपराजिता – पूजा (निर्णयामृत ) – आश्विन शुक्ल दशमीको प्रस्थान करने के पहले अपराजिता का पूजन किया जाता है । उसके लिये अक्षतादि के अष्टदल पर मृत्तिका की मूर्ति स्थापन करके – ‘ॐ अपराजितायै नमः’ इससे अपराजिता का, ( उसके दक्षिण भागमें )… Read More
ब्रह्मादि देवों द्वारा भगवान् की स्तुति ब्रह्मादि देवों द्वारा भगवान् की स्तुति जय जय सुरनायक जन सुखदायक प्रनतपाल भगवंता । गो द्विज हितकारी जय असुरारी सिंधुसुता प्रिय कंता ।। पालन सुर धरनी अद्भुत करनी मरम न जानइ कोई । जो सहज कृपाला दीनदयाला करउ अनुग्रह सोई ।।… Read More
लाङ्गूलास्त्र शत्रुञ्जय हनुमत् स्तोत्र लाङ्गूलास्त्र शत्रुञ्जय हनुमत् स्तोत्र ॐ हनुमन्तमहावीर वायुतुल्यपराक्रमम् । मम कार्यार्थमागच्छ प्रणमाणि मुहुर्मुहुः ।। विनियोगः- ॐ अस्य श्रीहनुमच्छत्रुञ्जयस्तोत्रमालामन्त्रस्य श्रीरामचन्द्र ऋषिः, नानाच्छन्दांसि श्री महावीरो हनुमान् देवता मारुतात्मज इति ह्सौं बीजम्, अञ्जनीसूनुरिति ह्फ्रें शक्तिः, ॐ हा हा हा इति कीलकम् श्री राम-भक्ति इति ह्वां प्राणः, श्रीराम-लक्ष्मणानन्दकर इति ह्वां ह्वीं ह्वूं जीव, ममाऽरातिपराजय-निमित्त-शत्रुञ्जय-स्तोत्र-मन्त्र-जपे विनियोगः ।… Read More
विघ्न-विनाशक गणेश मन्त्र विघ्न-विनाशक गणेश मन्त्र “जो सुमिरत सिधि होइ गननायक करिबर बदन । करउ अनुग्रह सोई बुद्धिरासी सुभ गुन सदन ।।” मन्त्र की प्रयोग विधि और लाभ… Read More
संकट नाशन मन्त्र संकट नाशन मन्त्र मन्त्रः- “दीन दयाल बिरिदु सम्भारी । हरहु नाथ मम संकट भारी ।।” मन्त्र की प्रयोग विधि और लाभ… Read More
श्रीराम प्रसन्नता का मन्त्र श्रीराम प्रसन्नता का मन्त्र “अरथ न धरम न काम रुचि गति न चहउँ निरबान जनम जनम रति राम पद यह बरदान न आन ।।” मन्त्र की प्रयोग विधि और लाभ… Read More
स्वर विज्ञान स्वर विज्ञान प्राण वायु मनुष्य के शरीर में श्वास लेने पर नासिका के माध्यम से प्रवेश करती है। नासिका में दो छिद्र होते हैं, जो बीच में एक पतली हड्डी के कारण एक दूसरे से अलग रहते हैं। मनुष्य कभी दाहिने छिद्र से और कभी बाँएँ छिद्र से श्वास लेता है। दाहिने छिद्र से श्वास… Read More
रमल से जानें अपने अभीष्ट प्रश्नों का हल रमल से जानें अपने अभीष्ट प्रश्नों का हल स्नानादि से निवृत्त होकर अपने इष्टदेव का ध्यान करें तथा निम्न मन्त्र का यथासंभव या १०८ बार जप करें- “ॐ नमो भगवति देवी कूष्माण्डिनि सर्वकार्यप्रसाधिनि सर्वनिमित्तप्रकाशिनि एहि एहि त्वर त्वर वरं देहि लिहि मातंगिनि लिहि सत्यं ब्रूहि ब्रूहि स्वाहा।।” मन्त्र जप के पश्चात अपने अभीष्ट प्रश्न का… Read More
विविध टोटके टोटके 1. जन्मकुंडली में यदि ग्यारहवें घर में शनि हो, तो मुख्य द्वार की चौखट बनाने से पहले उसके नीचे चन्दन दबा दें, सुख-समृद्धि से घर सुशोभित रहेगा। 2. भवन निर्माण से पहले भूखंड पर पांच ब्राह्मणों को भोजन करना बहुत शुभ होता है। इससे घर में धन, ऐश्वर्य व सुखों का वास होता है।… Read More
सिद्ध बीसा-यन्त्र प्रयोग विधि सिद्ध बीसा-यन्त्र प्रयोग विधि “बीसा-यन्त्र” अष्ट-गन्ध (सफेद चन्दन, रक्त चन्दन, अगर काष्ठ, कपूर, केसर, शुद्ध कस्तूरी, कुष्ठ, गोरोचन) से तैयार मसी (स्याही) से लिखा जाता है। यन्त्र लिखने के लिए शुभ (गुरु-पुष्य या रविपुष्य) योग में विधिवत तैयार अनार की कलम से भोजपत्र या रेशमी वस्त्र पर लिखें। बीसा यन्त्र लिखने के बाद बची स्याही… Read More