श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-तृतीयः स्कन्धः-अध्याय-27 April 13, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-तृतीयः स्कन्धः-अध्याय-27 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ पूर्वार्द्ध-तृतीयः स्कन्धः-सप्तविंशोऽध्यायः सत्ताईसवाँ अध्याय कुमारीपूजा में निषिद्ध कन्याओं का वर्णन, नवरात्रव्रत के माहात्म्य के प्रसंग में सुशील नामक वणिक् की कथा देवीपूजामहत्त्ववर्णनम् व्यासजी बोले — [ हे राजन्!] जो कन्या किसी अंग से हीन हो, कोढ़ तथा घावयुक्त हो, जिसके शरीर… Read More
श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-तृतीयः स्कन्धः-अध्याय-26 April 13, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-तृतीयः स्कन्धः-अध्याय-26 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ पूर्वार्द्ध-तृतीयः स्कन्धः-षड्विंशोऽध्यायः छब्बीसवाँ अध्याय नवरात्रव्रत-विधान, कुमारी पूजा में प्रशस्त कन्याओं का वर्णन कुमारीपूजावर्णनं जनमेजय बोले — हे द्विजश्रेष्ठ! नवरात्र के आने पर और विशेष करके शारदीय नवरात्र में क्या करना चाहिये ? उसका विधान आप मुझे भली-भाँति बताइये ॥ १ ॥… Read More
श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-तृतीयः स्कन्धः-अध्याय-25 April 12, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-तृतीयः स्कन्धः-अध्याय-25 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ पूर्वार्द्ध-तृतीयः स्कन्धः-पञ्चविंशोऽध्यायः पचीसवाँ अध्याय सुदर्शन का शत्रुजित् की माता को सान्त्वना देना, सुदर्शन द्वारा अयोध्या में तथा राजा सुबाहु द्वारा काशी में देवी दुर्गा की स्थापना देवीस्थापनवर्णनम् व्यासजी बोले — अयोध्या पहुँचकर नृपश्रेष्ठ सुदर्शन अपने मित्रों के साथ राजभवन में गये… Read More
श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-तृतीयः स्कन्धः-अध्याय-24 April 12, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-तृतीयः स्कन्धः-अध्याय-24 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ पूर्वार्द्ध-तृतीयः स्कन्धः-चतुर्विंशोऽध्यायः चौबीसवाँ अध्याय सुबाहु द्वारा भगवती दुर्गा से सदा काशी में रहने का वरदान माँगना तथा देवी का वरदान देना, सुदर्शन द्वारा देवी की स्तुति तथा देवी का उसे अयोध्या जाकर राज्य करने का आदेश देना, राजाओं का सुदर्शन से… Read More
श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-तृतीयः स्कन्धः-अध्याय-23 April 12, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-तृतीयः स्कन्धः-अध्याय-23 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ पूर्वार्द्ध-तृतीयः स्कन्धः-त्रयोविंशोऽध्यायः तेईसवाँ अध्याय सुदर्शन का शशिकला के साथ भारद्वाज-आश्रम के लिये प्रस्थान, युधाजित् तथा अन्य राजाओं से सुदर्शन का घोर संग्राम, भगवती सिंहवाहिनी दुर्गा का प्राकट्य, भगवती द्वारा युधाजित् और शत्रुजित् का वध, सुबाहु द्वारा भगवती की स्तुति सुबाहुकृतदेवीस्तुतिवर्णनम् व्यासजी… Read More
श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-तृतीयः स्कन्धः-अध्याय-22 April 12, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-तृतीयः स्कन्धः-अध्याय-22 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ पूर्वार्द्ध-तृतीयः स्कन्धः-द्वाविंशोऽध्यायः बाईसवाँ अध्याय शशिकला का गुप्त स्थान में सुदर्शन के साथ विवाह, विवाह की बात जानकर राजाओं का सुबाहु के प्रति क्रोध प्रकट करना तथा सुदर्शन का मार्ग रोकने का निश्चय करना सुदर्शनशशिकलयोर्विवाहवर्णनम् व्यासजी बोले — पवित्र अन्तःकरण वाले राजा… Read More
श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-तृतीयः स्कन्धः-अध्याय-21 April 12, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-तृतीयः स्कन्धः-अध्याय-21 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ पूर्वार्द्ध-तृतीयः स्कन्धः-एकविंशोऽध्यायः इक्कीसवाँ अध्याय राजा सुबाहु का राजाओं से अपनी कन्या की इच्छा बताना, युधाजित् का क्रोधित होकर सुबाहु को फटकारना तथा अपने दौहित्र से शशिकला का विवाह करने को कहना, माता द्वारा शशिकला को पुनः समझाना, किंतु शशिकला का अपने… Read More
श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-तृतीयः स्कन्धः-अध्याय-20 April 11, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-तृतीयः स्कन्धः-अध्याय-20 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ पूर्वार्द्ध-तृतीयः स्कन्धः-विंशोऽध्यायः बीसवाँ अध्याय राजाओं का सुदर्शन से स्वयंवर में आने का कारण पूछना और सुदर्शन का उन्हें स्वप्न में भगवती द्वारा दिया गया आदेश बताना, राजा सुबाहु का शशिकला को समझाना, परंतु उसका अपने निश्चय पर दृढ़ रहना स्वपितरं प्रति… Read More
श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-तृतीयः स्कन्धः-अध्याय-19 April 11, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-तृतीयः स्कन्धः-अध्याय-19 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ पूर्वार्द्ध-तृतीयः स्कन्धः-एकोनविंशोऽध्यायः उन्नीसवाँ अध्याय माता का शशिकला को समझाना, शशिकला का अपने निश्चय पर दृढ़ रहना, सुदर्शन तथा अन्य राजाओं का स्वयंवर में आगमन, युधाजित् द्वारा सुदर्शन को मार डालने की बात कहने पर केरल नरेश का उन्हें समझाना राजसंवादवर्णनम् व्यासजी… Read More
श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-तृतीयः स्कन्धः-अध्याय-18 April 11, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-तृतीयः स्कन्धः-अध्याय-18 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ पूर्वार्द्ध-तृतीयः स्कन्धः-अष्टादशोऽध्यायः अठारहवाँ अध्याय राजकुमारी शशिकला द्वारा मन-ही-मन सुदर्शन का वरण करना, काशिराज द्वारा स्वयंवर की घोषणा, शशिकला का सखी के माध्यम से अपना निश्चय माता को बताना शशिकलया मातरं प्रति संदेशप्रेषणम् व्यासजी बोले — उस ब्राह्मण का वचन सुनकर सुन्दरी… Read More