भैरव शाबर मन्त्र June 6, 2019 | aspundir | 3 Comments भैरव शाबर मन्त्र प्रयोग 1 — निम्न मन्त्र की सिद्धि के लिए किसी भैरव मन्दिर या शिव मन्दिर में मंगलवार या शनिवार के दिन 11 बजे रात्रि के बाद पूरब या उत्तर दिशा में मुंह करके लाल या काला आसन लगाकर पहले भैरव देव की षोडशोपचार पूजा करें । इसके बाद गुड़ से बनी खीर,… Read More
जानें खोई हुई वस्तु – अंक ज्योतिष से June 5, 2019 | aspundir | Leave a comment जानें खोई हुई वस्तु – अंक ज्योतिष से सेफेरियल ने खोई हुई वस्तु के सम्बन्ध में अंक-ज्योतिष की एक विधि का उल्लेख किया है । वस्तुतः यह विधि मूक-प्रश्न की भाँति है । इस प्रकार इस विधि में भी पृच्छक से 0 से 9 अंक 9 बार पूछकर लिखने हैं और उन अंकों के योगफल… Read More
गणेशमातृका न्यासः June 5, 2019 | aspundir | Leave a comment ॥ गणेशमातृका न्यासः ॥ गणेश मातृकान्यास करने से मन्त्र शीघ्र जाग्रत होता है । विनियोगः- ॐ अस्य श्रीगणेश मातृका न्यास मन्त्रस्य गणक ऋषिः र्निचृद् गायत्रीच्छन्दः शक्तिविनायको देवता सर्वाभीष्ट सिद्ध्यर्थे न्यासे विनियोगः ॥ षडङ्गन्यासः- ॐ गां हृदयाय नमः, ॐ गीं शिरसे स्वाहा, ॐ गूं शिखायै वषट्, ॐ गैं कवचाय हुम्, ॐ गौं नेत्रत्रायाय वौषट्, ॐ गः… Read More
चौरगणपति मंत्र प्रयोगः June 5, 2019 | aspundir | 2 Comments ॥ अथ चौरगणपति मंत्र प्रयोगः ॥ ‘भूत शुद्धि’ के बाद “चौरमन्त्रन्यास” करना चाहिए, क्योंकि ‘वर्णविलास तन्त्र’ में कहा है कि — चौरमन्त्रं महामन्त्रं, पञ्चाशत्गणतोषणं । चौरमन्त्रं विना भद्रे ! शान्तिस्वस्त्ययनं कुतः ॥ चौर गणपति की साधना करने वाला स्वयं के जपफल की तो रक्षा करता ही है दूसरों की सिद्धि को भी हरण कर सकता… Read More
वक्रतुण्ड गणेश विधानम् June 1, 2019 | aspundir | Leave a comment ॥ वक्रतुण्डगणेश विधानम् ॥ विनियोगः- ॐ अस्य श्रीवक्रतुण्डगणेश मंत्रस्य भार्गव ऋषिः, अनुष्टप् छन्दः, विघ्नेशो देवता, वं बीजं, यं शक्तिरात्मनोऽभीष्टसिद्ध्यर्थे जपे विनियोगः । ऋष्यादिन्यासः – ॐ भार्गव ऋषये नमः शिरसि, अनुष्टप् छन्दसे नमः मुखे, विघ्नेश देवता नमः हृदि, वं बीजाय नमः, गुह्ये यं शक्त्यै नमः नाभौ विनियोगाय नमः सर्वाङ्गे । करन्यासः- ॐ वं नमः अंगुष्ठाभ्यां नमः… Read More
हनुमान-शाबर-मन्त्र May 31, 2019 | aspundir | Leave a comment हनुमान-शाबर-मन्त्र ‘कल्याण’ के हनुमान अङ्क’ से उद्धृत १. सिर – पीड़ाः— पीड़ित व्यक्ति को दक्षिणाभिमुख – मुख बैठा कर उसके सिर को अपने हाथ से पकड़े । फिर निम्न ‘शाबर मन्त्र’ का उच्चारण करते हुए झाड़े — मन्त्रः— “लङ्का में बैठ के माथ हिलावे हनुमन्त । सो देखि के राक्षस-गण पाय दुरन्त ॥ बैठी सीता… Read More
पासावली प्रश्न चक्रम् – महावीर प्रश्नावली May 30, 2019 | aspundir | Leave a comment पासावली प्रश्न चक्रम् ( महावीर प्रश्नावली ) यह पासावली-प्रश्न-चक्रम् महर्षि गर्गाचार्य द्वारा रचित है । यह एक मूक प्रश्न पासावली है, जिसके द्वारा प्रश्न का भाव क्या सोचा गया है तथा उसका प्रश्न फल कैसा घटित होगा ? इस बात की तत्क्षण जानकारी हो जाती है । यह एक चमत्कारी प्रश्नफल विधि है । विधिः—… Read More
पाण्डवकृत कात्यायनी स्तुति May 30, 2019 | aspundir | Leave a comment ॥ पाण्डवकृत कात्यायनी स्तुति ॥ शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने के लिये नित्य पाठ करें – ततो धर्मसुतो राजा गुरून्युद्धे व्यवस्थितान् । भीष्मद्रोणमुखान्सर्वान्प्रणिपत्य पृथक् पृथक् । युद्धाय तैरनुज्ञात स्वरथ पुनरागमत् ॥ १ ॥ ततस्ते पाण्डवा सर्वे अवप्लुत्य रथोत्तमात् । संग्रामे जयलाभाय तुष्टुवुर्जगदम्विकाम् ॥ २ ॥ ॥ पाण्डवा ऊचु ॥… Read More
श्रीराधिका सहस्रनाम स्तोत्रम् (वासुदेवरहस्ये राधातन्त्रे ) May 29, 2019 | aspundir | 1 Comment ॥ अथ श्रीराधिका सहस्रनाम स्तोत्रम् ॥ इस सहस्रनाम स्तोत्र में पूर्णाभिषेक दीक्षा से मन्त्र व कर्म के ज्ञान हेतु कहा गया है । ॥ ईश्वरोवाच ॥ इति ते कथितं देवि किमन्यत् कथयामि ते । श्रोत्री त्वं परमेशानि अहं वक्ता च शाश्वतः ॥ ॥ देव्युवाच ॥ कियदन्यन्महादेव पृच्छामि यदिहोच्यते । हृदये तव देवेश नानातन्त्राणि सन्ति वै… Read More
श्रीराधिकासहस्रनामस्तोत्रम् May 28, 2019 | aspundir | Leave a comment ॥ श्रीराधिकासहस्रनामस्तोत्रम् ॥ ॥ श्रीपार्वत्युवाच ॥ देवदेव जगन्नाथ भक्तानुग्रहकारक । यद्यस्ति मयि कारुण्यं मयि यद्यस्ति ते दया ॥ १ ॥ यद्यत् त्वया निगदितं तत्सर्वं मे श्रुतं प्रभो । गुह्याद् गुह्यतरं यत्तु यत्ते मनसि काशते ॥ २ ॥ त्वया न गदितं यत्तु यस्मै कस्मै कदचन । तस्मात् कथय देवेश सहस्रं नाम चोत्तमम् ॥ ३ ॥ श्रीराधाया… Read More