ब्रह्मवैवर्तपुराण-श्रीकृष्णजन्मखण्ड-अध्याय 101 ब्रह्मवैवर्तपुराण-श्रीकृष्णजन्मखण्ड-अध्याय 101 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ श्रीराधाकृष्णाभ्यां नमः ॥ (उत्तरार्द्ध) एक सौ एकवाँ अध्याय नन्द आदि समागत अभ्यागतों की बिदाई और वसुदेव-देवकी का अनेकविध वस्तुओं का दान करना नारायण बोले — मुने! इस प्रकार जब देवताओं और मुनियों ने मन-ही-मन श्रीकृष्ण की स्तुति करके विराम लिया, तब आँगन में पीले वस्त्र से… Read More
ब्रह्मवैवर्तपुराण-श्रीकृष्णजन्मखण्ड-अध्याय 100 ब्रह्मवैवर्तपुराण-श्रीकृष्णजन्मखण्ड-अध्याय 100 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ श्रीराधाकृष्णाभ्यां नमः ॥ (उत्तरार्द्ध) सौवाँ अध्याय अदिति आदि देवियों द्वारा पार्वती का स्वागत-सत्कार, वसुदेवजी का देव-पूजन आदि माङ्गलिक कार्य करके बलराम और श्रीकृष्ण का उपनयन करना श्रीनारायण कहते हैं — नारद! तदनन्तर अदिति, दिति, देवकी, रोहिणी, रति, सरस्वती, पतिव्रता यशोदा, लोपामुद्रा, अरुन्धती, अहल्या तथा तारका —… Read More
ब्रह्मवैवर्तपुराण-श्रीकृष्णजन्मखण्ड-अध्याय 99 ब्रह्मवैवर्तपुराण-श्रीकृष्णजन्मखण्ड-अध्याय 99 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ श्रीराधाकृष्णाभ्यां नमः ॥ (उत्तरार्द्ध) निन्यानबेवाँ अध्याय गर्गजी का आगमन और वसुदेवजी से पुत्रों के उपनयन के लिये कहना, उसी प्रसङ्ग में मुनियों और देवताओं का आना, वसुदेवजी द्वारा उनका सत्कार और गणेश का अग्र-पूजन श्रीनारायण कहते हैं — नारद! इसी समय तपस्वी गर्गजी, जो सदा संयम… Read More
ब्रह्मवैवर्तपुराण-श्रीकृष्णजन्मखण्ड-अध्याय 98 ब्रह्मवैवर्तपुराण-श्रीकृष्णजन्मखण्ड-अध्याय 98 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ श्रीराधाकृष्णाभ्यां नमः ॥ (उत्तरार्द्ध) अट्ठानबेवाँ अध्याय श्रीकृष्णद्वारा गोकुलका वृत्तान्त पूछे जानेपर उद्धवका उसे कहते हुए राधा की दशाका विशेषरूपसे वर्णन करना श्रीनारायण कहते हैं — नारद! तदनन्तर उद्धव यशोदा को प्रणामकर उतावली के साथ हर्षपूर्वक खर्जूर-कानन को बाँयें करके यमुना-तट पर गये। वहीं स्नान-भोजन करके वे… Read More
ब्रह्मवैवर्तपुराण-श्रीकृष्णजन्मखण्ड-अध्याय 97 ब्रह्मवैवर्तपुराण-श्रीकृष्णजन्मखण्ड-अध्याय 97 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ श्रीराधाकृष्णाभ्यां नमः ॥ (उत्तरार्द्ध) सत्तानबेवाँ अध्याय राधा का उद्धव को बिदा करना, बिदा होते समय उद्धव द्वारा राधा-महत्त्व – वर्णन तथा उद्धव के यशोदा के पास चले जाने पर राधा का मूर्च्छित होना श्रीनारायण कहते हैं — नारद! उद्धव को जाने के लिये उद्यत देखकर श्रीहरि… Read More
ब्रह्मवैवर्तपुराण-श्रीकृष्णजन्मखण्ड-अध्याय 96 ब्रह्मवैवर्तपुराण-श्रीकृष्णजन्मखण्ड-अध्याय 96 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ श्रीराधाकृष्णाभ्यां नमः ॥ (उत्तरार्द्ध) छियानबेवाँ अध्याय उद्धव को उपदेश देकर मथुरा जाने की आज्ञा देना श्रीनारायण कहते हैं — तदनन्तर माधवी की प्रेरणा से उद्धव के पूछने पर श्रीराधा ने उनको उपदेश दिया। राधिका बोलीं — ‘वत्स! लोकों के स्वामी, कालके काल, जगद्गुरु, निर्गुण, इच्छारहित और… Read More
ब्रह्मवैवर्तपुराण-श्रीकृष्णजन्मखण्ड-अध्याय 95 ब्रह्मवैवर्तपुराण-श्रीकृष्णजन्मखण्ड-अध्याय 95 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ श्रीराधाकृष्णाभ्यां नमः ॥ (उत्तरार्द्ध) पंचानबेवाँ अध्याय उद्धव का कथन सुनकर राधा का चैतन्य होना और अपना दुःख सुनाना श्रीनारायण कहते हैं — नारद! उद्धव के वचन सुनकर राधिका की चेतना लौट आयी। वे उठकर उत्तम रत्न-सिंहासन पर जा विराजीं । उस समय सात गोपियाँ भक्तिपूर्वक श्वेत… Read More
ब्रह्मवैवर्तपुराण-श्रीकृष्णजन्मखण्ड-अध्याय 94 ब्रह्मवैवर्तपुराण-श्रीकृष्णजन्मखण्ड-अध्याय 94 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ श्रीराधाकृष्णाभ्यां नमः ॥ (उत्तरार्द्ध) चौरानबेवाँ अध्याय सखियों द्वारा श्रीकृष्ण की निन्दा एवं प्रशंसा और उद्धव का मूर्च्छित हुई राधा को सान्त्वना प्रदान करना श्रीनारायण कहते हैं — मुने ! राधिकाको मूर्च्छित देखकर उद्धव को महान् विस्मय और भय प्राप्त हुआ। वे राधा की सच्ची भक्ति और… Read More
ब्रह्मवैवर्तपुराण-श्रीकृष्णजन्मखण्ड-अध्याय 93 ब्रह्मवैवर्तपुराण-श्रीकृष्णजन्मखण्ड-अध्याय 93 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ श्रीराधाकृष्णाभ्यां नमः ॥ (उत्तरार्द्ध) तिरानबेवाँ अध्याय राधा- उद्धव-संवाद श्रीनारायण कहते हैं — नारद! उद्धव द्वारा किये गये स्तवन को सुनकर राधिका की चेतना लौट आयी। तब वे विषादग्रस्त हो उद्धव को श्रीकृष्ण के सदृश आकार वाला देखकर बोलीं। श्रीराधिका ने कहा — वत्स ! तुम्हारा क्या… Read More
ब्रह्मवैवर्तपुराण-श्रीकृष्णजन्मखण्ड-अध्याय 92 ब्रह्मवैवर्तपुराण-श्रीकृष्णजन्मखण्ड-अध्याय 92 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ श्रीराधाकृष्णाभ्यां नमः ॥ (उत्तरार्द्ध) बानबेवाँ अध्याय उद्धव का गोकुल में सत्कार तथा उनका वृन्दावन आदि सभी वनों की शोभा देखते हुए राधिका के पास पहुँचना और राधास्तोत्र द्वारा उनका स्तवन करना श्रीनारायण कहते हैं — नारद! श्रीकृष्णकी प्रेरणासे उद्धव हर्षपूर्वक गणेश्वरको प्रणाम करके नारायण, शम्भु, दुर्गा,… Read More