श्रीनायिका कवचम् श्रीनायिका कवचम् ।। श्री उन्मत्त-भैरव उवाच ।। श्रृणु कल्याणि ! मद्-वाक्यं, कवचं देव-दुर्लभं । यक्षिणी-नायिकानां तु, संक्षेपात् सिद्धि-दायकं ।। हे कल्याणि ! देवताओं को दुर्लभ, संक्षेप (शीघ्र) में सिद्धि देने वाले, यक्षिणी आदि नायिकाओं के कवच को सुनो –… Read More