Print Friendly, PDF & Email

देव-आकर्षण
मन्त्र – “ॐ एं हीं श्रीं धनं धनं कुरु कुरु स्वाहा ।”
vaficjagat
विधि –
पीपल वृक्ष के नीचे बैठकर एकाग्र-चित्त से उक्त मन्त्र का सवा लाख जप करने से अभीष्ट देवता का आकर्षण होगा ।
अच्छी तरह से जप होगा, तो जप-काल में ही चिन्तित कार्य सम्पन्न हो जाएगा । तब प्रयोग छोड़ दे । देव या देवी का बारम्बार आकर्षण करने से कभी-कभी प्रयोग-कर्ता को कष्ट भी हो सकता है । किसी भी प्रयोग का दुरुपयोग कभी न करे ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.