हाजरात का सिद्धि मन्त्र

विधिः- इस प्रयोग में बालक/बालिका ही का भी प्रयोग किया जा सकता। काजल को हथेली में वृत्ताकर एक रुपये के सिक्के के बराबर गोलाई में लगाया जा सकता है अथवा नाखून पर भी लगाया जा सकता है। आरम्भ में कज्जल वृत्त में प्रकाश की किरणें फूटती हैं फिर नाग के दर्शन होते हैं। नाग को प्रणाम कर उससे अपना मनोरथ कहना चाहिए। इसके पश्चात् नाग चलता हुआ या उड़ता हुआ चाहे गए स्थान तक जाकर सम्बन्धित बात को दिखाएगा। इस प्रयोग से गुप्त निधि, खोए की तलाश आदि को ज्ञात किया जा सकता है।
मन्त्रः-
“काला भेरुं काला काल काला भेज्या चारों धाम काल्या काला कहाँ गया मैंने भेज्या वहाँ गया कौन को दिखाए भगे भगाए को रूठे रुठाय को धरती में दबे धन माल को देव दानव को चोर चौपाए को जहाँ के तहाँ को न बताए तो माता कालिका के खप्पर में जरे मेरी भक्ति गुरू की शक्ति।”

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