बगलामुखी नवाक्षर मंत्र –
|| ह्रीं क्लीं ह्रीं बगलामुखि ठः ||

बगलामुखी एकादशाक्षर मंत्र –
१॰ || ॐ ह्लीं क्लीं ह्रीं बगलामुखि ठः ठः ||
२॰ || ॐ ह्लीं क्लीं ह्रीं बगलामुखि स्वाहा ||

बगलामुखी पञ्चादशाक्षर मंत्र –
|| ह्रीं क्लीं ऐं बगलामुख्यै गदाधारिण्यै स्वाहा ||

बगलामुखी एकोनविंशाक्षर मंत्र – (भक्त-मंदार मंत्र)
यह मंत्र वाञ्छा-कल्प-लता मंत्र है, अर्थ-प्राप्ति हेतु उत्तम मंत्र है ।
|| श्रीं ह्रीं ऐं भगवति बगले मे श्रियं देहि देहि स्वाहा ||

विशेषः- इस मंत्र के पद-विभाग करके श्रीमद-भागवत के आठवें स्कंध के आठवें अध्याय के आठवें मंत्र से संयोग कर लक्ष्मी-प्राप्ति हेतु सफल प्रयोग किये जा सकते हैं । यथा –
Content is available only for registered users. Please login or register इस मंत्र से पुटित शत-चण्डी प्रयोग आर्थिक रुप से आश्चर्य-जनक रुप से सफल होते हैं ।

बगलामुखी त्रयविंशाक्षर मंत्र –
|| ॐ ह्लीं क्लीं ऐं बगलामुख्यै गदाधारिण्यै प्रेतासनाध्यासिन्यै स्वाहा ||

ॐ पीत शंख दगाहस्ते पीतचन्दन चर्चिते ।
बगले मे वरं देहि शत्रुसंघ-विदारिणि ।।

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3 comments on “बगलामुखी मंत्र प्रयोग

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