भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ३२ भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ३२ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ३२ विनायक-स्नपन-चतुर्थी व्रत का वर्णन युधिष्ठिर ने कहा — माधव ! मुझे यह जानने की इच्छा है कि उत्तम मनुष्यों द्वारा भी आरम्भ किये गये कर्म सफल न होकर अधूरे रह जाते हैं, इसका क्या कारण है,… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ३१ भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ३१ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ३१ अङ्गारक चतुर्थी व्रत का वर्णन युधिष्ठिर ने कहा — यादव ! यदि आप मेरे ऊपर अधिक प्रसन्न हैं, तो व्रत बताने की कृपा कीजिये, जिस के अनुष्ठान द्वारा रूप सौभाग्य सुख की प्राप्ति पूर्वक जो स्त्री… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ३० भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ३० ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ३० अक्षय-तृतीया व्रत के प्रसंग में धर्म वणिक् का चरित्र भगवान् श्रीकृष्ण बोले — महाराज ! अब आप वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की अक्षय-तृतीया की कथा सुने । इस दिन स्नान, दान, जप, होम, स्वाध्याय, तर्पण… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय २९ भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय २९ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय २९ आनन्तर्य (अनन्तर) – तृतीयाव्रत महाराज युधिष्ठिर ने कहा — भगवन् ! आपने शुक्ल पक्ष के अनेक तृतीया-व्रतों को बतलाया । अब आप आनन्तर्यव्रत का स्वरूप बतलायें । भगवान् श्रीकृष्ण बोले — महाराज ! ब्रह्मा, विष्णु और… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय २८ भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय २८ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय २८ चैत्र, भाद्रपद और माघ शुक्ल तृतीया — व्रत का विधान और फल भगवान् श्रीकृष्ण बोले — महाराज ! अब आप चैत्र, भाद्रपद तथा माघ के शुक्ल तृतीया व्रतों के विषय में सुने । इन व्रतों से… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय २७ भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय २७ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय २७ आर्द्रानन्दकरी तृतीया-व्रत भगवान् श्रीकृष्ण बोले — महाराज ! अब मैं तीनों लोकों में प्रसिद्ध, आनन्द प्रदान करनेवाले, पापों का नाश करनेवाले आर्द्रानन्दकरी तृतीयाव्रत का वर्णन करता हूँ । जब किसी भी महीने में शुक्ल पक्ष की… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय २६ भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय २६ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय २६ अनन्त-तृतीया तथा रसकल्याणिनी तृतीया-व्रत राजा युधिष्ठिर ने कहा — भगवन् ! अब आप सौभाग्य एवं आरोग्य-प्रदायक, शत्रुविनाशक तथा भुक्ति-मुक्ति-प्रदायक कोई व्रत बतलाइये । भगवान् श्रीकृष्ण बोले — महाराज ! बहुत पहले की बात है, असुर-संहारक भगवान्… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय २५ भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय २५ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय २५ सौभाग्यशयन व्रत की विधि भगवान् श्रीकृष्ण बोले — महाराज ! अब मैं सभी कामनाओं को पूर्ण करनेवाले सौभाग्यशयन व्रत का वर्णन करता हूँ । जब प्रलय के पूर्वकाल में — ‘भूर्भुवः स्वः’ आदि सभी लोक दग्ध… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय २४ भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय २४ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय २४ रम्भा-तृतीया व्रत का माहात्म्य भगवान् श्रीकृष्ण बोले — राजन ! अब मैं सभी पापों के नाशक, पुत्र एवं सौभाग्यप्रद सभी व्याधियों के उपशामक, पुण्य तथा सौख्य प्रदान करनेवाले रम्भा तृतीया व्रत का वर्णन करता हूँ ।… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय २३ भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय २३ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय २३ उमामहेश्वर—व्रत की विधि महाराज युधिष्ठिर ने कहा — भगवन् ! जिस व्रत के करने से स्त्रियों को अनेक गुणवान पुत्र-पौत्र, सुवर्ण, वस्त्र और सौभाग्य की प्राप्ति होती है तथा पति-पत्नी का परस्पर वियोग नहीं होता, उस… Read More