मुट्ठी पीर सिद्धि शाबर मन्त्र मुट्ठी पीर सिद्धि शाबर मन्त्र विधि – यह मंत्र किसी भी गुरुवार की रात्रि मे बबूल वृक्ष के नीचे बैठकर 41 दिन तक प्रतिदिन 2100 की संख्या में जपें । आसन पश्चिम की ओर मुख करके लगायें और सामने सरसों के तेल का दीपक जलायें। बयालीसवें दिन उक्त मंत्र से 108 बार आहूति देकर मंत्र… Read More
भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ५ ॐ श्रीपरमात्मने नम : श्रीगणेशाय नम: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) विवाह-संस्कार के उपक्रम में स्त्रियों के शुभ और अशुभ लक्षणों का वर्णन तथा आचरण की श्रेष्ठता सुमन्तु मुनि बोले – राजन् ! गुरु के आश्रम में ब्रह्मचर्य-व्रत का पालन करते हुए स्नातक को वेदाध्ययन कर गृहस्थाश्रम में प्रवेश करना चाहिये। घर आने पर… Read More
संतान प्राप्ति मन्त्र संतान प्राप्ति मन्त्र विधिः- सूर्य ग्रहण या चन्द्र ग्रहण पर इस मन्त्र को सिद्ध किया जाता है। मन्त्र सिद्धि काल में माँ कामाख्या के प्रति भक्ति भाव होना चाहिए। ग्रहण काल के पश्चात् स्नानादि से निवृत होकर कन्या पूजन और कन्या भोजन कराना चाहिए। साथ ही भोजन वस्त्र आदि प्रदान करना चाहिए ! रजस्वला होने… Read More
सर्वजन वशीकरण मन्त्र सर्व वशीकरण मन्त्र विधिः- किसी रविवार या मंगलवार अथवा ग्रहणकाल से इस मंत्र की साधना आरम्भ कर सकते हैं। सर्वप्रथम प्रात: नित्यकर्म से निवृत्त होकर पूजा करें । फिर गूगल की धूनी लगाकर, इस मन्त्र का एकाग्रता पूर्वक जप आरम्भ कर दें । (ध्यान रखें कि बिना जप पूरा किये-साधक कुछ खाये-पिये नहीं) प्रतिदिन 1008… Read More
कालभैरव ( कालभैरवाष्टमी ) कालभैरव ( कालभैरवाष्टमी ) ।। ॐ हं षं नं गं कं सं खं महाकाल भैरवाय नम:।। भगवान शंकर के अवतारों में भैरव का अपना एक विशिष्ट महत्व है। तांत्रिक पद्धति में भैरव शब्द की निरूक्ति उनका विराट रूप प्रतिबिम्बित करती हैं। वामकेश्वर तंत्र की योगिनी-हदय-दीपिका टीका में अमृतानंद नाथ कहते हैं- ‘विश्वस्य भरणाद् रमणाद् वमनात्… Read More
धनप्राप्ति यंत्र धनप्राप्ति यंत्र इसकी साधना के लिए बैशाख, ज्येष्ठ, कार्तिक, मार्गशीर्ष तथा माघ मास सबसे उत्तम है। तिथियाँ – द्वितीया, पंचमी, सप्तमी, नवमी, द्वादशी तथा त्रयोदशी श्रेष्ठ हैं। वार – बुधवार, बृहस्पति, शुक्रवार सबसे अच्छे हैं। नक्षत्र – रोहिणी, पुनर्वस, हस्त, उत्तराषाढ़ा, उत्तराभाद्रपद, उत्तराफाल्गुनी, तथा रेवती शुभ है। स्थान – नदी तट, देवी मन्दिर, पहाड़ की… Read More
सर्वजन मोहन पुनर्नवा वशीकरण मन्त्र सर्वजन मोहन पुनर्नवा वशीकरण मन्त्र मन्त्रः- “ॐ नमो सर्व जीव वंशराय कुरु-कुरु स्वाहा।”… Read More
सिन्दूर मोहन शाबर मन्त्र सिन्दूर मोहन शाबर मन्त्र विधि – सर्वप्रथम एक चाँदी की डिब्बी में “कामिया सिन्दूर” लेकर छत पर या किसी खुले स्थान में पूर्णमासी की सारी रात्रि में छोड़ दें। यह इस प्रकार से डिब्बी को खुली रखें कि इस पर सारी रात चाँदनी पड़ती रहें । सूर्योदय से पूर्व ही इसे उठा लायें और सिरहाने… Read More
वीर सिद्धि शाबर मन्त्र वीर सिद्धि शाबर मन्त्र विधिः- किसी भी शनिवार की रात्रि से सरसों के तेल का दीपक जलाकर इस मंत्र को दक्षिण की ओर मुख करके जपा जाता है। लोबान जलाकर रखें और इस मंत्र का प्रति रात 1008 बार जाप करें। यह प्रयोग 41 रात्रि तक करें तो सिद्धि मिलती है। मंत्र सिद्ध हो जाने… Read More
भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ४ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नम: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) वेदाध्ययन-विधि, ओंकार तथा गायत्री-महात्म्य, आचार्यादि-लक्षण, ब्रह्मचारि-धर्म-निरूपण, अभिवादन-विधि, स्नातक की महिमा में अङ्गिरापुत्र का आख्यान, माता-पिता और गुरु की महिमा सुमन्तु मुनिने कहा – राजन् ! ब्राह्मण का केशान्त (समावर्तन) – संस्कार सोलहवें वर्ष में, क्षत्रिय का बाइसवें वर्ष में तथा वैश्य का पचीसवें वर्ष… Read More