पीलिया झाड़ने का मन्त्र पीलिया झाड़ने का मन्त्र विधिः –श्री हनुमान जी की मूर्ति के आगे नित्य एक हजार मन्त्रों का जप कर इक्कीस दिनों तक इक्कीस हजार बार जपने से मन्त्र सिद्ध हो जाता है। साधना पूर्ण होने के बाद पीलिया ग्रस्त रोगी को सामने बैठाकर काँसे की कटोरी में तेल डाल कर उसके सिर के ऊपर रखें… Read More
खाद्य सामग्री वशीकरण मन्त्र खाद्य सामग्री वशीकरण मन्त्र विधिः- ग्रहण-वेला में इस मन्त्र को अधिकतम संख्या में जप लें। कम से कम दस माला तो होना ही चाहिए, वैसे 100 माला का नियमित जप द्वारा 1000 माला जप कर लिया जाये तो मन्त्र का प्रभाव अमोघ हो जाता है। जप संख्या पहले से निश्चित कर लें। उसकी पूर्ति हो… Read More
भूत-प्रेत, बाधा-नाशक मन्त्र भूत-प्रेत, बाधा-नाशक मन्त्र विधि:- सूर्य या चन्द्र ग्रहण अथवा दीपावली की महानिशा में इस मन्त्र को सिद्ध कर लिया जाये। सिद्धि के समय पूजा, प्रसाद, धूप, दीप, फूल, नैवेद्य आदि का ध्यान रखना चाहिए । आवश्यकता होने पर इस मन्त्र से सात बार जल अभिमन्त्रित करके रोगी को वह जल पिला दें । साथ ही… Read More
भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय १० – १५ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ भविष्यपुराण ॥ (ब्राह्मपर्व) पतिव्रता स्त्रियों के कर्तव्य एवं सदाचार का वर्णन, स्त्रियों के लिये ग्रहस्थ-धर्म के उत्तम व्यवहार की आवश्यक बातें ब्रह्माजी बोले — मुनीश्वरो ! गृहस्थ-धर्म का मूल पतिव्रता स्त्री है, पतिव्रता स्त्री पति का आराधन किस विधि से करें, उसका अब मैं वर्णन… Read More
॥ गायत्रीहृदयम् ॥ ॥ गायत्रीहृदयम् ॥ ॥ अथ श्रीमद्देवीभागवते महापुराणे गायत्रीहृदयम् ॥ ॥ नारद उवाच ॥ भगवन् देवदेवेश भूतभव्य जगत्प्रभो । कवचं च श्रृतं दिव्यं गायत्रीमन्त्रविग्रहम् ॥ १ ॥ अधुना श्रोतुमिच्छामि गायत्रीहृदयं परम् । यद्धारणाद्भवेत्पुण्यं गायत्रीजपतोऽखिलम् ॥ २ ॥ ॥ श्रीनारायण उवाच ॥ देव्याश्च हृदयं प्रोक्तं नारदाथर्वणे स्फुटम् । तदेवाहं प्रवक्ष्यामि रहस्यातिरहस्यकम् ॥ ३ ॥ विराड्रूपां महादेवीं गायत्रीं… Read More
बवासीर नाशक मन्त्र बवासीर नाशक मन्त्र मन्त्रः- “ओम नमो नमो सिद्ध नमो चौरासी उदर जड़ी रक्त सड़ी चूवे मत खड़ी पड़ी तोहे देखे लोना चमारिन धूप गुगल की दी अग्यारी जो रहे बवासीर तो हजार हराम गुरू गोरख की शक्ति आन गौरी माई की।”… Read More
बालज्वर नाशक मन्त्र बालज्वर नाशक मन्त्र प्रयोगः— शिशु यंत्र (जो कि ताबीज की तरह होता है) पर केशर का तिलक लगाकर नित्य एक हजार मन्त्र जप करें । इस प्रकार तीन दिन करने पर वह यन्त्र विशेष प्रभावशाली हो जाता है, इसके बाद वह यन्त्र जिस बालक के गले में काले धागे में पहनाया जाय तो बालक का… Read More
अग्नि और जल भय से रक्षा के लिए मन्त्र अग्नि और जल भय से रक्षा के लिए मन्त्र मन्त्रः- “शेख फरीद की कामरी निशि अस अंधियारी तीनों को टालिये अनल ओला जल विष ॥”… Read More
भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ८-९ ॐ श्रीपरमात्मने नम : श्रीगणेशाय नम: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) धन एवं स्त्री के तीन आश्रय तथा स्त्री-पुरुषों के पारस्परिक व्यवहार का वर्णन ब्रह्माजी बोले — मुनीश्वरो ! उत्तम रीति से विवाह सम्पन्न कर गृहस्थ को जो करना चाहिये, उसका मैं वर्णन करता हूँ। सर्वप्रथम गृहस्थ को उत्तम देश में ऐसा आश्रय ढूँढना… Read More
॥ गायत्री पञ्जर स्तोत्रम् ॥ ॥ गायत्री पञ्जर स्तोत्रम् ॥ गायत्री पञ्जर स्तोत्र (Gayatri Panjara Stotram) को नियमित पाठ करने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाए पूर्ण होती है गायत्री पञ्जर स्तोत्र पढ़ने से साधना में सफ़लता, अपने शरीर की रक्षा कवच का कार्य करता हैं ! पीपल की छाया (पीपल मूल) में जप करने से राजा का वशीकरण, बिल्व मूल… Read More