लौंग मोहन मन्त्र 2 लौंग मोहन मन्त्र मन्त्रः- “ॐ० सत्य नाम आदेश गुरू का॥ लौंग-लौंग मेरा भाई ॥ इन ही लौंग ने शक्ति ॥ चलाई पहला लौंग॥ राती माती दूसरा ॥ लौंग जीवन माती। तीसरा लौंग अंग मरोड़े । चौथी लौंग दोऊ कर जोड़॥ चारों लौंग जो मेरी खाय ॥ फलाना के पास ॥ सों फलाना कने आ जाए।… Read More
लौंग मोहन मन्त्र लौंग मोहन मन्त्र मन्त्रः- “जल की योगिनी ॥ पालेकल का नाम॥ जिसपे भेजूँ तिसपें लाग ॥ सोते सुख न॥ बैठे सुख ॥ फिर फिर॥ देखो हमारा मुख॥ मेरी बांधी जो छुटे ॥ तो बाबा नाहर सिंह ॥ की जटा छूटे। ॥… Read More
कण्ठवेल पीड़ा मुक्ति मन्त्र – कण्ठवेल पीड़ा मुक्ति मन्त्र – विधिः— किसी भी नवरात्रों में प्रतिदिन एक माला जप कर उपरोक्त मंत्र को सिद्ध करलें। फिर आवश्यकता पड़ने पर रोगी को मोरपंख से झाड़ें । सोमवार से रविवार तक प्रतिदिन सात बार झाड़ देने से कण्ठवेल सूख जाती है और रोगी को पूर्ण लाभ मिलता है । मन्त्रः- “ओम नमो… Read More
भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय १९ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय १९ द्वितीया – कल्प मे महर्षि च्यवन की कथा एवं पुष्पद्वितीया – व्रत की महिमा सुमन्तु मुनि बोले — द्वितीया तिथि को च्यवन ऋषि ने इन्द्र के सम्मुख यज्ञ में अश्विनी-कुमारों को सोमपान कराया था। राजा ने पूछा – महाराज ! इन्द्र के… Read More
भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय १८ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय १८ ब्रह्माजी की रथयात्रा का विधान और कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा की महिमा सुमन्तु मुनि ने कहा – हे राजा शतानिक ! कार्तिक मास में जो ब्रह्माजी की रथयात्रा उत्सव करता हैं, वह ब्रह्मलोक को प्राप्त करता है । कार्तिक की पूर्णिमा को मृगचर्म… Read More
तिलक वशीकरण मन्त्र तिलक वशीकरण मन्त्र विधिः- शनिवार के दिन हनुमान जी का पूजन करें और मूर्ति को सिन्दूर का चोला चढ़ाये। इसके बाद एक माला मंत्र का जाप 21 दिन करें ।… Read More
वशीकरण हेतु मन्त्र वशीकरण हेतु मन्त्र प्रबल वशीकरण हेतु यह एक अत्यन्त ही विश्वसनीय और अति प्रभावशाली प्रयोग है। इस प्रयोग को विधिपूर्वक नियमानुसार किया जाए तो मनोवांछित लाभ की पूर्ति अवश्य होती है।… Read More
व्यापार बंधन मुक्ति का मन्त्र व्यापार बंधन मुक्ति का मन्त्र कभी-कभी अचानक ही व्यवसाय चौपट होता हुआ प्रतीत होता है। सम्भव है धन्धे को बरकत तन्त्र मन्त्र से बाँध दी गई हो। अगर ऐसा हो तो इस मन्त्र का प्रयोग किया जाना चाहिए। तुरंत लाभ मिलने लग जाता है। मन्त्रः- ”ओम नमो आदेश गुरू को वावन वार चौसठ सातऊ कलवा… Read More
भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय १७ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) प्रतिपत्कल्प – निरूपण में ब्रह्माजी की पूजा-अर्चा की महिमा राजा शतानीक ने कहा — ब्रह्मन् ! आप प्रतिपदा तिथि में किये जाने वाले कृत्य, ब्रह्माजी के पूजन की विधि और उसके फल का विस्तारपूर्वक वर्णन करें । सुमन्तु मुनि बोले — हे राजन् !… Read More
भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय १६ ॐ श्रीपरमात्मने नम : श्रीगणेशाय नम: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) पंचमहायज्ञों का वर्णन तथा व्रत-उपवासों के प्रकरण में आहार का निरूपण एवं प्रतिपदा तिथि की उत्पत्ति, व्रत-विधि और माहात्म्य सुमन्तु मुनि ने कहा – राजन् ! इस प्रकार स्त्रियों के लक्षण और सदाचार का वर्णन करके ब्रह्माजी अपने लोक, तथा ऋषिगण भी अपने-अपने… Read More