भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ३५ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय- ३५ सर्पों के विष का वेग, फैलाव तथा सात धातुओं में प्राप्त विष के लक्षण और उनकी चिकित्सा कश्यपजी बोले – गौतम ! यदि यह ज्ञात हो जाय कि सर्प ने अपनी यमदूती नामक दाढ़ से… Read More


भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ३४ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – ३४ विभिन्न तिथियों एवं नक्षत्रों में कालसर्प से डँसे हुए पुरुष के लक्षण, नागों की उत्पत्ति की कथा कश्यप मुनि बोले – गौतम ! अब मैं कालसर्प से काटे हुए पुरुष का लक्षण कहता हूँ,… Read More


भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ३३ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – ३३ सर्पों के लक्षण, स्वरुप और जाति… Read More


भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ३२ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – ३२ पञ्चमी-कल्प का आरम्भ, नागपञ्चमी की कथा, पञ्चमी-व्रत का विधान और फल सुमन्तु मुनि बोले – राजन् ! अब मैं पञ्चमी-कल्प का वर्णन करता हूँ । पञ्चमी तिथि नागों को अत्यन्त प्रिय है और उन्हें… Read More


भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ३१ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नम: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – ३१ चतुर्थी – कल्प में शिवा, शान्ता तथा सुखा – तीन प्रकार की चतुर्थी का फल और उनका व्रत-विधान सुमन्तु मुनिने कहा – राजन् ! चतुर्थी तिथि तीन प्रकार की होती है – शिवा, शान्ता… Read More


ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – २९ से ३० विनायक – पूजा का माहात्म्य शतानीक ने कहा – मुने ! अब आप मुझे भगवान् गणेश की आराधना के विषय में बतलाये । सुमन्तु मुनि बोले – राजन् ! भगवान् गणेश की आराधना में किसी तिथि, नक्षत्र या उपवासादि… Read More


ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – २८ स्त्रियों के शुभाशुभ- लक्षण ब्रह्माजी बोले – कार्तिकेय ! स्त्रियों के जो लक्षण मैंने पहले नारदजी को बतलाये थे, उन्हीं शुभाशुभ-लक्षणों को बताता हूँ । आप सावधान होकर सुनें – शुभ मुहूर्त में कन्या के हाथ, पैर, अँगुली, नख, हाथ की… Read More


ॐ श्रीपरमात्मने नम: श्रीगणेशाय नम: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय- २७ राजपुरुषों के लक्षण कार्तिकेयजी ने कहा – ब्रह्मन् ! आप राजाओं के शरीर के अङ्गों के लक्षणों को बताने की कृपा करें । ब्रह्माजी बोले – मैं मनुष्यों में राजाओं के अङ्गों के लक्षणों को संक्षेप में बताता हूँ । यदि ये… Read More


ॐ श्रीपरमात्मने नम : श्रीगणेशाय नम: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय- २४ से २६ पुरुषों के शुभाशुभ लक्षण राजा शतानीक ने पूछा – विप्रेन्द ! स्त्री और पुरुष के जो लक्षण कार्तिकेय ने बनाये थे और जिस ग्रन्थ को क्रोध में आकर भगवान शिव ने समुद्र में फेंक दिया था, वह कार्तिकेय को… Read More


फूल वशीकरण मन्त्र प्रयोगः- किसी भी शनिवार से प्रारंभ करके 31 दिनों तक नित्य 1144 बार इस मन्त्र को जप करके सिद्ध कर लें। मन्त्र जाप के समय दीपक जलावें, लोबान की धूनी दें और पास में शराब रखें। अब किसी फूल को उक्त मंत्र से 50 बार अभिमन्त्रित करके जिसे भी देंगे तो वह… Read More