भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ५५ भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ५५ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – ५५ भगवान् सूर्य का अभिषेक एवं उनकी रथयात्रा रुद्रने पूछा — ब्रह्मन् ! भगवान् सूर्य की रथयात्रा कब और किस विधि से की जाती है ? रथयात्रा करने वाले, रथ को खींचने वाले, रथ को… Read More
भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ५४ भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ५४ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – ५४ भगवान् सूर्य की महिमा, विभिन्न ऋतुओं में उनके अलग-अलग वर्ण तथा उनके फल भगवान् रुद्र ने कहा – ब्रह्मन् ! आपने भगवान् सूर्यनारायण के माहात्म्य का वर्णन किया, जिसके सुनने से हमें बहुत आनन्द… Read More
भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ५२ से ५३ भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ५२ से ५३ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – ५२ से ५३ सूर्यदेव के रथ एवं उसके साथ भ्रमण करनेवाले देवता-नाग आदि का वर्णन राजा शतानीक ने पूछा – मुने ! सूर्यनारायण की रथयात्रा किस विधानसे करनी चाहिये । रथ कैसा बनाना… Read More
भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ५० से ५१ भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ५० से ५१ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – ५० से ५१ भगवान् सूर्य के पूजन एवं व्रतोद्यापन का विधान, द्वादश, आदित्यों के नाम और रथसप्तमी-व्रत की महिमा भगवान् श्रीकृष्ण ने कहा – साम्ब ! अब मैं सूर्य के विशिष्ट अवसरोंपर होनेवाले… Read More
सिद्ध वशीकरण मन्त्र सिद्ध वशीकरण मन्त्र विधिः- किसी भी ग्रहण-वेला में, इस मन्त्र का जप आरम्भ करें। अधिकतम संख्या में जप करते हुए कम से कम समय में इसकी 10,000 संख्या पूरी कर लें। तत्पश्चात् 108 बार इसी मन्त्र से लोबान द्वारा आहुति दें। इस क्रिया से मन्त्र सिद्ध होकर पूर्णरूपेण शक्तिशाली हो जायेगा। तत्पश्चात् जिस स्त्री या… Read More
सुपारी वशीकरण मन्त्र सुपारी वशीकरण मन्त्र मन्त्रः- “अमुक गुरू गुफतार जाग-जाग अलाउद्दीन शैतान सात बार अमुक के जिपा आन जो न माने तो मेरी अम्मा की तलाक हमशीश की तलाक।”… Read More
तेल मोहन मन्त्र तेल मोहन मन्त्र विधिः- दीपावली की रात्रि में इस मंत्र का रात्रि भर जप करें। फिर इस मन्त्र द्वारा 21 बार तैल अभिमन्त्रित कर अपने मस्तक पर तिलक लगाकर जिस जगह भी जाये वह सभी मोहित होंगे।… Read More
भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ४९ भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ४९ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नम: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – ४९ श्रीसूर्यनारायण के नित्यार्चन का विधान भगवान् श्रीकृष्ण ने कहा – साम्ब ! अब हम सूर्यनारायण के पूजन का विधान बताते हैं, जिसके करने से सम्पूर्ण पाप और विघ्न नष्ट हो जाते हैं तथा सभी… Read More
भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ४८ भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ४८ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – ४८ श्रीकृष्ण-साम्ब-संवाद तथा भगवान् सूर्यनारायण कि पूजन-विधि राजा शतानीक ने कहा – ब्राह्मणश्रेष्ठ ! भगवान् सूर्यनारायण का माहात्म्य सुनते-सुनते मुझे तृप्ति नहीं हो रही है, इसलिये सप्तमी-कल्प का आप पुनः कुछ और विस्तार से वर्णन… Read More
भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ४७ भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ४७ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – ४७ सप्तमी-कल्प में भगवान् सूर्य के परिवार का निरूपण एवं शाक-सप्तमी – व्रत सुमन्तु मुनि ने कहा – राजन् ! अब मैं सप्तमी-कल्प का वर्णन करता हूँ । सप्तमी तिथि को भगवान् सूर्य का आविर्भाव… Read More