सर्व रोग निवारक मन्त्र सर्व रोग निवारक मन्त्र विधिः- शनिवार को व्रत रख कर नियमपूर्वक रहकर एक माला उपरोक्त मंत्र की जपे। इसी प्रकार सात शनिवार तक करता रहे। ऐसा करने से मन्त्र सिद्ध हो जाता है। कंखाई अदीठ, कनफेरबद (एक प्रकार का चर्म रोग), कण्ठमाला, दाढ़ का दर्द इन्हें राख से झाड़ना चहिए। डमरु को, ताप तिल्ली को… Read More
सर्व वशीकरण मन्त्र सर्व वशीकरण मन्त्र विधिः- होली अथवा दीपावली की रात्रि को सफेद तिलों के तेल की उल्टी घानी निकलवायें। उस तेल को 121 बार उपयुक्त मंत्र से अभिमंत्रित करें। इस अभिमंत्रित तेल का जो भी व्यक्ति तिलक करता है, वह सभी को आकर्षित करने की शक्ति प्राप्त कर लेता है।… Read More
सर्वजन वशीकरण के लिए मन्त्र सर्वजन वशीकरण के लिए मन्त्र मन्त्रः- “ॐ ह्रीं श्रीं ॥ क्लीं सर्वपुरूष ॥ सर्वस्त्री हृदय॥ हारिणी मम वश्यं॥ कुरू वषट् ह्रीं ॥”… Read More
भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ४६ भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ४६ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – ४६ भगवान कार्तिकेय तथा उनके षष्ठी – व्रत की महिमा सुमन्तु मुनि बोले – राजन् ! भाद्रपद मास की षष्ठी तिथि बहुत उत्तम तिथि है, यह सभी पापों का हरण करनेवाली, पुण्य प्रदान करने वाली… Read More
भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ४० से ४५ भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ४० से ४५ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – ४० से ४५ आचरण की श्रेष्ठता का प्रतिपादन राजा शतानीक ने कहा – मुने ! अब आप ब्राह्मण आदि के आचरण की श्रेष्ठता के विषय के बतलाने की कृपा करें । सुमन्तु मुनि… Read More
भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ३९ भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ३९ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – ३९ षष्ठी – कल्प – निरूपण में स्कन्द – षष्ठी – व्रत की महिमा सुमन्तु मुनि बोले – राजन् ! अब मैं षष्ठी तिथि-कल्प का वर्णन करता हूँ । यह तिथि सभी मनोरथों को पूर्ण… Read More
॥ गायत्री स्तवराजः ॥ ॥ गायत्री स्तवराजः ॥ इस स्तव में श्लोक ४, ५, ८, १०, ११, २५, २६ में अन्य मंत्रों के प्रयोग हैं। विनियोगः- “ॐ अस्य श्री गायत्री स्तवराज मन्त्रस्य श्रीविश्वामित्रः ऋषिः सकल जननी चतुष्पदा गायत्री परमात्मा देवता। सर्वोत्कृष्टं परम धाम तत्-सवितुर्वरेण्यं बीजं भर्गो देवस्य धीमहि शक्तिः। धियो यो नः प्रचोदयात् कीलकं। ॐ भूः ॐ भुव ॐ… Read More
श्रीगायत्री सहस्रनामस्तोत्रम् एवं नामावली श्रीमद्देवी भागवतांतर्गत ॥ श्रीगायत्रीसहस्रनामस्तोत्रम् श्रीमद्देवी भागवतांतर्गत ॥ विनियोगः- ॐ अस्य श्रीगायत्री अष्टोत्तर सहस्रनाम स्तोत्रस्य श्री ब्रह्मा ऋषिः अनुष्टुप् छन्दः श्रीदेवी गायत्री देवता हलो बीजानि स्वराः शक्त्यः सर्वाभीष्ट सिद्ध्यर्थे पाठे विनियोगः । ऋष्यादिन्यासः- श्रीब्रह्मा ऋषये नमः शिरसि । अनुष्टुप् छन्दसे नमः मुखे । श्रीदेवी गायत्र्यै नमः हृदि । हल्भ्यो बीजेभ्यो नमः गुह्ये । स्वरेभ्यः शक्तिभ्यः नमः पादयोः ।… Read More
॥ गायत्र्यथर्वशीर्षम् ॥ ॥ गायत्र्यथर्वशीर्षम् ॥ ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ नमस्कृत्य भगवान् याज्ञवल्क्यः स्वयं परिपृच्छति- त्वं ब्रूहि भगवन् ! गायत्र्या उत्पत्तिं श्रोतुमिच्छामि ॥ १ ॥ ब्रह्मोवाच – प्रणवेन व्याहृतयः प्रवर्तन्ते । तमसस्तु परं ज्योतिः कः पुरुषः स्वयम्भूर्विष्णुरिति हताः स्वाङ्गुल्याः मथयेत् पाठान्तर – … Read More
भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ३६ से ३८ भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ३६ से ३८ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) अध्याय – ३६ से ३८ सर्पों की भिन्न-भिन्न जातियाँ, सर्पों के काटने के लक्षण, पञ्चमी तिथि का नागों से सम्बन्ध और पञ्चमी-तिथि में नागों के पूजन का फल एवं विधान गौतम मुनि ने कश्यपजी से… Read More