दृष्टि मोहन मंत्र विधि – इस मंत्र का 108 बार जाप करते हुए यदि किसी स्त्री से नजर मिलायी जाये तो वह वशीभूत हो जाती है। मंत्र का प्रयोग करने से पूर्व किसी भी शुभ मुर्हत में इस मंत्र को विधिपूर्वक सिद्ध अवश्य कर लेना चाहिए।… Read More


हाजरात का सिद्धि मन्त्र विधिः- इस प्रयोग में बालक/बालिका ही का भी प्रयोग किया जा सकता। काजल को हथेली में वृत्ताकर एक रुपये के सिक्के के बराबर गोलाई में लगाया जा सकता है अथवा नाखून पर भी लगाया जा सकता है। आरम्भ में कज्जल वृत्त में प्रकाश की किरणें फूटती हैं फिर नाग के दर्शन… Read More


ॐ श्रीपरमात्मने नम : श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) विवाह-सम्बन्धी तत्त्वों का निरूपण, विवाहयोग्य कन्या के लक्षण, आठ प्रकार के विवाह, ब्रह्मावर्त, आर्यावर्त आदि उत्तम देशों का वर्णन ब्रह्माजी बोले — मुनीश्वरो ! जो कन्या माता की सपिण्ड अर्थात् माता की सात पीढ़ी के अन्तर्गत की न हो तथा पिता के समान… Read More


॥ पार्वती – मंगल ॥ – हिन्दी भावार्थ सहित ॥ श्रीहरि: ॥ ॥ पार्वती-मंगल ॥ बिनइ गुरहि गुनिगनहि गिरिहि गननाथहि । हृदयँ आनि सिय राम धरे धनु भाथहि ॥ १ ॥ गावउँ गौरि गिरीस बिबाह सुहावन । पाप नसावन पावन मुनि मन भावन ॥ २ ॥ ‘गुरु’ की, ‘गुणी लोगों’ (विज्ञजनों) – की, ‘पर्वतराज’ (हिमालय)… Read More


जैन वशीकरण मन्त्र विधिः- किसी भी शुभ मुहूर्त में एक काष्ठ पात्र पर यह मंत्र लिखें तथा शुभ मुहूर्त में ही उस काष्ठ-पात्र की स्थापना एक अलग कमरे में करें तथा इसके बायें तरफ पार्श्व-नाथ की प्रतिमा स्थापित करें और मयूर-शिखा का मूल काष्ठपात्र के आगे रखें।… Read More


जल आकर्षण मन्त्र विधिः- इस मन्त्र को ग्रहण के समय 2100 बार जाप करके सिद्ध कर लें, तत्पश्चात् थोड़ा-सा जल लेकर इस मंत्र से 108 बार अभिमन्त्रित कर सोते समय अपने सिरहाने के नीचे रख दें और मध्य रात्रि को उठकर इस जल को पी जाएं । इस तरह 41 दिन तक प्रयोग करने से… Read More


सभा मोहिनी काजल विधिः- सर्वप्रथम किसी भी शुभ मुर्हत में सवा लाख गेहूं के दानों को इस मन्त्र द्वारा विधिपूर्वक अभिमन्त्रित करें। प्रत्येक गेहूं के दाने पर एक-एक मन्त्र पढ़कर अभिमन्त्रित करना चाहिए। फिर गेहूं का आटा बनवा कर कढ़ाई गौसुल आजम दस्तगीर की तैयार करवा कर भोग लगा कर इस मन्त्र द्वारा सुरमे को… Read More


भविष्यपुराण – ब्राह्म पर्व – अध्याय ६ ॐ श्रीपरमात्मने नम : श्रीगणेशाय नम: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (ब्राह्मपर्व) ग्रहस्थाश्रम में धन एवं स्त्री की महत्ता, धन-सम्पादन करने की आवश्यकता तथा समान कुल में विवाह-सम्बन्ध की प्रशंसा राजा शतानीक ने सुमन्तु मुनि से पूछा — भगवन ! स्त्रियों के लक्षणों को तो मैंने सुना, अब… Read More


जप द्वारा वशीकरण मन्त्र मन्त्रः- “ऐं सहवल्लरि॥ क्लीं कर ॥ क्लीं काम पिशाच ॥ ‘अमुकी’ काम ग्राह्य॥ स्वप्ने मन रूपे॥ नरवैर्विदारय ॥ नरवैर्विदारय॥ द्रावय-द्रावय ॥ रद महेन॥ बन्धय-बन्धय। श्री फट ॥”… Read More


मिट्टी वशीकरण शाबर मन्त्र मन्त्रः- “काला कलुवा चौसठ बीर ॥ ताल भागी तोर ॥ जहां को भेजू ॥ वहीं को जाए। मांस मज्जा को ॥ शब्द बन जाए । अपना मारा । आप दिखावे ॥ चलत वाण मा। उलट मूठ मारूँ ॥ मार-मार कलवा। तेरी आस चार । चौमुख दीया ॥ मार बांदी की छाती… Read More