त्वरित रुद्रमन्त्र प्रयोगः ॥ अथ त्वरित रुद्रमन्त्र प्रयोगः॥ (हेमाद्रिशांति रत्नेषु) इस मन्त्र का प्रयोग सभी कामनाओं की सिद्धि हेतु तथा विघ्ननाश हेतु किया जाता है । औषधोपचार में यदि दवाकाम नहीं कर रही है तो इसके प्रयोग से मार्गदर्शन होकर रोगी को लाभ प्राप्त होगा । मन्त्रोयथा – ॐ यो रुद्रो ऽग्नौ योऽप्सुय ओषधीषु यो रुद्रो विश्वाभुवनाविवेश तस्मै… Read More
दशाक्षररुद्र मन्त्र विधानम् ॥ अथ दशाक्षररुद्र मन्त्र विधानम् ॥ रुद्रयाग व विशिष्ट साधना में विविध ऋचाओं से न्यास किये जाते है । मन्त्र – ॐ नमो भगवते रुद्राय। विनियोगः – ॐ अस्य श्री रुद्रमन्त्रस्य बोधायन ऋषिः, पंक्ति छन्दः, रुद्रो देवता ममाभिष्ट सिद्ध्यर्थे जपे विनियोगः ॥ ऋषिन्यासः- ॐ बोधायनर्षये नमः शिरसि, पंक्ति छन्दसे नमः मुखे, रुद्र देवतायै नमः हृदि,… Read More
अष्टाक्षरी शिवमन्त्र प्रयोगः ॥ अष्टाक्षरी शिवमन्त्र प्रयोगः ॥ उमापति (शारदायाम्) मन्त्र – “ह्रीं ॐ नमः शिवाय ह्रीं” । विनियोगः – ॐ अस्य श्रीशिवाष्टाक्षर मन्त्रस्य वामदेव ऋषिः, पंक्ति छन्दः, उमापतिर्देवता सर्वेष्टसिद्धये जपे विनियोगः । ऋषिन्यासः – ॐ वामदेवर्षये नमः शिरसि, पंक्ति छन्दसे नमः मुखे, उमापतिदेवतायै नमः हृदि, विनियोगाय नमः सर्वाङ्गे ॥… Read More
शिव ताण्डव स्तोत्रम् ॥ अथ रावणकृत शिव ताण्डव स्तोत्रम् ॥ ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम् । डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम् ॥ १ ॥ जटाकटाहसम्भ्रमभ्रमन्निलिम्पनिर्झरी- विलोलवीचिवल्लरीविराजमानमूर्द्धनि । धगद्धगद्धगज्ज्वलल्ललाटपट्टपावके किशोरचन्द्रशेखरे रतिः प्रतिक्षणं मम ॥ २ ॥… Read More
द्वादश ज्योतिर्लिङ्ग स्तोत्रम् ॥ द्वादश ज्योतिर्लिङ्ग स्तोत्रम् ॥ सौराष्ट्रदेशे विशदेऽतिरम्ये ज्योतिर्मयं चन्द्रकलावतंसम् । भक्तिप्रदानाय कृपावतीर्णं तं सोमनाथं शरणं प्रपद्ये ॥ १ ॥ श्रीशैलशृङ्गे विबुधातिसङ्गे तुलाद्रितुङ्गेऽपि मुदा वसन्तम् । तमर्जुनं मल्लिकपूर्वमेकं नमामि संसारसमुद्रसेतुम् ॥ २ ॥… Read More
शिव पञ्चाक्षरी मन्त्र प्रयोगः ॥ अथ शिव पञ्चाक्षरी मन्त्र प्रयोगः ॥ मन्त्र – (शारदायाम्) “नमः शिवाय” एवं षडाक्षरी ” ॐ नमः शिवाय” ऋष्यादि से विनियोग करके न्यास करें – विनियोगः- अस्य मन्त्रस्य वामदेव ऋषिः, पंक्ति छन्द, ईशान देवता, ॐ बीजाय, नमः शक्तये, शिवायेति कीलकाय, सदाशिव प्रसन्नार्थे जपे विनियोगः । ऋष्यादिन्यासः- ॐ वामदेवर्षये नमः शिरसि । पंक्ति छन्दसे नमः मुखे… Read More
शिव मानस पूजा ॥ शिव मानस पूजा ॥ रत्नैः कल्पितमासनं हिम-जलैः स्नानं च दिव्याम्बरं नाना-रत्न-विभूषितं मृगमदामोदाङ्कितं चन्दनं । जाती-चम्पक-बिल्व-पत्र-रचितं पुष्पं च धूपं तथा, दीपं देव दयानिधे पशुपते हृत-कल्पितं गृह्यताम् ॥ १ ॥… Read More
श्रीशिवापराधक्षमापणस्तोत्रम् अथवा शिवापराधभञ्जनस्तोत्रम् ॥ श्रीशिवापराधक्षमापणस्तोत्रम् अथवा शिवापराधभञ्जनस्तोत्रम् ॥ आदौ कर्मप्रसङ्गात् कलयति कलुषं मातृकुक्षौ स्थितं मां विण्मूत्रामेध्यमध्ये क्वथयति नितरां जाठरो जातवेदाः । यद्यद्वै तत्र दुःखं व्यथयति नितरां शक्यते केन वक्तुं क्षन्तव्यो मेऽपराधः शिव शिव शिव भो श्रीमहादेव शम्भो ॥ १ ॥… Read More
शिवपंचाक्षरस्तोत्र ॥ शिव पंचाक्षर स्तोत्र ॥ नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय भस्माङ्गरागाय महेश्वराय । नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय तस्मै ‘न’ काराय नमः शिवाय ॥ १ ॥ मन्दाकिनि-सलिलचन्दन-चर्चिताय नन्दीश्वर-प्रमथनाथ- महेश्वराय । मन्दारपुष्प-बहुपुष्प-सुपूजिताय तस्मै ‘म’ काराय नमः शिवाय ॥ २ ॥… Read More
श्री शिवमहिम्नस्तोत्रम् ॥ अथ श्री शिव महिम्न स्तोत्रम् ॥ [एक समय की बात है जब चित्ररथ नामक शिवभक्त राजा हुए जिन्होंने अपने राज्य में कई प्रकार के पुष्पों का एक उद्यान बनवाया, वह शिवपूजन के लिये पुष्प वहीं से ले जाते थे। महान् शिवभक्त गंधर्व पुष्पदंत देवराज इंद्र की सभा के मुख्य गायक थे, एक दिन उनकी… Read More