॥ श्रीशिव प्रातः स्मरण स्तोत्रम् ॥ प्रातः स्मरामि भवभीतिहरं सुरेशं गङ्गाधरं वृषभवाहनमम्बिकेशम् । खट्वाङ्गशूलवरदाभयहस्तमीशं संसाररोगहरमौषधमद्वितीयम् ॥ १ ॥… Read More


भगवान् शिव को नमस्कार नमः शम्भवाय च मयोभवाय च नमः शङ्कराय च । मयस्कराय च नमः शिवाय च शिवतराय च ॥ कल्याण एवं सुख के मूल स्रोत भगवान् शिव को नमस्कार है । कल्याण के विस्तार करनेवाले तथा सुख के विस्तार करनेवाले भगवान् शिव को नमस्कार है । मंगलस्वरूप और मंगलमयता की सीमा भगवान् शिव… Read More


॥ अष्टमूर्तिस्तव अथवा मूर्त्यष्टकस्तोत्र ॥ संजीवनीविद्या प्रदान करनेवाली स्तुति महर्षि भृगु के वंश में उत्पन्न श्रीशुक्राचार्य महान् शिवभक्तों में परिगणित हैं । इन्होंने काशीपुरी में आकर एक शिवलिंग की स्थापना की, जो शुक्रेश्वर नाम से प्रसिद्ध हुआ । भगवान् विश्वनाथ का ध्यान करते हुए इन्होंने बहुत कालतक घोर तप किया । उनकी उग्र तपस्या से… Read More


॥ भगवान् शिव के विभिन्न मन्त्र ॥ एकाक्षरीमंत्र – ‘हौं’ । हिन्दी तन्त्रसार में ऋषि वामदेव, छन्द पंक्ति, देवता सदाशिव कहे गये है । शारदा तिलक में ‘हं’ बीज औं’ शक्ति बतलाया गया है । एकाक्षर चिंतामणि – ‘क्ष्रौं’ । शारदा तिलक के अनुसार यह भगवान शिव के उत्तरवक्त्र से सम्बन्धित है । ऋषि काश्यप,… Read More


॥ अथ गुह्यकाली शान्ति स्तोत्रम् ॥ काली काली महाकालि कालिके पापहारिणि । धर्ममोक्षप्रदे देवि गुह्यकालि नमोऽस्तुते ॥ १ ॥ संग्रामे विजयं देहि धनं देहि सदा गृहे । धर्मकामार्थसंपत्तिं देहि कालि नमोऽस्तुते ॥ २ ॥ उल्कामुखि ललज्जिह्वे घोररावे भगप्रिये । श्मशानवासिनि प्रेते शवमांसप्रियेऽनघे ॥ ३ ॥… Read More


॥ अथ विश्वमङ्गल गुह्यकाली कवचम् ॥ विनियोगः- ॐ अस्य श्रीविश्वमङ्गलनाम्नो गुह्यकाली महावज्र कवचस्य संवर्तऋषिरनुष्टप्छन्दः, एकवक्त्रादि शतवक्त्रान्ता गुह्यकाली देवता, फ्रें बीजं, ख्फ्रें शक्तिः, छ्रीं कीलकं सर्वाभीष्टसिद्धि पूर्वकात्मरक्षणे जपे विनियोगः । ॐ फ्रें पातु शिरः सिद्धिकराली कालिका मम । ह्रीं छ्रीं ललाटं मे सिद्धिविकरालि सदावतु ॥ १ ॥ श्रीं क्लीं मुखं चण्डयोगेश्वरी रक्षतु सर्वदा । हूं स्त्रीं… Read More


॥ गुह्यकाली : विविध न्यास प्रयोगाः 10 ॥ ॥ गुह्यकाली विविध न्यास प्रयोगाः 01 ॥ ॥ गुह्यकाली विविध न्यास प्रयोगाः 02 ॥ ॥ गुह्यकाली विविध न्यास प्रयोगाः 03 ॥ ॥ गुह्यकाली विविध न्यास प्रयोगाः 04 ॥ ॥ गुह्यकाली विविध न्यास प्रयोगाः 05 ॥ ॥ गुह्यकाली विविध न्यास प्रयोगाः 06 ॥ ॥ गुह्यकाली विविध न्यास प्रयोगाः… Read More


॥ गुह्यकाली : विविध न्यास प्रयोगाः 09 ॥ ॥ गुह्यकाली विविध न्यास प्रयोगाः 01 ॥ ॥ गुह्यकाली विविध न्यास प्रयोगाः 02 ॥ ॥ गुह्यकाली विविध न्यास प्रयोगाः 03 ॥ ॥ गुह्यकाली विविध न्यास प्रयोगाः 04 ॥ ॥ गुह्यकाली विविध न्यास प्रयोगाः 05 ॥ ॥ गुह्यकाली विविध न्यास प्रयोगाः 06 ॥ ॥ गुह्यकाली विविध न्यास प्रयोगाः… Read More


॥ अथ गुह्यकाली विविध न्यास प्रयोगाः 08 ॥ ॥ गुह्यकाली विविध न्यास प्रयोगाः 01 ॥ ॥ गुह्यकाली विविध न्यास प्रयोगाः 02 ॥ ॥ गुह्यकाली विविध न्यास प्रयोगाः 03 ॥ ॥ गुह्यकाली विविध न्यास प्रयोगाः 04 ॥ ॥ गुह्यकाली विविध न्यास प्रयोगाः 05 ॥ ॥ गुह्यकाली विविध न्यास प्रयोगाः 06 ॥ ॥ गुह्यकाली विविध न्यास प्रयोगाः… Read More


॥ अथ गुह्यकाली विविध न्यास प्रयोगाः 07 ॥ ॥ गुह्यकाली विविध न्यास प्रयोगाः 01 ॥ ॥ गुह्यकाली विविध न्यास प्रयोगाः 02 ॥ ॥ गुह्यकाली विविध न्यास प्रयोगाः 03 ॥ ॥ गुह्यकाली विविध न्यास प्रयोगाः 04 ॥ ॥ गुह्यकाली विविध न्यास प्रयोगाः 05 ॥ ॥ गुह्यकाली विविध न्यास प्रयोगाः 06 ॥ ॥ २०. विराट् न्यासः॥ ॐ… Read More