शाबर साधना रक्षा यदि ‘शरीर रक्षा’ का मन्त्र पढ़कर पहले से ही अपने शरीर को सुरक्षित कर लिया जाए, तो किसी मन्त्र-तंत्र का कोई प्रभाव शरीर पर नहीं होगा । यहां शरीर रक्षा, स्थान (आसन बंधन) एवं दिग बंधन से सम्बंधित मंत्रों का वर्णन है — प्रयोग 1 — नीचे लिखे मन्त्र को सबसे पहले… Read More


दरगाह-सिद्धि का शाबर मन्त्र विधि — आपत्ति, कष्ट, आपदा, विपदा, उपद्रव, बाधा, पीड़ा, तनाव – पूर्ण – स्थिति या धर्म-सङ्कट से बचने का कोई मार्ग न मिल रहा हो, तब इस ‘प्रयोग’ से ईप्सित शान्ति प्राप्त होती है । कई लोगों ने इस प्रयोग से अपने कष्टों का निवारण किया है । किसी भी पाक-साफ… Read More


शत्रु को परास्त करने का मुस्लिम शाबर मन्त्र Shabar Mantra For Enemy Overthrown विधि — निम्न मन्त्र के रिक्त स्थानों (—–) पर शत्रु का नाम लेवें । शत्रु के नाम के साथ उसकी माँ का नाम भी । उदाहरणार्थ, सलीम सलमा का बेटा या बेटी या सलमा का बेटा या बेटी सलीम, इस्लामी ‘मन्त्र’ का… Read More


श्रीनृसिंह पूजन विधि वैष्णव भक्तों को नृसिंह जयन्ती के दिन नृसिंह जी की षोडशोपचार विधि से पूजा-अर्चना करनी चाहिए । इस दिन भगवान् नृसिंह की पूजा करने से उनकी विशिष्ट कृपा प्राप्त होती है । पूजन विधि:- पूजाकक्ष या किसी अन्य कक्ष में चौकी पर पीला रेशमी वस्त्र बिछाकर उस पर अष्टदल कमल चावलों से… Read More


॥ नृसिंह लक्ष्मी ॥ एकत्रिंशद्वर्णो मन्त्रः- “ॐ श्रीं ह्रीं जयलक्ष्मीप्रियाय नित्यप्रमुदितचेतसे लक्ष्मीश्रितार्ध – देहाय श्रीं ह्रीं नमः ॥” विनियोगः – ॐ अस्य मन्त्रस्य पद्मोभव ऋषिः । अतिजगती छन्दः । श्रीनरकेसरी देवता । श्रीं बीजम् । ह्रीं शक्तिः ममाभीष्ट सिद्ध्यर्थे जपे विनियोगः । ऋषिन्यासः- ॐ पद्मोभव ऋषये नमः शिरसि । अति जगती छन्दसे नमः मुखे ।… Read More


॥ नृसिंह द्वात्रिंशद्वर्णात्मको मन्त्रः ॥ मन्त्रः- “ॐ उग्रंवीरं महाविष्णुं ज्वलंतं सर्वतोमुखम् । नृसिंहं भीषणं भद्रं मृत्युमृत्यं नमाम्यहम् ॥” मृत्युमृत्यु का अर्थ है मृत्यु की मृत्यु करने वाले आप काल के भी काल हैं अर्थात् कालमृत्यु आपके वश में हैं, मन्त्र में ऐसी भावना रखें । विनियोग:- ॐ अस्य मन्त्रस्य ब्रह्माऋषिः, अनुष्टप् छन्दः, श्रीनरसिंहो देवता, हं… Read More


भगवान् नृसिंह मन्त्र प्रयोगः ॥ षडक्षर नृसिंह मन्त्र ॥ मन्त्रः- “आं ह्रीं क्ष्रों क्रौं हुं फट् ।” विनियोगः- अस्य मन्त्रस्य ब्रह्मा ऋषिः, पंक्ति छन्दः, नरसिंहो देवता सर्वेष्ट सिद्धये जपे विनियोग । मेरुतन्त्र में मन्त्रः- “आं ह्रीं ज्रों क्रों ह्रां फट्” है । ऋषिन्यासः- ॐ ब्रह्मऋषये नमः शिरसि । ॐ पंक्ति छन्दसे नमः मुखे । ॐ… Read More


भगवान् नृसिंह के चमत्कारी  मन्त्र भगवान् विष्णु के अवतारों में भगवान् नृसिंह की उपासना भीषण संकट के निवारण, शत्रु विनाश और आत्मरक्षा, कार्यों में सफलता, लक्ष्मी प्राप्ति आदि के उद्देश्य से की जाती है । शास्त्रों में भगवान् नृसिंह के अनेक मन्त्र दिए गए हैं । उनमें से कतिपय मन्त्र यहाँ प्रस्तुत हैं । 1.… Read More


॥ श्री नृसिंह कवच ॥ नृसिंह कवचम वक्ष्येऽ प्रह्लादनोदितं पुरा । सर्वरक्षाकरं पुण्यं सर्वोपद्रवनाशनं ॥ सर्वसंपत्करं चैव स्वर्गमोक्षप्रदायकम । ध्यात्वा नृसिंहं देवेशं हेमसिंहासनस्थितं॥ विवृतास्यं त्रिनयनं शरदिंदुसमप्रभं । लक्ष्म्यालिंगितवामांगम विभूतिभिरुपाश्रितं ॥… Read More


शत्रुबाधा निवारण हेतु नृसिंह कवच प्रयोग सर्वप्रथम दाहिने हाथ में जल लेकर निम्नलिखित विनियोग का पाठ करें :- विनियोगः- “ॐ अस्य श्रीनृसिंह कवच मन्त्रस्य प्रजापतिर्ऋषिः गायत्रीश्छन्दः नृसिंह देवता, क्ष्रौं बीजं, मम सर्वारिष्ट च शत्रुक्षयाय पूर्वकं ममाभीष्ट सिद्ध्यर्थे जपे विनियोगः ॥” ध्यान :- हाथ में पुष्प लेकर भगवान् नृसिंह का निम्नलिखित श्लोक से ध्यान करें :… Read More