श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-षष्ठ स्कन्धः-अध्याय-17 May 1, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-षष्ठ स्कन्धः-अध्याय-17 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ पूर्वार्द्ध-षष्ठ स्कन्धः-सप्तदशोऽध्यायः सत्रहवाँ अध्याय भगवती की कृपा से भार्गव ब्राह्मणी की जंघा से तेजस्वी बालक की उत्पत्ति, हैहयवंशी क्षत्रियों की उत्पत्ति की कथा हैहयैर्धनाहरणेन सह भृगूणां वधवर्णनम् जनमेजय बोले — भृगुवंश की स्त्रियों का पुनः दुःखरूप समुद्र से कैसे उद्धार हुआ… Read More
श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-षष्ठ स्कन्धः-अध्याय-16 May 1, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-षष्ठ स्कन्धः-अध्याय-16 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ पूर्वार्द्ध-षष्ठ स्कन्धः-षोडशोऽध्यायः सोलहवाँ अध्याय हैहयवंशी क्षत्रियों द्वारा भृगुवंशी ब्राह्मणों का संहार हैहयैर्धनाहरणेन सह भृगूणां वधवर्णनम् जनमेजय बोले — जिन हैहय क्षत्रियों ने ब्रह्महत्या की लेशमात्र भी चिन्ता न करके भृगुवंशी ब्राह्मणों का वध कर दिया, वे किसके कुल में उत्पन्न हुए… Read More
श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-षष्ठ स्कन्धः-अध्याय-15 April 30, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-षष्ठ स्कन्धः-अध्याय-15 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ पूर्वार्द्ध-षष्ठ स्कन्धः-पञ्चदशोऽध्यायः पन्द्रहवाँ अध्याय भगवती की कृपा से निमि को मनुष्यों के नेत्र – पलकों में वासस्थान मिलना तथा संसारी प्राणियों की त्रिगुणात्मकता का वर्णन देवीमहिम्नि नानाभाववर्णनम् जनमेजय बोले — आपने वसिष्ठ की शरीर प्राप्ति का वर्णन किया; निमि ने पुनः… Read More
श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-षष्ठ स्कन्धः-अध्याय-14 April 30, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-षष्ठ स्कन्धः-अध्याय-14 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ पूर्वार्द्ध-षष्ठ स्कन्धः-चतुर्दशोऽध्यायः चौदहवाँ अध्याय राजा निमि और वसिष्ठ का एक-दूसरे को शाप देना, वसिष्ठ का मित्रावरुण के पुत्र के रूप में जन्म लेना वसिष्ठस्य मैत्रावरुणिरितिनामवर्णनम् जनमेजय बोले — हे महाभाग ! ब्रह्मा के पुत्र मुनि वसिष्ठ का ‘मैत्रावरुणि’ — यह नाम… Read More
श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-षष्ठ स्कन्धः-अध्याय-13 April 30, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-षष्ठ स्कन्धः-अध्याय-13 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ पूर्वार्द्ध-षष्ठ स्कन्धः-त्रयोदशोऽध्यायः तेरहवाँ अध्याय राजा हरिश्चन्द्र का शुनःशेप को यज्ञीय पशु बनाकर यज्ञ करना, विश्वामित्र से प्राप्त वरुणमन्त्र के जप से शुनःशेप का मुक्त होना, परस्पर शाप से विश्वामित्र और वसिष्ठ का बक तथा आडी होना आडीबकयुद्ध वर्णनसहितं देवीमाहात्म्यवर्णनम् इन्द्र बोले… Read More
श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-षष्ठ स्कन्धः-अध्याय-12 April 30, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-षष्ठ स्कन्धः-अध्याय-12 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ पूर्वार्द्ध-षष्ठ स्कन्धः-द्वादशोऽध्यायः बारहवाँ अध्याय पवित्र तीर्थों का वर्णन, चित्तशुद्धि की प्रधानता तथा इस सम्बन्ध में विश्वामित्र और वसिष्ठ के परस्पर वैर की कथा, राजा हरिश्चन्द्र का वरुणदेव के शाप से जलोदरग्रस्त होना हरिश्चन्द्रस्य जलोदरव्याधिपीडावर्णनम् राजा बोले — हे मुनिश्रेष्ठ ! अब… Read More
श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-षष्ठ स्कन्धः-अध्याय-11 April 29, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-षष्ठ स्कन्धः-अध्याय-11 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ पूर्वार्द्ध-षष्ठ स्कन्धः-एकादशोऽध्यायः ग्यारहवाँ अध्याय युगधर्म एवं तत्सम्बन्धी व्यवस्था का वर्णन युगधर्मव्यवस्थावर्णनम् जनमेजय बोले — हे द्विजश्रेष्ठ ! पृथ्वी का भार उतारने के लिये बलराम और श्रीकृष्ण के अवतार की बात आपने कही, किंतु मेरे मन में एक संशय है ॥ १… Read More
श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-षष्ठ स्कन्धः-अध्याय-10 April 29, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-षष्ठ स्कन्धः-अध्याय-10 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ पूर्वार्द्ध-षष्ठ स्कन्धः-दशमोऽध्यायः दसवाँ अध्याय कर्म की गहन गति का वर्णन तथा इस सम्बन्ध में भगवान् श्रीकृष्ण और अर्जुन का उदाहरण कर्मणां गहनगतिवर्णनम् जनमेजय बोले — हे ब्रह्मन् ! आपने अद्भुत कर्म करने वाले इन्द्र का आख्यान कहा, जिसमें उनके पदच्युत होने… Read More
श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-षष्ठ स्कन्धः-अध्याय-09 April 29, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-षष्ठ स्कन्धः-अध्याय-09 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ पूर्वार्द्ध-षष्ठ स्कन्धः-नवमोऽध्यायः नौवाँ अध्याय शची का इन्द्र से अपना दुःख कहना, इन्द्र का शची को सलाह देना कि वह नहुष से ऋषियों द्वारा वहन की जा रही पालकी में आने को कहे, नहुष का ऋषियों द्वारा वहन की जा रही पालकी… Read More
श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-षष्ठ स्कन्धः-अध्याय-08 April 29, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-षष्ठ स्कन्धः-अध्याय-08 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ पूर्वार्द्ध-षष्ठ स्कन्धः-अष्टमोऽध्यायः आठवाँ अध्याय इन्द्राणी को बृहस्पति की शरण में जानकर नहुष का क्रुद्ध होना, देवताओं का नहुष को समझाना, बृहस्पति के परामर्श से इन्द्राणी का नहुष से समय माँगना, देवताओं का भगवान् विष्णु के पास जाना और विष्णु का उन्हें… Read More