शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 39 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः उनतालीसवाँ अध्याय शिव और शंखचूड के महाभयंकर युद्ध में शंखचूड के सैनिकों के संहार का वर्णन व्यासजी बोले — हे महाप्राज्ञ ! भद्रकाली के वचन को सुनकर शिवजी ने क्या कहा और क्या किया ? उसे आप तत्त्वतः कहिये, मुझे सुनने… Read More


शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 38 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः अड़तीसवाँ अध्याय श्रीकाली का शंखचूड के साथ महान् युद्ध, आकाशवाणी सुनकर काली का शिव के पास आकर युद्ध का वृत्तान्त बताना सनत्कुमार बोले — [हे व्यास!] महादेवी ने युद्धस्थल में पहुँचते ही सिंहनाद किया, देवी के उस नाद से दानव मूर्च्छित… Read More


शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 37 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः सैंतीसवाँ अध्याय शंखचूड के साथ कार्तिकेय आदि महावीरों का युद्ध सनत्कुमार बोले — [हे व्यासजी!] उस समय दानवों ने सभी देवताओं को पराजित कर दिया, जिससे शस्त्रास्त्रों से क्षत-विक्षत अंगोंवाले देवता भयभीत होकर भागने लगे ॥ १ ॥ वे लौटकर शिवजी… Read More


शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 36 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः छत्तीसवाँ अध्याय शंखचूड को उद्देश्यकर देवताओं का दानवों के साथ महासंग्राम सनत्कुमार बोले — उस दूत ने वहाँ जाकर शिवजी की सारी बात तथा उनका निश्चय विस्तारपूर्वक यथार्थ रूप से कह दिया ॥ १ ॥ उसे सुनकर उस प्रतापी दानवेन्द्र शंखचूड… Read More


दो लोगों के बीच लड़ाई करवाकर अलग करने का टोटका विद्वेषण यन्त्र प्रयोग – 1 किसी भी दिन सफेद कागज पर काली स्याही अथवा कोयले से नीचे दिये गये यन्त्र को लिख कर दीया बाती करने के उपरान्त जलाकर राख को घर से बाहर फेंक दें ।… Read More


शनि की दृष्टि पार्वती जी जब भी अपने पति शिवजी के साथ विभिन्न देवताओं के निवास स्थान पर जाती और वहाँ उनके सजे-धजे बड़े-बड़े महल देखतीं, तो उन्हें बड़ी हीनता का बोध होता । वे यह महसूस करतीं कि उनसे छोटे-छोटे देवताओं के पास भी बड़े-बड़े आलीशान महल है, परन्तु स्वयं उनके पास कुछ भी… Read More


गणेशजी ने तोड़ा कुबेर का घमंड देवताओं के कोषाध्यक्ष कुबेरदेव को इस बात का घमंड हो गया था कि वे देवताओं के धन के अधिपति हैं । वो देवताओं का धन खुद के कामों में उपयोग करने लगे । एक दिन वे शिवजी के पास गए और कहा कि मैं आपको अपने घर खाने पर… Read More


हजरत गौसुल आजम का फालनामा यह फालनामा हजरत गौसुल आजम ने तैयार किया था । इस फालनामे को मुसलमानों में अत्यधिक आदर-सम्मान और मान-प्रतिष्ठा दी जाती है । फालनामा देखने की विधि – सर्वप्रथम प्रश्नकर्ता स्नान-ध्यान, पूजा-पाठ इत्यादि से निबटकर शुद्ध मन से पूर्ण श्रद्धा और विश्वास के साथ अपनी आंखें बंद करके किसी भी… Read More


शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 35 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः पैंतीसवाँ अध्याय शंखचूड का अपने एक बुद्धिमान् दूत को शंकर के पास भेजना, दूत तथा शिव की वार्ता, शंकर का सन्देश लेकर दूत का वापस शंखचूड के पास आना सनत्कुमार बोले — [हे व्यास!] वहाँ स्थित होकर उस दानवेन्द्र ने अत्यन्त… Read More


शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 34 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः चौंतीसवाँ अध्याय तुलसी से विदा लेकर शंखचूड का युद्ध के लिये ससैन्य पुष्पभद्रा नदी के तट पर पहुँचना व्यासजी बोले — हे महाबुद्धिमान् ब्रह्मपुत्र ! हे मुने ! आप चिरकाल तक जीवित रहें, आपने शिवजी का बड़ा विचित्र चरित्र वर्णन किया… Read More